इंडिया गठबंधन की चाय पार्टी खत्म,  राहुल गांधी बोले-  लोकतंत्र की बहाली के लिए जारी रहेगा संघर्ष,  किया दावा- विपक्ष पूरी तरह एकजुट

राहुल गांधी के आवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं की चाय पार्टी में चुनाव आयोग में सुधार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

Oct 13, 2026 - 21:11
Oct 13, 2026 - 22:30
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इंडिया गठबंधन की चाय पार्टी खत्म,  राहुल गांधी बोले-  लोकतंत्र की बहाली के लिए जारी रहेगा संघर्ष,  किया दावा- विपक्ष पूरी तरह एकजुट

नई दिल्ली।  चुनाव आयोग में सुधार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने अपना विरोध जारी रखने की बात कही है। मंगलवार को इंडिया गठबंधन की चाय पार्टी के बाद लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, 'विपक्षी गठबंधन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली के लिए अपना संघर्ष और प्रतिरोध जारी रखेगा। साथ ही संविधान व चुनाव प्रणाली को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों को 'न्याय का सामना' करना होगा।

बैठक के बाद गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी गठबंधन एकजुट है और अब अलग-अलग या समानांतर प्रदर्शन नहीं होंगे। उन्होंने कहा, 'कोई समानांतर विरोध-प्रदर्शन नहीं, सिर्फ एक प्रदर्शन है और उसका एकमात्र मिशन भारत में लोकतंत्र को बहाल करना है।'

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली को नष्ट कर दिया गया है। उनका कहना था, 'हम देश में वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।' कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने जनता के मुद्दों को लेकर काम किया और इसमें सफलता भी मिली है। इससे पहले दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्रित नहीं हुए थे। यह पहली बार है कि सभी लोग यहां पहुंचे हैं। सरकार का वोट चोरी का जो प्लान है, उसके खिलाफ सभी तैयार हो गए हैं।

राहुल गांधी के आवास 5 सुनहरी बाग रोड पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और आनंद भदौरिया, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष समेत विपक्ष के कई नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि रास्ता मुश्किल है, लेकिन विपक्ष इस पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। उन्होंने चुनाव आयोग में सुधार की जरूरत बताते हुए विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार ऐसा व्यवहार कर रही है, मानो वह कोई शाही दरबार हो।

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी ने किसी नए कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी है। राहुल गांधी ने एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कहा था कि कोई नया कार्यक्रम नहीं है और पहले से चल रहा कार्यक्रम जारी रहेगा। आगे की स्थिति के बारे में राहुल गांधी ही जानकारी देंगे।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि सभी नेता जनता की आवाज उठाने के उद्देश्य से एकजुट हुए हैं और इसी मकसद से उन्हें चाय पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। वहीं कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि फिलहाल उन्हें केवल चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि यदि किसी फैसले या कार्रवाई को केवल कुछ दिनों या दो सप्ताह के लिए टाल दिया जाता है, तो इसे राहत मानकर खुश नहीं होना चाहिए। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि किसी संभावित नुकसान को कुछ समय के लिए टालना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।