तनाव और आत्महत्या की रोकथाम पर आगरा कॉलेज की पहल, सात दिन तक विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक, रिबन टाइंग और जागरूकता रैली से हुई शुरुआत
आगरा। विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और आत्महत्या की रोकथाम के प्रति जागरूक करने के लिए आगरा कॉलेज में सात दिवसीय जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की गई है। मनोविज्ञान विभाग, स्टूडेंट काउंसलिंग तथा सुसाइड प्रिवेंशन सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इन कार्यक्रमों के तहत रिबन टाइंग और जागरूकता रैली के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाया जा रहा है। आगामी दिनों में व्याख्यान, कार्यशाला और छात्र संगोष्ठी भी आयोजित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझने, उन पर खुलकर बात करने और जरूरत पड़ने पर परामर्श लेने के लिए प्रेरित हों।
रिबन टाइंग और रैली से हुई शुरुआत
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की शुरुआत सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने रिबन टाइंग कार्यक्रम के माध्यम से की। मंगलवार, 13 अक्टूबर को जागरूकता रैली का शुभारंभ फीता काटकर किया गया। दोनों कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ बड़ी संख्या में भाग लिया। रिबन टाइंग कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अंशु चौहान ने किया, जबकि जागरूकता रैली की जिम्मेदारी डॉ. दीपाली सिंह ने संभाली।
मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें विद्यार्थी
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर पूनम चांद ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। तनाव, चिंता और भावनात्मक समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनके प्रति जागरूक रहना चाहिए। जरूरत पड़ने पर समय से परामर्श लेना और मानसिक परेशानी से गुजर रहे लोगों को सहयोग देना भी जरूरी है।
कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन और एक-दूसरे के प्रति सहयोग की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर बिना किसी संकोच के चर्चा कर सकें।
आगे व्याख्यान, कार्यशाला और छात्र संगोष्ठी
सात दिवसीय कार्यक्रमों की आगामी श्रृंखला में बुधवार को डॉ. पूनम चांद के संयोजन में व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। गुरुवार को डॉ. अरविंद गुप्ता के संयोजन में कार्यशाला होगी, जबकि शुक्रवार को डॉ. रवि सिंह के संयोजन में छात्र संगोष्ठी आयोजित करने का प्रस्ताव है।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, उन्हें संवाद और सहभागिता के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अपनी समस्याओं को साझा करने और जरूरत के समय उचित सहायता लेने के प्रति जागरूक हो सकें।
आगरा कॉलेज की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण शैक्षणिक वातावरण विकसित करना है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्व दिया जाए।