बरेली में बोले सीएम योगी- पहचान छिपाने वाले यूपी के लोगों की बदली छवि, अब नाम सुनते ही गले मिलने आगे आते हैं दूसरे राज्यों के लोग, 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाकर 3500 रुपये करने की घोषणा

-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश की बदली छवि का दावा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के लोगों को दूसरे राज्यों में अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। मंगलवार को बरेली में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह में उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार का श्रेय अपनी सरकार को दिया। इसी कार्यक्रम में 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपये करने और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की।

Oct 13, 2026 - 22:11
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बरेली में बोले सीएम योगी- पहचान छिपाने वाले यूपी के लोगों की बदली छवि, अब नाम सुनते ही गले मिलने आगे आते हैं दूसरे राज्यों के लोग, 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाकर 3500 रुपये करने की घोषणा
मंगलवार को बरेली में एक ग्राम प्रहरी को सम्मानित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।  साथ हैं पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और स्थानीय जनप्रतिनिधि। 

मानदेय में सालाना 12 हजार रुपये की बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांवों की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया गया है। अब प्रत्येक ग्राम प्रहरी को प्रतिमाह एक हजार रुपये अधिक मिलेंगे। इससे उनकी सालाना आय में 12 हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब मानदेय में 40 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश के प्रति देश-दुनिया की धारणा बदलने का काम किया है। सरकार का प्रयास है कि गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और आम लोगों को भयमुक्त वातावरण मिले।

शहरों में सीसीटीवी, गांवों में ग्राम प्रहरी की भूमिका

योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को शहरों में लगे सीसीटीवी कैमरों के समान महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गांवों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में वे सूचना तंत्र की अहम कड़ी हैं। उन्हें अपराध, जमीन पर अवैध कब्जे, भू-माफिया की गतिविधियों और शांति भंग होने की आशंका की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने थानाध्यक्षों और संबंधित क्षेत्रों के उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करें। इससे पुलिस और ग्रामीणों के बीच संवाद बेहतर होगा तथा छोटी घटनाओं को समय रहते सुलझाकर बड़े विवादों में बदलने से रोका जा सकेगा।

उन्होंने गृह विभाग को ग्राम प्रहरी के रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर से नियुक्तियां करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनाने के लिए ग्राम प्रहरियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

पहले सत्ता में बैठे लोग ही कराते थे लूटपाट: योगी

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग ही लूटपाट कराते थे और पुलिस कार्रवाई करने से हिचकती थी। उन्होंने कहा कि अब अपराधियों के मन में कानून का भय है और प्रदेश में माफिया के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

योगी ने दावा किया कि प्रदेश में अब दंगे और उपद्रव नहीं होते। शहरों में सीसीटीवी कैमरों तथा कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कठोर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार का असर प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। सुरक्षित वातावरण में निवेश बढ़ता है, कारोबार को प्रोत्साहन मिलता है और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।

धार्मिक आयोजनों में बढ़ी श्रद्धालुओं की भागीदारी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले नवरात्र और अन्य पर्वों के दौरान उपद्रव की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब गांव-गांव में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश में बदले सुरक्षा वातावरण से जोड़ते हुए कहा कि लोग अब भयमुक्त होकर अपने धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल में वहां सवा दो लाख से ढाई लाख तक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंगलवार सुबह छह बजे तक डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।

उन्होंने बताया कि देवीपाटन धाम में भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सीतापुर के ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर की शाकंभरी पीठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में भयमुक्त वातावरण का संकेत है।

वन्यजीवों के खतरे और अफवाहों पर भी नजर रखें ग्राम प्रहरी

मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से वन्यजीवों के खतरे, अफवाहों और भू-माफिया की गतिविधियों पर नजर रखने तथा समय रहते पुलिस और प्रशासन को सूचना देने की अपील की। उन्होंने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और बिजनौर का उल्लेख करते हुए कहा कि समय पर मिली सूचना बड़ी अनहोनी को टाल सकती है।

उन्होंने दावा किया कि बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं का बचाव कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतों और लगभग 1.05 लाख राजस्व गांवों में ग्राम प्रहरियों की सतर्कता महत्वपूर्ण है। गांव सुरक्षित होंगे तो आत्मनिर्भर बनेंगे और इससे विकसित उत्तर प्रदेश तथा विकसित भारत का संकल्प मजबूत होगा।

11 ग्राम प्रहरी सम्मानित

समारोह में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर साफा पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में बरेली के फरीदपुर से राजवीर सिंह, सिरौली से कुंवर पाल सिंह और बहेड़ी से राम राठौर शामिल रहे।

इसके अलावा पीलीभीत के सुनगढ़ी से राजेंद्र वाल्मीकि, शाहजहांपुर के पुवायां से कमलेश, मुरादाबाद के कांठ से कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर की शहर कोतवाली से राजेश सैनी, संभल के हजरतनगर गढ़ी से अनिल वाल्मीकि, रामपुर के टांडा से ध्यान सिंह चौहान, शाहबाद से प्रकाश और अमरोहा के नौगावां सादात से तेजपाल प्रजापति को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों के योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।

सुरेश खन्ना ने मानदेय वृद्धि को बताया संवेदनशील कदम

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाकर ग्राम प्रहरियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की तस्वीर बदलने का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य में छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।

पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गांवों में अब चोरी और गुंडागर्दी का भय नहीं है तथा सरकार की आलोचना करने वालों को ग्रामीण स्वयं जवाब देते हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका पीडीए विफल हो चुका है।

धर्मपाल सिंह ने भाजपा के पीडीए की व्याख्या करते हुए वर्ष 2017 में पहली बार, 2022 में दूसरी बार और 2027 में अगली बार सरकार बनने का उल्लेख किया।

गांव और थाने के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं ग्राम प्रहरी: डीजीपी

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने अपने संबोधन से पहले मुख्यमंत्री को मां दुर्गा की प्रतिमा भेंट की। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव और थाने के बीच सूचना तथा संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें अपराध, भूमि विवाद और शांति भंग होने की आशंका की जानकारी तत्काल पुलिस को देनी चाहिए।

डीजीपी ने ग्राम प्रहरियों से साइबर ठगी और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल वालंटियर और व्हाट्सऐप समूहों के माध्यम से सूचना तंत्र को और मजबूत बनाया जा सकता है।

समारोह में मंत्री जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, अरुण कुमार सक्सेना और संजय सिंह गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम तथा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor