मीनाक्षी मदान की अंतिम इच्छा का सम्मान, डॉक्टरों की पढ़ाई के लिए परिजनों ने एसएन मेडिकल कॉलेज को सौंपा पार्थिव शरीर
आगरा की मीनाक्षी मदान का देहदान समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण है। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों द्वारा किया गया यह कार्य न केवल चिकित्सा शिक्षा के लिए उपयोगी है, बल्कि समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण संदेश देता है।
आगरा। जीजी रेजीडेंसी, पश्चिमपुरी, आगरा निवासी और रत्न मुनि जैन इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त शिक्षिका श्रीमती मीनाक्षी मदान ने जीवन के अंतिम पड़ाव के बाद भी समाज और चिकित्सा शिक्षा के लिए अपनी सेवा जारी रखी। स्वर्गीय वेद प्रकाश मदान की धर्मपत्नी मीनाक्षी मदान का निधन होने के बाद उनकी इच्छानुसार शुक्रवार को उनके पार्थिव शरीर का देहदान किया गया। श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के सहयोग से उनका पार्थिव शरीर डॉक्टरों की पढ़ाई और चिकित्सा शिक्षा के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया गया।
मीनाक्षी मदान ने अपने जीवनकाल में ही देहदान की इच्छा व्यक्त की थी। उनके निधन के बाद परिजन संदीप बजाज ने देहदान की प्रक्रिया के लिए श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के संजीव गुप्ता से संपर्क किया। सूचना मिलने पर कमेटी के महासचिव राजीव अग्रवाल के निर्देश पर कमेटी के शववाहन से मीनाक्षी मदान के पार्थिव शरीर को एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।
एसएन मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. अंजलि गुप्ता के निर्देशन में विभाग द्वारा पार्थिव शरीर को विधिवत प्राप्त किया गया। देहदान के माध्यम से मीनाक्षी मदान का पार्थिव शरीर अब चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के अध्ययन में उपयोगी होगा। उनकी इस पहल से चिकित्सा क्षेत्र में अध्ययन और प्रशिक्षण ले रहे भावी चिकित्सकों को महत्वपूर्ण शैक्षणिक सहयोग मिलेगा।
देहदान के समय मृतका के पुत्र नीरज मदान, पुत्रवधू श्रीमती सुनीता मदान, पौत्र सपन मदान और पौत्रवधू आकांक्षा मदान मौजूद रहे। परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान की प्रक्रिया पूरी कराई।
श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अनिल जिंदल, उपाध्यक्ष विष्णु गर्ग, ताराचंद गोयल और नंदकिशोर गोयल ने देहदानी परिवार की इस पहल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देहदान समाजसेवा का ऐसा महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए व्यक्ति मृत्यु के बाद भी चिकित्सा शिक्षा और भावी चिकित्सकों के निर्माण में योगदान दे सकता है।