इंदिरा गांधी के खिलाफ अश्लील पोस्ट करने वाले तक सवा साल में भी नहीं पहुंच पाई आगरा पुलिस, फेसबुक का यूआरएल लिंक बना जांच की सबसे बड़ी अड़चन, कोर्ट ने आठ सितम्बर तक मांगी स्पष्ट आख्या

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ 11 मई 2025 को सोशल मीडिया पर कथित अश्लील और अमर्यादित पोस्ट किए जाने के मामले में सवा साल बाद भी पुलिस आरोपी की पहचान नहीं कर सकी है। मामले में कोर्ट के आदेश के बाद थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने सीजेएम कोर्ट को बताया है कि फेसबुक पोस्ट का यूआरएल लिंक उपलब्ध नहीं होने के कारण मेटा से आरोपी की जानकारी नहीं मिल सकी है।

Aug 26, 2026 - 17:50
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इंदिरा गांधी के खिलाफ अश्लील पोस्ट करने वाले तक सवा साल में भी नहीं पहुंच पाई आगरा पुलिस, फेसबुक का यूआरएल लिंक बना जांच की सबसे बड़ी अड़चन, कोर्ट ने आठ सितम्बर तक मांगी स्पष्ट आख्या

आगरा। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न इंदिरा गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर बेहद अश्लील, अभद्र और अमर्यादित पोस्ट किए जाने के मामले में सवा साल बाद भी पुलिस आरोपी की पहचान नहीं कर सकी है। थाना न्यू आगरा में दर्ज मुकदमे की विवेचना अभी जारी है और पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा-फेसबुक से पोस्ट करने वाले की जानकारी हासिल करने के लिए पोस्ट के यूआरएल लिंक की तलाश कर रही है। मामले में सीजेएम राशिद अली ने विवेचना कर स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के लिए 8 सितंबर 2026 की तारीख नियत की है।

सीजेएम कोर्ट में पुलिस ने दी आख्या: थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार सिंह ने सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत अपनी आख्या में बताया कि थाना न्यू आगरा में उक्त प्रकरण में बीएनएस की धारा 152, 356 तथा आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुकदमे की विवेचना उनके द्वारा की जा रही है।

पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए मामले को साइबर सेल भेजा गया था। साइबर सेल ने मेटा-फेसबुक से जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित पोस्ट की फेसबुक आईडी का यूआरएल लिंक उपलब्ध कराने को कहा।

पुराना होने के कारण शिकायतकर्ता नहीं दे सका यूआरएल: विवेचक के मुताबिक उन्होंने मुकदमे के वादी से पोस्ट के संबंध में जानकारी की। वादी ने बताया कि पोस्ट को काफी समय बीत जाने के कारण अब उसके यूआरएल नंबर की जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं है। इसके चलते पुलिस अभी तक मेटा-फेसबुक से पोस्ट डालने वाले व्यक्ति की पहचान संबंधी जानकारी हासिल नहीं कर सकी है।

पुलिस की आख्या में कहा गया है कि पोस्ट का यूआरएल नंबर अभी तक प्राप्त नहीं हो पाया है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और विवेचना प्रचलित है।

11 मई 2025 को की गई थी पोस्ट: उपलब्ध जानकारी के अनुसार 11 मई 2025 को जितेंद्र तोमर उर्फ जीतू ठाकुर नाम से सोशल मीडिया पर इंदिरा गांधी के खिलाफ कथित तौर पर बेहद अश्लील, अमर्यादित और अभद्र टिप्पणी की गई थी। मामले में राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमा शंकर शर्मा एडवोकेट ने 13 मई 2025 को थाना न्यू आगरा में शिकायत की थी।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया, कोर्ट के आदेश पर हुई एफआईआर: शिकायत के बाद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने पर रमा शंकर शर्मा ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद सवा साल से अधिक समय बीत जाने पर भी पुलिस आरोपी की पहचान तक नहीं पहुंच सकी है।

अब 8 सितंबर को देनी होगी स्पष्ट आख्या: मामले की सुनवाई के दौरान सीजेएम राशिद अली ने विवेचना की प्रगति और आरोपी की पहचान के संबंध में स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के लिए 8 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। अब पुलिस के सामने चुनौती यह है कि अगली तारीख तक सोशल मीडिया पोस्ट के स्रोत और उसे जारी करने वाले व्यक्ति की पहचान के संबंध में क्या प्रगति सामने आती है।

सवा साल बाद भी जांच वहीं: इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपी तक क्यों नहीं पहुंच अब देखना होगा कि साइबर सेल और विवेचना के माध्यम से पुलिस इस तकनीकी अड़चन को कैसे दूर करती है और आरोपी की पहचान कब तक हो पाती है।

SP_Singh AURGURU Editor