शाहजहांपुर नगर निगम के पार्षदों का हैरान करने वाला वीडियो सामने आया, भ्रष्टाचार से होने वाली आमदनी को 60 पार्षदों में बांटने की शपथ ले रहे, नगर आयुक्त ने दिए जांच के निर्देश
-राजीव शर्मा- शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में नगर निगम के पार्षदों द्वारा कथित तौर पर भ्रष्टाचार से मिली धनराशि को आपस में बांटने की शपथ लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है। वायरल वीडियो में कई लोग हाथ में जल लेकर एक व्यक्ति द्वारा बोली जा रही शपथ को दोहराते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में शामिल लोग नगर निगम के पार्षद बताये जा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त सौम्या गुरु रानी ने जांच के आदेश दिए हैं।
हाथ में जल लेकर ली गई कथित शपथ
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे वीडियो में कई लोग एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। इनमें एक व्यक्ति शपथ के शब्द बोल रहा है और बाकी लोग हाथ में जल लेकर उसके पीछे-पीछे शपथ दोहराते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर कहा जा रहा है कि नगर निगम की जो भी आमदनी होगी, उसे 60 पार्षदों में बराबर बांटा जाएगा। शपथ में यह भी कहा जा रहा है कि समूह के किसी व्यक्ति पर आंच आने पर सभी लोग एकजुट होकर उसके साथ खड़े होंगे। वीडियो के अंत में गद्दारी करने वाले व्यक्ति के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।
वीडियो में दिख रहे लोगों को पार्षद बताया जा रहा
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों को नगर निगम का पार्षद बताया जा रहा है। हालांकि वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और शपथ के पूरे संदर्भ की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। नगर निगम प्रशासन ने इसी को देखते हुए मामले की जांच शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी चर्चा
वायरल वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर अलग-अलग दावे भी किए जा रहे हैं। एक पार्षद को लेकर दावा किया जा रहा है कि करीब तीन साल पहले उसके पास एक मकान था, जबकि अब उसने कथित तौर पर कई मकान और लग्जरी गाड़ियां खरीद ली हैं। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने कम समय में संबंधित पार्षद की संपत्ति में इतनी वृद्धि कैसे हुई।
हालांकि, इन सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन आरोपों को जांच के निष्कर्ष आने तक केवल दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
नगर आयुक्त ने दिए जांच के आदेश
इस मामले में नगर आयुक्त सौम्या गुरु रानी ने बताया कि वायरल वीडियो नवंबर 2025 का बताया जा रहा है। उस समय नगर निगम में कोई अन्य नगर आयुक्त तैनात थे। इसके बावजूद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए वायरल वीडियो की जांच के आदेश दिए हैं।
जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोग वास्तव में नगर निगम के पार्षद हैं या नहीं, वीडियो किस परिस्थितियों में बनाया गया था और उसमें कही गई बातों की वास्तविकता क्या है। नगर निगम प्रशासन की जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।