भगवान राम-कृष्ण पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले बरेली के मौलाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज, गिरफ्तार
बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाले वायरल वीडियो के मामले में मौलाना मारूफ रजा खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस वीडियो की वास्तविकता और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है तथा आरोपों की पुष्टि विवेचना पूरी होने के बाद ही होगी।
-आरके सिंह-
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी क्षेत्र में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने मौलाना मारूफ रजा खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वायरल वीडियो की वास्तविकता और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस ने अभी आरोपों की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि विवेचना पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
क्षेत्राधिकारी बहेड़ी अरुण सिंह के अनुसार, मंगदपुर निवासी रजत पंडित ने बहेड़ी थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि मौलाना मारूफ रजा खान ने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित टिप्पणियों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
बताया गया कि उक्त वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित फेसबुक पेज की छायाप्रति सहित अन्य जानकारी भी उपलब्ध कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
क्षेत्राधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि विवादित वीडियो सामने आने के बाद मौलाना मारूफ रजा खान को गिरफ्तार कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत कार्रवाई की गई थी। अब शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विधिवत विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस वायरल वीडियो की वास्तविकता, उसमें कही गई बातों के संदर्भ और वीडियो के प्रसार से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों के पूरे संदर्भ को भी देखा जाएगा।
मामले के सामने आने के बाद बहेड़ी क्षेत्र में पुलिस प्रशासन सतर्क है। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की भी निगरानी कर रही है, ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या विवाद बढ़ाने वाली सामग्री के प्रसार को रोका जा सके।