16 लाख लेकर थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र, जिला पंचायत में ढाई महीने नौकरी करती रही युवती
आगरा में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 16 लाख रुपये और जेवर की ठगी का आरोप लगा है। लोहामंडी निवासी अमर सिंह कुशवाह का आरोप है कि मंजू कुशवाह, विजयपाल सिंह समेत छह लोगों ने उनके बेटे और बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। बेटी को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर जिला पंचायत हाथरस भेजा गया, जहां उसने करीब ढाई महीने तक काम किया। बाद में रायबरेली पहुंचने पर नियुक्ति फर्जी होने का खुलासा हुआ। पीड़ित की तहरीर पर लोहामंडी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आगरा। सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 16 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। लोहामंडी थाना क्षेत्र के रहने वाले अमर सिंह कुशवाह ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनकी बेटी और बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की रकम और जेवरात ले लिए। इसके बाद बेटी को फर्जी सरकारी नियुक्ति पत्र थमाकर जिला पंचायत हाथरस भेज दिया गया, जहां उसने करीब ढाई महीने तक काम भी किया। बाद में रायबरेली पहुंचने पर नियुक्ति पत्र और दस्तावेज फर्जी होने का खुलासा हुआ।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर लोहामंडी पुलिस ने मंजू कुशवाह, विजयपाल सिंह समेत छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और सरकारी नौकरी के नाम पर रकम हड़पने सहित गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है।
बेटी-बेटे की सरकारी नौकरी का दिया भरोसा
अमर सिंह कुशवाह के अनुसार आरोपियों ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि उनकी बेटी और बेटे दोनों की सरकारी विभाग में नौकरी लगवा दी जाएगी। आरोपियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर अलग-अलग समय में उनसे करीब 16 लाख रुपये की रकम ली। इसके अलावा जेवरात भी लिए जाने का आरोप है। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने नौकरी दिलाने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी होने और नियुक्ति होने का भरोसा दिया। कुछ समय बाद उनकी बेटी के नाम से सरकारी नियुक्ति पत्र जारी होने का दावा किया गया।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर जिला पंचायत भेजा
आरोप है कि बेटी को जो नियुक्ति पत्र दिया गया, उसे सरकारी दस्तावेज बताकर हाथरस स्थित जिला पंचायत भेज दिया गया। युवती ने वहां करीब ढाई महीने तक काम भी किया। इस दौरान उसे यही भरोसा रहा कि उसकी नियुक्ति वैध तरीके से हुई है। हालांकि, बाद में उसे रायबरेली भेजे जाने के बाद नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच हुई। इसी दौरान कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेजों के फर्जी होने की जानकारी सामने आने के बाद पीड़ित परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
16 लाख रुपये और जेवर लेने का आरोप
पीड़ित अमर सिंह कुशवाह का आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे करीब 16 लाख रुपये की रकम ऐंठ ली। इसके साथ ही नौकरी लगवाने के नाम पर जेवरात भी लिए गए। जब नियुक्ति फर्जी होने की जानकारी सामने आई तो उन्होंने आरोपियों से रकम और जेवर वापस मांगे, लेकिन कथित तौर पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित ने लोहामंडी थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में लोहामंडी पुलिस ने मंजू कुशवाह, विजयपाल सिंह समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, पैसों के लेनदेन, कथित फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज किस स्तर पर तैयार किए गए और इस पूरे मामले में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं। पुलिस के अनुसार मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।