वाल्मिकी घोटाला मामला, बी. नागेंद्र का कर्नाटक कैबिनेट से इस्तीफा, रोते हुए की घोषणा
बी. नागेंद्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोते हुए घोषणा में कहा कि उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
बंगलुरू। कर्नाटक सरकार में योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने वाल्मिकी अनुसूचित जनजाति विकास निगर घोटाले को लेकर बढ़ते दवाब के बीच मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने शुक्रवार (28 अगस्त, 2026) को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की घोषणा करते हुए बी. नागेंद्र रोते हुए नजर आए।
बी. नागेंद्र इसी अगस्त महीने की शुरुआत में कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कांग्रेस सरकार के घोषित किए गए नए मंत्रिमंडल में फिर से शामिल किए गए थे। उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा के दौरान यह आरोप भी लगाया कि उन्हें एक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि उन्होने यह नहीं बताया कि मंत्री पद की शपथ लेने के एक महीने के अंदर इतना बड़ा घोटाला कैसे हो गया।
उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल बीजेपी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए डराने का भी आरोप लगाया। नागेंद्र ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुझे प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के माध्यम से डरा नहीं सकती है।’
इसके अलावा, बी. नागेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि मनुवादी उन्हें अपना निशाना बना रहे थे, क्योंकि वे एक आदिवासी समुदाय से आने वाले एक व्यक्ति को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते थे। उन्होंने भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उन्हें मनुवादियों का मुकाबला करने के लिए अपनी कमर कसनी होगी।