यूपी की 11 एमएलसी सीटों पर देर रात तक घमासान, मेरठ में भाजपा का क्लीन स्वीप, आगरा में सपा की बढ़त

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना के दौरान मेरठ में भाजपा ने स्नातक और शिक्षक दोनों सीटें जीत लीं, जबकि बरेली में भी भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों विजयी रहे। गोरखपुर में देर रात तक भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी मामूली अंतर से आगे बताए गए, जबकि वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव बढ़त बनाए हुए थे। आगरा शिक्षक सीट पर सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल की बढ़त 3,000 से अधिक वोटों तक पहुंचने की खबर आई। मतगणना में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच लखनऊ में भाजपा और सपा नेताओं के बीच विवाद भी हुआ।

Oct 28, 2026 - 02:13
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यूपी की 11 एमएलसी सीटों पर देर रात तक घमासान, मेरठ में भाजपा का क्लीन स्वीप, आगरा में सपा की बढ़त

मेरठ की स्नातक और शिक्षक दोनों सीटों पर भाजपा ने दर्ज की जीत, बरेली में भी भाजपा प्रत्याशी विजयी, आगरा शिक्षक सीट पर आकाश अग्रवाल की बढ़त से सियासी हलचल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर 27 अक्टूबर को शुरू हुई मतगणना देर रात तक जारी है। कई सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा है । मेरठ में भाजपा ने स्नातक और शिक्षक दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम किया, जबकि बरेली में भी भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने जीत हासिल की। दूसरी ओर, आगरा की शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल की बढ़त ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

मतगणना के दौरान कई केंद्रों पर मतपत्रों की गिनती में देरी, आपत्तियों और कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक तनाव भी देखने को मिला। लखनऊ में मतगणना केंद्र के प्रवेश द्वार पर भाजपा और सपा नेताओं के बीच कहासुनी और गाली-गलौज की स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर मामला संभाला। 

मेरठ में भाजपा की दोनों सीटों पर जीत

मेरठ में भाजपा ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। स्नातक सीट पर भाजपा प्रत्याशी दिनेश गोयल ने सपा के प्रमेंद्र सिंह भाटी को हराया। उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में जीत का अंतर करीब 12,855 वोट बताया गया। वहीं, शिक्षक सीट पर भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने सपा प्रत्याशी नितिन तोमर को लगभग 13,241 वोटों से पराजित किया। दोनों सीटों पर जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। मेरठ के परिणामों ने प्रदेश की अन्य सीटों पर जारी मुकाबले के बीच पार्टी को शुरुआती बढ़त दिलाई। 

बरेली में डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने मारी बाजी

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने जीत दर्ज की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 17,676 वोटों से हराया। इस जीत से भाजपा को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली।

गोरखपुर और वाराणसी में मुकाबला दिलचस्प

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में देर रात तक मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ था। रात 12 बजे तक भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी करीब 110 वोटों से आगे बताए जा रहे थे। निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव और सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी भी मुकाबले में बने हुए थे। ऐसे में अंतिम परिणाम के लिए मतगणना पूरी होने और आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा था। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव बढ़त बनाए हुए थे। भाजपा प्रत्याशी प्रमोद मिश्रा उनके मुकाबले में थे। यहां भी मतगणना के अंतिम आंकड़ों पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी रहीं। 

आगरा शिक्षक सीट पर आकाश अग्रवाल की बढ़त, भाजपा की मुश्किलें बढ़ीं

आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल और भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी के बीच मुकाबला लगातार चर्चा में बना रहा। देर रात सामने आए रुझानों में आकाश अग्रवाल की बढ़त 3,000 से अधिक वोटों तक पहुंचने की खबरें आईं। एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे राउंड में उनकी बढ़त 3,431 वोट बताई गई, हालांकि उस समय दूसरे राउंड के परिणाम की आधिकारिक घोषणा बाकी थी। मतगणना के शुरुआती चरण में भी आकाश अग्रवाल ने बढ़त बनाई थी। पहले राउंड के आंकड़ों में उन्हें 5,550 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के हरिकिशोर तिवारी को 4,859 वोट प्राप्त हुए थे। इस चरण में सपा प्रत्याशी 691 वोटों से आगे थे। बाद के रुझानों में बढ़त बढ़ने से भाजपा खेमे की चिंता बढ़ गई।

बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान के आरोपों से बढ़ा विवाद

आगरा में 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान भी चुनावी माहौल गर्म रहा था। सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान कराने के आरोप लगाए थे। उनके आरोपों के बाद चुनावी प्रक्रिया और प्रशासन की भूमिका को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी।

मतगणना के दौरान भी कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद सामने आया। संदिग्ध बताए जा रहे मतपत्रों पर आपत्तियों के कारण गिनती प्रभावित होने की खबरें आईं। सपा कार्यकर्ताओं ने मतगणना केंद्र के बाहर विरोध जताया और निष्पक्ष तरीके से मतगणना कराने की मांग की। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मतगणना रोके जाने के मुद्दे को उठाते हुए निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष अलग विषय हैं।  आकाश अग्रवाल के मतदान के दौरान कथित तौर पर मुस्लिम धर्म अपनाने की धमकी देने संबंधी बयान की भी चर्चा हुई। इस संबंध में उपलब्ध जानकारी से बयान की पूरी पृष्ठभूमि और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

लखनऊ में भाजपा-सपा नेताओं के बीच भिड़ंत

लखनऊ में स्नातक एमएलसी सीट के मतगणना केंद्र के प्रवेश द्वार पर भाजपा और सपा नेताओं के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों के नेताओं के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। अचानक बढ़े तनाव के कारण मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराकर स्थिति को संभाला। घटना ने मतगणना के दौरान राजनीतिक दलों के बीच बढ़े तनाव को उजागर किया। प्रदेश के कई निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला कड़ा होने और परिणामों में देरी के कारण प्रत्याशियों तथा समर्थकों की बेचैनी भी बढ़ती रही।

देर रात तक परिणामों पर टिकी रहीं निगाहें

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की इन 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। 23 अक्टूबर को मतदान के बाद 27 अक्टूबर की सुबह मतगणना शुरू हुई थी। मतपत्रों की छंटाई, वरीयता के आधार पर मतों की गिनती और विभिन्न आपत्तियों के कारण कई केंद्रों पर परिणाम आने में देरी हुई। मेरठ की दोनों सीटों और बरेली की शिक्षक सीट पर भाजपा की जीत ने पार्टी को राहत दी, लेकिन आगरा और वाराणसी जैसे क्षेत्रों में सपा की बढ़त ने मुकाबले को रोचक बना दिया। गोरखपुर में भी देर रात तक बेहद कम अंतर से आगे-पीछे होने की स्थिति बनी रही।

आगरा की शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी की बढ़त और स्नातक सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह (गुरुजी) के पक्ष में सामने आए शुरुआती रुझानों ने जिले में चुनावी मुकाबले को दोतरफा बना दिया। हालांकि, रुझानों को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। सभी सीटों पर आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद ही प्रदेश में दोनों दलों के प्रदर्शन की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।