एकता और व्यापारी हितों के संकल्प के साथ मनी आगरा सीड्स एंड पेस्टीसाइड एसोसिएशन की पहली वर्षगांठ
आगरा। आगरा सीड्स एंड पेस्टीसाइड एसोसिएशन की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित आत्मीय मिलन एवं संगठनात्मक बैठक में संगठन की एकता, आपसी भाईचारे और व्यापारी हितों को लेकर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में बीज व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ किसानों और समाज के प्रति व्यापारियों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा व्यापारी हितों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश बीज व्यापारी सेवा समिति के अध्यक्ष राकेश जी चोला, उपाध्यक्ष ओम बाबू कुशवाहा एवं कार्यसमिति सदस्य योगेंद्र प्रकाश जी उपस्थित रहे। उन्होंने एसोसिएशन के सदस्यों का मार्गदर्शन करते हुए संगठन की एकता और आपसी सहयोग को व्यापारियों की सबसे बड़ी ताकत बताया।
कार्यक्रम में विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल की भी उपस्थिति रही। उन्होंने एसोसिएशन के सदस्यों को आश्वासन दिया कि बीज एवं कृषि व्यवसाय से जुड़ी किसी भी समस्या अथवा व्यापारी हित के विषय को उनके माध्यम से शासन और संबंधित सरकारी अधिकारियों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने व्यापारियों के हित में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर चैंबर अध्यक्ष मनोज बंसल भी मौजूद थे। कार्यक्रम में एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों मनीष अग्रवाल, अध्यक्ष सुधीर चोला, किशन सिंह, विजय, रवि, भूप सिंह, शैलेंद्र, सौरभ और नरेंद्र ने सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का स्वागत किया। मनीष अग्रवाल को सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों और सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया।
बैठक में उत्तर प्रदेश बीज व्यापारी सेवा समिति की ओर से बीज व्यवसाय में SATHI पोर्टल की अनिवार्यता के संबंध में उच्च न्यायालय से प्राप्त स्थगनादेश पर चर्चा हुई। एसोसिएशन के सदस्यों ने समिति के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि व्यापारी हित में समिति द्वारा किए गए प्रयास से प्रदेश के बीज व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल एक वर्ष पूरा होने का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़ा होना है। आपसी प्रेम, विश्वास, संवाद और सहयोग को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा गया कि मजबूत संगठन व्यापारियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने में सक्षम होता है।