बारिश के बीच मेयर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में उमड़ा बहनों का सैलाब, साड़ी वितरण में धक्का-मुक्की; कई महिलाएं हुईं बेहोश
आरके सिंह- बरेली। रक्षाबंधन से एक दिन पहले गुरुवार को बरेली क्लब ग्राउंड में मेयर डॉ. उमेश गौतम और फाउंडेशन अध्यक्ष पार्थ गौतम की ओर से आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में हजारों महिलाओं और युवतियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के बावजूद महिलाएं बरेली शहर और देहात के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यक्रम में पहुंचीं। साड़ी वितरण और राखी बंधवाने के दौरान भीड़ बढ़ने से धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। गर्मी, घुटन और भीड़ के दबाव के कारण कुछ महिलाओं के बेहोश होने से उनकी तबीयत बिगड़ गई। वहीं पुलिस ने कार्यक्रम में किसी महिला या बच्चे की मौत होने की अफवाहों को सिरे से खारिज किया है।
-आयोजक पार्थ गौतम ने कार्यक्रम में करीब 20 हजार बहनों के पहुंचने का दावा किया। सुबह करीब 10 बजे से महिलाओं के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, जो शाम तक जारी रहा। महिलाएं अपने हाथों में पूजा की थाली और राखी लेकर कतारबद्ध होकर मंच की ओर बढ़ती रहीं।
बारिश को देखते हुए आयोजकों ने वाटरप्रूफ पंडाल की व्यवस्था की थी। दोपहर तक पंडाल और आसपास का पूरा परिसर महिलाओं से खचाखच भर गया। स्थिति यह रही कि कार्यक्रम स्थल पर पैर रखने तक की जगह नजर नहीं आ रही थी। बारिश और अव्यवस्था के बावजूद महिलाओं में कार्यक्रम को लेकर उत्साह बना रहा।
मेयर डॉ. उमेश गौतम ने बहनों से राखी बंधवाई। इस दौरान वह भावुक और उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में बहनों का सैलाब उमड़ा है। उन्होंने कहा कि बारिश के बावजूद बरेली की सड़कों और गलियों में बहनों के विश्वास और प्यार का उत्साह दिखाई दे रहा है।
डॉ. गौतम ने कहा कि जो लोग उनके साथ चंद लोगों के खड़े होने की बात करते हैं, उन्हें आज बहनों का यह सैलाब देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहनों का आशीर्वाद उनके साथ है और जब तक उनका स्नेह बना रहेगा, कोई उन्हें हिला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि बहनों का यह आशीर्वाद उन्हें आगे भी काम करने की ताकत देगा।
साड़ी वितरण के दौरान बिगड़ी स्थिति
कार्यक्रम में साड़ी वितरण के दौरान अचानक भीड़ बढ़ गई। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच कई महिलाओं और बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई। रेखा नाम की एक महिला गर्मी और घुटन के बीच बेहोश होकर गिर पड़ी। उसे तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया।
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. शैलेश रंजन ने बताया कि एंबुलेंस से लाई जा रही महिला को रास्ते में ही होश आ गया था। धक्का-मुक्की के दौरान लगी गुम चोट के कारण उसे दर्द की शिकायत थी। सफोकेशन के कारण चक्कर आने की बात सामने आई। उपचार और दवा देने के बाद महिला अस्पताल से चली गई।
एक महिला ने अस्पताल में करीब सात महिलाओं के बेहोश होने की बात बताई। हालांकि पुलिस ने इतनी संख्या में महिलाओं के बेहोश होने की पुष्टि नहीं की है।
भीड़ के कारण कुछ बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए। इसके बाद मंच से लगातार लापता बच्चों के संबंध में घोषणाएं की जाती रहीं। कार्यक्रम में शामिल कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी भीड़ जुटने की संभावना के बावजूद आने-जाने और भीड़ प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
पुलिस ने मौत की अफवाहों को नकारा
अफरा-तफरी की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी प्रथम शिवम आशुतोष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने और रास्ते खाली कराने का प्रयास किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस को कार्यक्रम के बारे में पूर्व सूचना नहीं थी। बरेली क्लब में बड़ी भीड़ की जानकारी मिलने पर सीओ प्रथम, थाना पुलिस और यातायात पुलिस को मौके पर भेजा गया। इसके बाद यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया गया।
एसएसपी ने बताया कि कार्यक्रम में एक-दो महिलाओं के बेहोश होने की सूचना मिली थी, लेकिन किसी को कोई चोट नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में किसी महिला या बच्चे की मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित लोगों को अस्पताल में जांच के लिए भेजा गया है और पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है।
बसों की व्यवस्था नहीं होने से भी परेशानी
कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद घर लौटने के लिए बसों की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इसके चलते कार्यक्रम स्थल और आसपास की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए नाराजगी की स्थिति बनी रही।
विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की चर्चा
बरेली में भाजपा के दो जनप्रतिनिधियों के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच मेयर के इस कार्यक्रम को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। इसी सप्ताह धोपेश्वर नाथ मंदिर परिसर में दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की घटना के बाद राजनीतिक तनाव चर्चा में रहा है।
ऐसे में रक्षाबंधन कार्यक्रम में उमड़ी महिलाओं की बड़ी संख्या और मेयर के समर्थन में दिखाई दिया उत्साह स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।