आगरा एमएलसी चुनाव में 25 घंटे की मतगणना के बाद फिर जीते डॉ. आकाश अग्रवाल

आगरा शिक्षक एमएलसी सीट पर 25 घंटे तक चली मतगणना के बाद सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरिकिशोर तिवारी को हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट और कुर्ता फाड़ने के आरोपों से माहौल तनावपूर्ण रहा। रिटर्निंग अधिकारी नगेंद्र प्रताप ने डॉ. आकाश को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। वहीं आगरा स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह अंतिम नतीजे से पहले मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं।

Oct 28, 2026 - 10:46
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आगरा एमएलसी चुनाव में 25 घंटे की मतगणना के बाद फिर जीते डॉ. आकाश अग्रवाल
मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप आकाश अग्रवाल को जीत का प्रमाण पत्र देते हुए।

भाजपा के हरिकिशोर तिवारी को हराकर लगातार दूसरी बार बने शिक्षक एमएलसी, स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह की बढ़त बरकरार

आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव की मतगणना दूसरे दिन भी जारी रही। प्रदेश की कई सीटों पर नतीजे घोषित हो चुके हैं, लेकिन आगरा की शिक्षक सीट सबसे ज्यादा चर्चा में रही। करीब 25 घंटे तक चली मैराथन मतगणना और देर रात हुए हंगामे के बाद समाजवादी पार्टी के डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी को हराकर लगातार दूसरी बार शिक्षक एमएलसी बनने का रिकॉर्ड कायम किया। जीत के बाद मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग अधिकारी नगेंद्र प्रताप ने उन्हें विजयी प्रमाण पत्र सौंपा। वहीं, आगरा खंड स्नातक सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह (गुरुजी) लगातार बढ़त बनाए हुए हैं और अंतिम परिणाम का इंतजार किया जा रहा है।

25 घंटे चली मतगणना, देर रात तक रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा

आगरा की शिक्षक सीट की मतगणना सोमवार सुबह शुरू हुई और मंगलवार तक करीब 25 घंटे चली। रात करीब डेढ़ बजे मतगणना केंद्र पर उस समय माहौल गर्मा गया, जब सपा और भाजपा समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगे। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और उनका कुर्ता फाड़ दिया। इसके बाद वे समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी ने भी सपा समर्थकों पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कुछ देर के लिए मतगणना की प्रक्रिया प्रभावित होने की सूचना भी सामने आई। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

निर्दलीय से सपा तक, लगातार दूसरी जीत

डॉ. आकाश अग्रवाल का यह लगातार दूसरा शिक्षक एमएलसी चुनाव है। वर्ष 2020 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भाजपा के डॉ. दिनेश चंद्र वशिष्ठ को दूसरी वरीयता की मतगणना में 2,376 वोटों से हराया था। उस चुनाव में उन्हें पहली वरीयता के 5,798 और दूसरी वरीयता के 892 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी को कुल 4,314 मत प्राप्त हुए थे। इस बार उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए भाजपा के हरिकिशोर तिवारी को पराजित कर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।

स्नातक सीट पर भाजपा की मजबूत स्थिति

आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना जारी है। शुरुआती राउंड से ही भाजपा प्रत्याशी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह बढ़त बनाए हुए हैं। पांचवें राउंड तक भाजपा प्रत्याशी को 31,393 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी शशांक यादव को 22,537 वोट प्राप्त हुए। दोनों के बीच 8,856 वोटों का अंतर दर्ज किया गया। भाजपा ने इस सीट पर जीत का दावा किया है, हालांकि अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

प्रदेश में अब तक भाजपा का दबदबा

उत्तर प्रदेश की 5 स्नातक और 6 शिक्षक विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान 23 अक्टूबर को बैलेट पेपर से कराया गया था।

अब तक घोषित परिणामों में भाजपा ने कई सीटों पर जीत दर्ज की है—
- मेरठ स्नातक सीट – दिनेश गोयल (भाजपा)
- मेरठ शिक्षक सीट – श्रीचंद शर्मा (भाजपा)
- बरेली शिक्षक सीट – डॉ. हरि सिंह ढिल्लों (भाजपा)
- लखनऊ शिक्षक सीट – उमेश द्विवेदी (भाजपा)
हालांकि, काशी शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने भाजपा को शिकस्त देकर बड़ा उलटफेर किया है।

आगरा की जीत क्यों है खास?

आगरा की शिक्षक सीट का मुकाबला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा का चुनाव भी बन गया था। मतगणना के दौरान हुए विवाद, दोनों प्रत्याशियों के धरने और प्रशासन की सक्रियता के बीच आया यह परिणाम पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। लगातार दूसरी बार जीत हासिल कर डॉ. आकाश अग्रवाल ने शिक्षक राजनीति में अपनी मजबूत स्थिति साबित की है, जबकि स्नातक सीट पर भाजपा की बढ़त ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है।