स्टीमर संचालन रोके जाने पर एमपी की सीमा में कांग्रेस नेता ने की चंबल में कूदकर आत्महत्या की कोशिश, रक्षाबंधन को लेकर आगरा के पिनाहट और उसेथ घाट पर परेशान ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
पिनाहट और उसेथ घाट पर स्टीमर संचालन नहीं होने से रक्षाबंधन के दिन चंबल किनारे बसे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सैकड़ों ग्रामीण परेशान रहे। संचालन शुरू नहीं होने से नाराज अंबाह, मुरैना (मध्य प्रदेश) कांग्रेस नेता शेरा तोमर ने चंबल नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिन्हें मौके पर मौजूद युवाओं ने बचा लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। विरोध और हंगामे के बावजूद स्टीमर संचालन शुरू नहीं हो सका।
-नीरज परिहार-
पिनाहट (आगरा)। चंबल नदी के पिनाहट और उसेथ घाट पर रक्षाबंधन के त्योहार के दौरान स्टीमर संचालन नहीं होने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से जुड़े सैकड़ों ग्रामीणों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टीमर संचालन की अनुमति मिलने के बावजूद मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा स्टीमर नहीं चलाए जाने से आक्रोशित अंबाह (मुरैना) के कांग्रेस नेता शेरा तोमर ने चंबल नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद युवाओं ने नदी में कूदकर उन्हें बचा लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया गया कि पिनाहट और उसेथ घाट के बीच चंबल नदी पर स्टीमर संचालन लंबे समय से दोनों राज्यों की सीमा से जुड़े ग्रामीणों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपने रिश्तेदारों के यहां आने-जाने के लिए इस जल मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। स्टीमर का संचालन नहीं होने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चंबल किनारे बसे गांवों के सैकड़ों लोगों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्टीमर संचालन के लिए अनुमति मिलने के बाद भी मध्य प्रदेश प्रशासन की ओर से संचालन शुरू नहीं कराया गया। इससे त्योहार के मौके पर नदी पार करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में इसको लेकर पहले से ही नाराजगी थी।
इसी बीच स्टीमर संचालन शुरू नहीं होने से नाराज कांग्रेस नेता शेरा तोमर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन के रवैये के खिलाफ विरोध जताया और हंगामा किया। बताया जा रहा है कि स्टीमर संचालन तत्काल शुरू कराने की मांग को लेकर उन्होंने आक्रोश जताते हुए चंबल नदी में छलांग लगा दी।
शेरा तोमर के नदी में कूदते ही मौके पर मौजूद युवाओं में अफरा-तफरी मच गई। युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए नदी में छलांग लगाई और कांग्रेस नेता को बाहर निकाल लिया। इस दौरान मौके पर पहुंची मध्य प्रदेश की महुआ पुलिस भी मौजूद रही।
घटना के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा वीडियो बनाए जाने का मामला भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नदी में कूदे कांग्रेस नेता को युवाओं द्वारा बचाने और मौके पर मौजूद लोगों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
कांग्रेस नेता और स्थानीय लोगों के विरोध तथा हंगामे के बावजूद स्टीमर संचालन शुरू नहीं हो सका। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि चंबल नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों के लिए स्टीमर केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत है। त्योहार के समय इसका संचालन बंद रहने से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि पिनाहट और उसेथ घाट के बीच स्टीमर संचालन को नियमित किया जाए, ताकि चंबल के दोनों किनारों पर बसे ग्रामीणों को आवागमन की समस्या का सामना न करना पड़े। रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों पर विशेष व्यवस्था किए जाने की भी मांग उठाई गई है।
घटना के बाद चंबल घाट क्षेत्र में स्टीमर संचालन को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब संचालन की अनुमति मिल चुकी थी तो फिर स्टीमर क्यों नहीं चलाया गया, इसकी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।