18 प्रतिशत जीएसटी से दब रहा टेंट-क्रॉकरी कारोबार, 5 प्रतिशत करने की मांग; आगरा के एमजी रोड पर वाहनों को राहत नहीं मिली तो होगा आंदोलन

आगरा। टेंट, लाइट, क्रॉकरी एवं कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों ने जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने और एमजी रोड सहित प्रमुख मार्गों पर व्यवसायिक वाहनों के आवागमन में व्यावहारिक छूट देने की मांग उठाई है। कारोबारियों का कहना है कि बढ़ती परिवहन लागत, यातायात प्रतिबंध और जीएसटी का मौजूदा ढांचा व्यवसाय के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। यह निर्णय प्रतापपुरा स्थित द रमाना ग्रांड में आगरा महानगर टेंट लाइट क्रॉकरी एंड कैटरर्स एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारिणी स्वागत-सम्मान समारोह एवं व्यवसायिक समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित गोष्ठी में लिया गया।

Aug 27, 2026 - 22:05
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18 प्रतिशत जीएसटी से दब रहा टेंट-क्रॉकरी कारोबार, 5 प्रतिशत करने की मांग; आगरा के एमजी रोड पर वाहनों को राहत नहीं मिली तो होगा आंदोलन
प्रतापपुरा स्थित द रमाना ग्रांड में आगरा महानगर टेंट लाइट क्रॉकरी एंड कैटरर्स एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारिणी स्वागत-सम्मान समारोह एवं व्यवसायिक समस्याओं के समाधान हेतु आयोजित गोष्ठी में उपस्थित सदस्य।

कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष राजेश गोयल, अध्यक्ष प्रशांत बंसल, कोषाध्यक्ष राजीव गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, महामंत्री धर्मवीर कौशिक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ सदस्यों का स्वागत और सम्मान किया गया।

सम्मान समारोह में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण शर्मा, प्रदेश मंत्री प्रवीण चौहान, आगरा एसोसिएशन चेयरमैन राजेश गोयल, नोएडा एसोसिएशन अध्यक्ष जगदीश नागर, मेरठ मंडल अध्यक्ष विनोद पाल, नोएडा एसोसिएशन मंत्री विनोद शर्मा, आगरा के पूर्व अध्यक्ष संजय अग्रवाल एवं पूर्व कोषाध्यक्ष मनीष अग्रवाल का संगठन और व्यवसाय के हित में योगदान के लिए सम्मान किया गया। साथ ही नोएडा में 19 और 20 सितंबर को प्रस्तावित प्रांतीय अधिवेशन का निमंत्रण भी दिया गया।

18 प्रतिशत जीएसटी से आर्थिक दबाव

चेयरमैन राजेश गोयल ने कहा कि टेंट एवं कैटरिंग व्यवसाय पर वर्तमान में 18 प्रतिशत जीएसटी लागू है, जिससे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। सरकार से इसे घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दर कम होने से व्यापार का दायरा बढ़ सकता है, अधिक व्यवसायी कर व्यवस्था से जुड़ेंगे और पारदर्शिता बढ़ने के साथ सरकार के राजस्व में भी वृद्धि की संभावना है।

राजेश गोयल ने कहा कि संगठन प्रदेश स्तर पर इस मांग को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है और कई बार ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक समस्याएं पहुंचाई जा चुकी हैं। राहत नहीं मिलने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

एमजी रोड पर प्रतिबंध से कारोबार प्रभावित

अध्यक्ष प्रशांत बंसल एवं महामंत्री धर्मवीर कौशिक ने कहा कि एमजी रोड पर भारी एवं व्यवसायिक वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध के कारण टेंट, क्रॉकरी और कैटरिंग का सामान आयोजन स्थलों तक पहुंचाने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि सरकारी आयोजनों के दौरान टेंपो और ट्रकों को आवागमन की अनुमति मिल जाती है, जबकि निजी या सामाजिक समारोहों के लिए सामान लेकर जाने वाले इन्हीं वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि निजी एवं सामाजिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय और आवश्यक नियमों के साथ व्यवसायिक वाहनों को एमजी रोड पर आवागमन की अनुमति दी जाए।

बढ़ता किराया-भाड़ा भी बड़ी चुनौती

पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ता किराया-भाड़ा भी व्यवसाय पर सीधा असर डाल रहा है। आयोजन स्थल तक सामान पहुंचाने की परिवहन लागत बढ़ने से कारोबारियों के मुनाफे के साथ ग्राहकों के बजट पर भी असर पड़ता है। प्रशासन को व्यवसायियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ऐसी व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिससे यातायात अनुशासन के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी सुचारु रहें।

वक्ताओं ने कहा कि संगठन सभी संबंधित संगठनों के साथ समन्वय बनाकर समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास जारी रखेगा। सरकार और प्रशासन के साथ संवाद के जरिए समाधान पहली प्राथमिकता होगी, लेकिन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष राजीव गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, मंत्री नीरज अग्रवाल, संगठन मंत्री विक्रम कुशवाहा, प्रदेश संगठन मंत्री मुकेश निर्वाणिया, उप महामंत्री गौरव जैन, मोहित चतुर्वेदी, मुकेश गौतम एवं जितेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor