केंद्रीय मंत्री प्रो. बघेल ने यमुना में छोड़ीं 50 हजार मछलियां, जैव विविधता और मत्स्य संपदा बढ़ाने की पहल
आगरा। दयालबाग के पोइया घाट पर यमुना नदी की जैव विविधता बढ़ाने और मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के लिए रिवर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत भारतीय मेजर कार्प प्रजाति की 50 हजार मत्स्य अंगुलिकाओं को यमुना में प्रवाहित किया गया। इस पहल का उद्देश्य नदी में मछलियों की संख्या बढ़ाने, जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखने और स्थानीय मत्स्यजीवियों की आजीविका को मजबूती देना है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में नदियों को स्वच्छ, निर्मल और जीवंत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर जोर दिया गया।
रिवर रैंचिंग नदी में मत्स्य संपदा बढ़ाने के साथ जलीय जीवों के संरक्षण और जैव विविधता को समृद्ध करने की महत्वपूर्ण पहल है। भारतीय मेजर कार्प प्रजाति की मछलियां मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनकी संख्या बढ़ने से मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और मत्स्य पालन पर निर्भर लोगों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान यमुना के संरक्षण और उसे प्रदूषणमुक्त बनाने की सामूहिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया गया। यमुना नदी आगरा की आस्था, संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा है। नदी को स्वच्छ रखने, जलीय जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित बनाने और जल प्रदूषण कम करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
रिवर रैंचिंग जैसी पहल नदी में मछलियों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायक हो सकती है, लेकिन यमुना की जैव विविधता को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए प्रदूषण पर नियंत्रण और नदी के प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण भी आवश्यक है। कार्यक्रम का संदेश था कि आने वाली पीढ़ियों के लिए यमुना को स्वच्छ, समृद्ध और जीवंत बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।