सपा डिंपल यादव को बना सकती है सीएम फेस, अखिलेश ने साफ जवाब नहीं दिया, संकेतों में महिलाओं की तरक्की पर दिया जोर
साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं और बेटियों को लुभाने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़े ऐलान किए हैं। इसी बीच सपा चीफ अखिलेश ने आगामी रणनीति और योजनाओं का खाका पेश किया। सपा चीफ अखिलेश यादव ने पीडीए का एक अलग अर्थ बताते हुए कहा कि इसका पी 'प्रोस्टेट' भी है और बाद में तंज कसते हुए कहा कि पीडीए का मतलब कुछ लोगों के लिए 'पेट में दर्द' भी है।
लखनऊ। साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं और बेटियों को लुभाने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़े ऐलान किए हैं। इसी बीच सपा चीफ अखिलेश ने आगामी रणनीति और योजनाओं का खाका पेश किया। इस दौरान सपा मुखिया अखिलेश ने अपनी पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादव की भूमिका को लेकर भी अहम संकेत दिए हैं। उनके संकेत इस तरफ भी थे कि सपा डिंपल यादव को सीएम फेस बना सकती है।
जब सपा चीफ अखिलेश यादव से डिंपल यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने के बारे में सवाल किया तो अखिलेश यादव ने कहा कि वे इस सवाल में ही अब तक उलझे हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक अंग्रेजी अखबार में लिखा गया कि सीएम योगी में पीएम मोदी की छवि है। डिंपल यादव के सीएम फेस के सवाल पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट रूप से कोई जवाब नहीं दिया।
वहीं सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि बिना आधी आबादी की तरक्की के प्रदेश और देश की तरक्की अधूरी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं को सुरक्षित, स्वतंत्र और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए काम करेगी।
अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी अपने आगामी घोषणापत्र में 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' को शामिल करेगी। इसके तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे और यह राशि हर साल बढ़ाई भी जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा, यह आधी आबादी की पूरी आजादी का संकल्प है।
इसके साथ ही अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार के समय शुरू की गई पेंशन योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राओं को लैपटॉप देने का काम किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी के लिए नारी सिर्फ एक नारा है, उन्होंने महिला आरक्षण कानून लागू करने की मांग की। जब बीजेपी के लोग नारी वंदन की बात करें तो उन्हें हाथरस की घटना याद दिलानी चाहिए। अखिलेश ने खुशी दुबे के मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें किस तरह जेल भेजा गया, यह भी कोई नहीं भूला है।
पीडीए को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रोग्रेसिव लोग हैं और परिस्थितियों के अनुसार लोगों को जोड़ते हैं। उन्होंने कहा हम जोड़ने वाले लोग हैं। इस दौरान अखिलेश ने पीडीए का एक अलग अर्थ बताते हुए कहा कि इसका पी 'प्रोस्टेट' भी है और बाद में तंज कसते हुए कहा कि पीडीए का मतलब कुछ लोगों के लिए 'पेट में दर्द' भी है।