दयालबाग में खेतों पर रक्षाबंधन का उल्लास, गुरु महाराज को बांधी गई राखी; बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

आगरा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर दयालबाग में शुक्रवार की प्रातः कृषि सेवा, रक्षाबंधन की आत्मीय परंपरा और संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सुंदर संगम देखने को मिला। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नहर के उत्तर में मूंग की निराई-गुड़ाई का कृषि कार्य संपन्न हुआ। कृषि सेवा में भाई-बहनों, संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों सहित उपस्थित जनों ने सहभागिता करते हुए अपने-अपने निर्धारित कार्य और सेवा को पूरी निष्ठा के साथ पूरा किया।

Aug 28, 2026 - 19:50
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दयालबाग में खेतों पर रक्षाबंधन का उल्लास, गुरु महाराज को बांधी गई राखी; बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
दयालबाग में रक्षाबंधन के अवसर पर खेतों पर मौजूद गुरु महाराज प्रोफेसर प्रेम सरन सतसंगी साहब और रानी साहिबा जी।

कृषि कार्य के दौरान रक्षाबंधन के अवसर पर बहन राजकुमारी ने गुरु महाराज प्रोफेसर प्रेम सरन सतसंगी साहब तथा रानी साहिबा जी को तिलक लगाकर राखी बांधी। इसके बाद रानी साहिबा जी ने प्रेमी भाई गुरुदेव सहाय (राजा जी) को तिलक लगाकर राखी बांधी। रक्षाबंधन की इस आत्मीय परंपरा के दौरान उपस्थित लोगों के बीच विशेष उल्लास, श्रद्धा और आनंद का वातावरण दिखाई दिया।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

प्रातःकालीन कृषि सेवा के साथ संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों ने रक्षाबंधन की भावना पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने पूरे उत्साह और सहज अभिव्यक्ति के साथ अपनी प्रस्तुतियां प्रस्तुत कीं। उपस्थित जनों ने बच्चों की प्रस्तुतियों को रुचि और प्रसन्नता के साथ देखा तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

कृषि सेवा के साथ सत्संग और सांस्कृतिक गतिविधियां

दयालबाग में प्रातःकालीन कार्यक्रम अपने नियमित स्वरूप में आगे बढ़ा। कृषि सेवा के अंतर्गत एग्रोइकोलॉजी-कम-प्रिसीजन फार्मिंग से जुड़े कार्यों में सामूहिक सहभागिता की गई। खेतों में सेवा भाव के साथ कृषि कार्य करते हुए भाई-बहनों और बच्चों ने निर्धारित जिम्मेदारियां निभाईं।

कृषि कार्य के साथ सत्संग और सांस्कृतिक गतिविधियां भी जारी रहीं। खेतों में परिश्रम और सेवा-भाव के बीच रक्षाबंधन की आत्मीय अनुभूति तथा बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण में अतिरिक्त प्रसन्नता और आत्मीयता का संचार किया।

“क्यों सोच करे मन मूरख।
प्यारे राधास्वामी हैं रखवारे॥”

सेवा, सत्संग, कृषि कार्य और सांस्कृतिक गतिविधियों के सुंदर समन्वय से दयालबाग की शुक्रवार की प्रातः विशेष रूप से उल्लासपूर्ण और आनंदमय रही। इस दौरान रक्षाबंधन के पारिवारिक एवं आत्मीय भाव ने सामूहिक सहभागिता को और अधिक भावपूर्ण बना दिया।

SP_Singh AURGURU Editor