एमएलसी चुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, 16 अक्टूबर को आगरा आएंगे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 अक्टूबर को आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड पर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा करेंगे। सुबह 11 बजे प्रस्तावित सभा में करीब 15 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। आगरा खंड स्नातक सीट से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह और शिक्षक सीट से हरि किशोर तिवारी भाजपा के प्रत्याशी हैं। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है। मुख्यमंत्री की सभा से पहले जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया और महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों और चुनावी रणनीति पर चर्चा की।
स्नातक-शिक्षक विधान परिषद चुनाव में प्रत्याशियों के समर्थन में करेंगे जनसभा, टाटा ग्राउंड पर 15 हजार लोगों की जुटाने का लक्ष्य
आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी संगठन ने जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति को धार देना तेज कर दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 अक्टूबर को आगरा पहुंचेंगे। वह फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड पर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी ने इस सभा में करीब 15 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री की जनसभा को चुनाव से पहले भाजपा के बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री की प्रस्तावित सभा को लेकर भाजपा के जिला और महानगर संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और मतदाताओं तक संगठन की बात पहुंचाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। भाजपा की कोशिश है कि मुख्यमंत्री की जनसभा के जरिए चुनावी माहौल को अपने पक्ष में मजबूत किया जाए और दोनों प्रत्याशियों के समर्थन में कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरी जाए।
स्नातक और शिक्षक सीट पर भाजपा ने उतारे प्रत्याशी
आगरा खंड की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीट पर भाजपा अपने प्रत्याशियों के साथ चुनावी मैदान में है। स्नातक सीट पर पार्टी ने मौजूदा एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह को दोबारा प्रत्याशी बनाया है, जबकि शिक्षक सीट पर हरि किशोर तिवारी भाजपा के उम्मीदवार हैं। दोनों सीटों पर जीत हासिल करना पार्टी के लिए अहम है। यही वजह है कि स्थानीय संगठन से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक चुनाव को गंभीरता से ले रहा है। भाजपा पदाधिकारी मतदाताओं से संपर्क साधने, चुनावी समीकरणों को मजबूत करने और संगठन के विभिन्न स्तरों पर समन्वय बनाने में जुटे हैं। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है। मतदान से पहले मुख्यमंत्री की जनसभा को भाजपा अपने चुनाव प्रचार अभियान के महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर देख रही है।
जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष ने संभाली कमान
मुख्यमंत्री के आगमन और जनसभा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया और महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में मंडल अध्यक्षों, विधानसभा संयोजकों, पोलिंग स्टेशन प्रमुखों और प्रभारियों को शामिल किया गया। बैठकों में मुख्यमंत्री की सभा को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियों, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व का जोर बूथ और मंडल स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर है, ताकि जनसभा के साथ-साथ चुनावी संपर्क अभियान को भी गति मिल सके। भाजपा की रणनीति केवल बड़ी सभा आयोजित करने तक सीमित नहीं है। पार्टी संगठन के माध्यम से स्नातक और शिक्षक मतदाताओं तक पहुंच बनाने तथा प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही है।
15 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड पर जनसभा को संबोधित करेंगे। सभा में करीब 15 हजार लोगों के पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए संगठन के विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री की जनसभा में स्नातक मतदाताओं को संबोधित करने के साथ पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी संदेश दिए जाने की उम्मीद है। भाजपा इस आयोजन के जरिए अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करने के साथ चुनाव प्रचार को और प्रभावी बनाना चाहती है।
चुनावी मुकाबले से पहले भाजपा का बड़ा दांव
विधान परिषद की दोनों सीटों पर मतदान से ठीक पहले मुख्यमंत्री का आगमन भाजपा के चुनावी अभियान को नई गति देने की कोशिश है। पार्टी संगठन की सक्रियता, स्थानीय पदाधिकारियों की बैठकों और प्रस्तावित बड़ी जनसभा से स्पष्ट है कि भाजपा इस चुनाव को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती। अब नजर 16 अक्टूबर को होने वाली जनसभा पर रहेगी। सभा में जुटने वाली भीड़, संगठन की तैयारियों और मुख्यमंत्री के संबोधन से निकलने वाले राजनीतिक संदेश को चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव में अंतिम नतीजा मतदाताओं के समर्थन और मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।