मुनाफे का लालच, व्हाट्सएप का जाल और खाली हो गए खाते, आगरा में साइबर ठगों ने उड़ाए 1.12 करोड़

आगरा में साइबर ठगी के तीन मामलों में लोगों से कुल 1 करोड़ 12 लाख 20 हजार 500 रुपये की ठगी का आरोप सामने आया है। शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर एक कारोबारी से 14.61 लाख और दूसरे पीड़ित से 88.99 लाख रुपये फर्जी ट्रेडिंग के जरिए ट्रांसफर कराए गए। वहीं पेंशन खाते के वेरिफिकेशन के नाम पर एक बुजुर्ग के खाते और संयुक्त खाते से 8.60 लाख रुपये निकाल लिए गए। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाना आगरा ने मुकदमे दर्ज कर आरोपियों की तलाश और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है।

Aug 26, 2026 - 15:05
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मुनाफे का लालच, व्हाट्सएप का जाल और खाली हो गए खाते, आगरा में साइबर ठगों ने उड़ाए 1.12 करोड़

14.61 लाख, 88.99 लाख और 8.60 लाख की ठगी से मचा हड़कंप, व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी लिंक के जरिए बिछाया जाल

आगरा। साइबर ठगों ने आगरा में अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। तीन अलग-अलग मामलों में शेयर बाजार में भारी मुनाफे का झांसा देकर 14 लाख 61 हजार 500 रुपये और 88 लाख 99 हजार रुपये की रकम हड़प ली गई, जबकि पेंशन खाते के वेरिफिकेशन के नाम पर एक बुजुर्ग के खाते से तीन दिन में 8 लाख 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। तीनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना आगरा में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप ग्रुप और रकम के लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।

शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा, 14.61 लाख की ठगी

पहले मामले में कारोबारी को व्हाट्सएप  ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। आरोप है कि जालसाजों ने कारोबारी को एक लिंक भेजा और निवेश के लिए अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा। पीड़ित ने जालसाजों के झांसे में आकर 12 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 11 बैंक खातों में कुल 14 लाख 61 हजार 500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उसने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो आहरण की सुविधा रोक दी गई।

पीड़ित का आरोप है कि रकम फंसने के बाद उसे पैसा निकालने में परेशानी होने लगी। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि जिस व्हाट्सएप  ग्रुप के जरिए उसे निवेश के लिए जोड़ा गया था, वह अभी भी सक्रिय है। पुलिस अब ग्रुप में शामिल सदस्यों, मोबाइल नंबरों और जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई, उनकी जानकारी खंगाल रही है।

ऐप पर बढ़ता दिखा मुनाफा, पीड़ित ने गंवाए 88.99 लाख

साइबर ठगी का दूसरा मामला इससे भी बड़ा है। इसमें पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर फर्जी ट्रेडिंग का जाल बिछाया गया। आरोपियों ने निवेश से जुड़े संदेश और लिंक भेजकर पीड़ित को भरोसा दिलाया कि उसके लगाए पैसे से लगातार मुनाफा हो रहा है।

बताया गया है कि संबंधित ऐप पर निवेश की रकम के साथ मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता रहा। इससे पीड़ित को लगा कि निवेश सही जगह हो रहा है और उसने भरोसा करके और रकम लगानी शुरू कर दी। पीड़ित ने 10 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 88 लाख 99 हजार रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उसने ऐप में दिखाई जा रही रकम को निकालने का प्रयास किया तो आहरण नहीं हो सका।

इसके बाद जालसाजों ने रकम निकालने के लिए और पैसे जमा करने की मांग की। इस पर पीड़ित को शक हुआ और उसे समझ आया कि वह फर्जी ट्रेडिंग के जाल में फंस चुका है। इसके बाद उसने साइबर क्राइम थाना आगरा में शिकायत दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पेंशन खाते के वेरिफिकेशन के नाम पर बुजुर्ग से 8.60 लाख की ठगी

साइबर ठगी का तीसरा मामला पेंशन खाते के वेरिफिकेशन के नाम पर सामने आया है। इसमें साइबर ठगों ने व्हाट्सएप  के जरिए एक बुजुर्ग को लिंक भेजकर उन्हें पेंशन खाते के सत्यापन का झांसा दिया। आरोप है कि लिंक के जरिए ठगों ने खाते से जुड़ी जानकारी हासिल की और इसके बाद बुजुर्ग के बैंक खाते से रकम निकाल ली। तीन दिन के भीतर खाते से करीब 8 लाख 60 हजार रुपये की निकासी की गई।

बताया गया है कि अलग-अलग चरणों में खाते से 2.50 लाख रुपये, 2.70 लाख रुपये और अन्य रकम निकाली गई। इतना ही नहीं, बुजुर्ग की पत्नी के साथ संयुक्त खाते से भी 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। खाते से लगातार रकम निकलने की जानकारी होने के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बैंक लेनदेन और ठगी में इस्तेमाल किए गए लिंक की जांच शुरू कर दी है।

व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ऐप बन रहे साइबर ठगों का हथियार

इन तीनों मामलों में साइबर ठगी का तरीका अलग नजर आने के बावजूद जालसाजों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया। शेयर बाजार के मामलों में व्हाट्सएप ग्रुप, लिंक और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेशकों को भरोसे में लिया गया। वहीं पेंशन खाते के मामले में वेरिफिकेशन के नाम पर लिंक भेजकर बुजुर्ग को निशाना बनाया गया।

पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि रकम किन बैंक खातों में पहुंची, इन खातों के वास्तविक धारक कौन हैं और इनका संचालन कहां से किया जा रहा था। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप, मोबाइल नंबर, लिंक और फर्जी ट्रेडिंग ऐप से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।

पुलिस की जांच तेज

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीनों मामलों में मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन, रकम की निकासी और आगे ट्रांसफर किए जाने की जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप ग्रुप की भी जांच की जा रही है। साइबर ठगी के इन मामलों से एक बार फिर साफ है कि शेयर बाजार में असामान्य मुनाफे का लालच और पेंशन या बैंक खाते के वेरिफिकेशन के नाम पर भेजे गए अनजान लिंक बेहद खतरनाक हो सकते हैं। किसी भी अनजान ऐप या लिंक पर बैंकिंग जानकारी साझा करने अथवा रकम ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।