आगरा मेट्रो की रफ्तार को नई उड़ान, डिपो से सदर बाजार तक सफल ट्रायल रन

आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर (आगरा कैंट–कालिंदी विहार) में यूपीएमआरसी ने फूल सैय्यद चौराहा स्थित डिपो से सदर बाजार मेट्रो स्टेशन तक डाउन लाइन पर करीब तीन किलोमीटर लंबे मॉल रोड खंड में सफल ट्रायल रन किया। पिछले सप्ताह थर्ड रेल का काम पूरा होने के बाद यह परीक्षण संभव हुआ। अप लाइन पर ट्रैक बिछाने का काम अंतिम चरण में है। एमडी सुशील कुमार ने टीम को बधाई देते हुए आगरा को विश्वस्तरीय मेट्रो सेवा उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया। नियमित यात्री सेवा शुरू करने से पहले जरूरी तकनीकी जांच और सुरक्षा स्वीकृतियां पूरी करनी होंगी।

Oct 13, 2026 - 19:52
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आगरा मेट्रो की रफ्तार को नई उड़ान, डिपो से सदर बाजार तक सफल ट्रायल रन
डिपो से सदर बाजार तक जाती मेट्रो।

आगरा कैंट–कालिंदी विहार कॉरिडोर पर निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार, डाउन लाइन पर ट्रायल रन पूरा, अप लाइन पर ट्रैक बिछाने का काम अंतिम चरण में

आगरा। आगरा मेट्रो परियोजना के दूसरे कॉरिडोर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने फूल सैय्यद चौराहा स्थित मेट्रो डिपो से सदर बाजार मेट्रो स्टेशन तक डाउन लाइन पर ट्रेन का सफल ट्रायल रन पूरा कर लिया है। करीब तीन किलोमीटर लंबे मॉल रोड खंड पर मेट्रो ट्रेन के संचालन के साथ ही आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक प्रस्तावित दूसरे कॉरिडोर के निर्माण कार्य को गति मिली है। इस उपलब्धि से परियोजना के अगले चरण की तैयारियों को भी मजबूती मिली है।

ट्रायल रन के दौरान आगरा मेट्रो के परियोजना निदेशक अरविंद राय सहित यूपीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ट्रेन के संचालन और संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस ट्रायल रन को पूरा करने के लिए ट्रैक, बिजली आपूर्ति और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को तैयार किया गया था।

डाउन लाइन पर ट्रेन का सफल संचालन

यूपीएमआरसी ने दूसरे कॉरिडोर के डिपो एंट्री से सदर बाजार की ओर जाने वाली डाउन लाइन पर मेट्रो ट्रेन को चलाकर परीक्षण किया। ट्रेन डिपो से निकलकर करीब तीन किलोमीटर लंबे मॉल रोड खंड से गुजरी और निर्धारित प्रक्रिया के बाद वापस डिपो पहुंचाई गई। इस खंड पर ट्रायल रन पूरा होना परियोजना के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, अप लाइन पर ट्रैक बिछाने का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। यूपीएमआरसी के अनुसार, शेष लाइन पर ट्रैक, ट्रैक्शन और सिग्नलिंग से जुड़े कार्य पूरे होने के बाद अन्य हिस्सों में भी ट्रायल रन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

थर्ड रेल का काम पूरा होने के बाद संभव हुआ ट्रायल

मेट्रो ट्रेन के संचालन के लिए बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। आगरा मेट्रो के इस हिस्से में पिछले सप्ताह थर्ड रेल से संबंधित कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था। इसी तैयारी के बाद डिपो से सदर बाजार स्टेशन तक ट्रेन का ट्रायल रन किया जा सका। थर्ड रेल मेट्रो ट्रेन को विद्युत ऊर्जा उपलब्ध कराने वाली प्रणाली है। इसके माध्यम से ट्रेन के संचालन के लिए आवश्यक बिजली मिलती है। ट्रैक, बिजली आपूर्ति और सिग्नलिंग जैसी व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के बाद ही मेट्रो के सुरक्षित संचालन की दिशा में आगे बढ़ा जाता है।

एमडी सुशील कुमार ने दी टीम को बधाई

यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस उपलब्धि पर आगरा मेट्रो की पूरी टीम और ठेकेदार के कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डिपो से सदर बाजार तक सफल ट्रायल रन आगरा मेट्रो परियोजना की प्रगति में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “मैं समस्त आगरा टीम एवं कांट्रेक्टर स्टाफ को बधाई देता हूं कि आज यह उपलब्धि मिली। डिपो से सदर बाजार तक सफलतापूर्वक ट्रायल रन के अवसर पर मैं यूपीएमआरसी के आगरा वासियों के लिए विश्वस्तरीय मेट्रो प्रणाली प्रदान करने के संकल्प को पुनः दोहराना चाहूंगा। आने वाले समय में आगरा मेट्रो आगरा शहर के लिए सबसे तेज, सुरक्षित एवं सुगम यातायात साबित होगी।”

आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक प्राथमिकता वाला हिस्सा

आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर को आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक विकसित किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक के हिस्से को प्राथमिकता वाले खंड के रूप में चिह्नित किया गया है। इस हिस्से में निर्माण और तकनीकी तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। दूसरी ओर, एमजी रोड से कालिंदी विहार तक शेष खंड पर भी सिविल निर्माण कार्य तेजी से जारी है। कॉरिडोर के विभिन्न स्टेशनों का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि पूरी परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाया जा सके।

क्या होता है ट्रायल रन?

ट्रायल रन किसी नए या नवनिर्मित ट्रैक अथवा खंड पर ट्रेन चलाकर उसकी तकनीकी और परिचालन व्यवस्थाओं की जांच करने की प्रक्रिया है। इसके दौरान ट्रैक की स्थिति, बिजली आपूर्ति, ट्रेन के संचालन और अन्य संबंधित प्रणालियों का परीक्षण किया जाता है। ट्रायल रन पूरा होना यात्री सेवाएं शुरू होने का संकेत मात्र नहीं है। नियमित संचालन से पहले आवश्यक तकनीकी जांच, सुरक्षा परीक्षण और संबंधित स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी पूरी करनी होती है। इन सभी चरणों के पूरा होने के बाद ही किसी खंड पर यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू की जा सकती है। आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर डिपो से सदर बाजार तक सफल ट्रायल रन के बाद अब अप लाइन और शेष हिस्सों में तकनीकी कार्य पूरा करने पर जोर है। इससे परियोजना के अगले चरण की तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद है।