कान्हा के रंगों में रंगी प्रतिभाएं, छह स्कूलों के 39 छात्र-छात्राओं ने दिखाई चित्रकला की सृजनशीलता
आगरा। संस्कार भारती आगरा महानगर और कलासाधना आर्ट एंड कैलीग्राफी स्टूडियो के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार, 26 अगस्त को सदर बाजार स्थित कलासाधना आर्ट एंड कैलीग्राफी स्टूडियो में “चित्रकला के रंग कान्हा जी के संग” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छह विद्यालयों के 39 छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रंग माध्यमों से भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े चित्रों का सृजन कर अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों को बहुरंगी प्रमाणपत्र और एक-एक उपहार देकर सम्मानित किया गया।
चित्रकला से मन को मिलती है सकारात्मक ऊर्जा: कार्यक्रम में मेवाड़ विश्वविद्यालय, चित्तौड़गढ़ की कुलपति प्रोफेसर डॉ. चित्रलेखा सिंह ने कहा कि चित्रकला की सृजनशीलता अवसाद को दूर करने में सहायक होती है। ललित कला संस्थान, आगरा की पूर्व निदेशक डॉ. सरोज भार्गव ने कहा कि चित्रकला की कल्पनाशीलता जीवन में विशालता लाती है। ललित कला संस्थान, आगरा के उपनिदेशक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि रंगों की दुनिया अनंत, असीमित और बेहद हृदयस्पर्शी होती है।
संस्कार भारती ब्रज प्रांत की प्रांतीय संरक्षक डॉ. साधना सिंह ने कहा कि मानव जीवन की पहली कलासाधना चित्रकला है। गुफा जीवन के युग से ही मनुष्य चित्रों के माध्यम से अपनी भावनाओं और अनुभवों को अभिव्यक्त करता आया है।
35 वर्ष बाद फिर उठाया ब्रश: कार्यक्रम में चित्र बनाकर सहभागिता करने वाली बेला महाजन ने कहा कि संस्कार भारती के इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने 35 वर्षों बाद दोबारा ब्रश उठाया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने कला के प्रति उनके पुराने जुड़ाव को फिर से जीवंत कर दिया।
कान्हा से जुड़े चित्रों का सृजन: कार्यक्रम की संयोजक, अंतरराष्ट्रीय कैलीग्राफिस्ट एवं कलासाधना आर्ट एंड कैलीग्राफी स्टूडियो की संस्थापक डॉ. रूपाली खन्ना ने बताया कि छह विद्यालयों के 39 छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रंग माध्यमों का उपयोग करते हुए कान्हा से जुड़े चित्रों का सृजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और कला के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ: कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांतीय महामंत्री नंद नंदन गर्ग, प्रो. चित्रलेखा सिंह, डॉ. सरोज भार्गव, डॉ. साधना सिंह, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. सपना गोयल, कवि अशोक गोयल, प्रो. बिंदु अवस्थी, डॉ. रूपाली खन्ना और ओम स्वरूप गर्ग ने दीप प्रज्वलित कर किया। कवि अशोक गोयल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
इनकी रही मौजूदगी: कार्यक्रम में संस्कार भारती के प्रांतीय महामंत्री नंद नंदन गर्ग, ओम स्वरूप गर्ग, चित्रकार प्रो. बिंदु अवस्थी, डॉ. सपना गोयल, राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश की कार्यकारिणी सदस्य डॉ. आभा सिंह गुप्ता, रश्मि सिंह, प्रगति तिवारी, वर्षा कुशवाहा, बेला महाजन, तृप्ति दुबे, उपाध्यक्ष कवि अशोक गोयल, इंजी. अतुल गुप्ता, कवि अजय मिश्रा अजेय और नीनू गर्ग सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन तृप्ति दुबे और ओम स्वरूप गर्ग ने किया। धन्यवाद ज्ञापन कवि अशोक गोयल ने किया।