जोहरान ममदानी का विरोध बेअसर,  न्‍यूयॉर्क में मोहन भागवत का जोरदार स्‍वागत,  गोलमेज बैठक में भारतीयों से की बात

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय दौरे पर हैं। अमेरिका में हो रहे विरोध की वजह से उनका दौरा चर्चा में है।

Aug 28, 2026 - 20:29
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जोहरान ममदानी का विरोध बेअसर,  न्‍यूयॉर्क में मोहन भागवत का जोरदार स्‍वागत,  गोलमेज बैठक में भारतीयों से की बात


 


वॉशिंगटन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत इस समय अमोरिका के दौरे पर हैं। शुक्रवार को न्यूयॉर्क में एक राउंडटेबल मीटिंग के दौरान उन्होंने भारतीय-अमेरिकियों से मुलाकात की और कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। यह बातचीत उनके इस दौरे का हिस्सा है, जो आरएसएस की शताब्दी से जुड़े कार्यक्रमों के तहत हो रहा है। इस दौरे की काफी चर्चा है क्योंकि अमेरिका में कई संगठनों और खासतौर से न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन के कार्यक्रम का विरोध किया है।

मोहन भागवत आरएसएस के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम के तहत तीन दिन न्यूयॉर्क में हैं। न्यूयॉर्क में भागवत ने उद्योग जगत की हस्तियों और अधिकारियों के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बैठक में शामिल सिलिकॉन वैली की निवेशक आशा जडेजा मोटवानी ने एक्स पर कहा कि आरएसएस प्रमुख ने अंतरिक्ष से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने भागवत को भारत-अमेरिका मित्रता का सच्चा हिमायती बताया। उन्होंने मैडिसिन स्क्वायर के कार्यक्रम के भी हिट होने का दावा किया।  
 
आशा जडेजा मोटवानी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'न्यूयॉर्क में मोहन भागवत के साथ एक बेहतरीन गोलमेज बैठक हुई। उन्होंने दूरसंचार, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा, पारंपरिक ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, क्वांटम कंप्यूटिंग और उद्योगों से जुड़े सवालों पर हम सभी लोगों के महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दिए। उन्होंने हमें काफी प्रभावित किया।

भागवत के साथ बातचीत के बारे में आशा ने कहा कि वह वास्तव में एकजुट भारत और एकजुट विश्व में विश्वास रखते हैं। वह धार्मिक समूहों के बीच कोई अंतर नहीं देखते हैं। उनके लिए सभी कुटुंबकम (परिवार) की तरह हैं। उनके जवाबों से हम सभी में यह विश्वास पैदा हुआ कि वह चीजों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

आशा ने कहा कि आरएसएस प्रमुख का भारतीय युवाओं की ओर विशेष झुकाव है। यह साफ दिख रहा था कि उन्हें भारतीय युवाओं पर अटूट विश्वास है और वह उस बदलाव पर भरोसा करते हैं, जिसकी मांग युवा कर रहे हैं। वह देश में युवाओं के सबसे बड़े समर्थक प्रतीत होते हैं। भारत के लिए यह बहुत सौभाग्य की बात है।


मोहन भागवत की यह गोलमेज बैठक 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन से पहले हुई है। इस कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (एएचईएडी) की ओर से किया जा रहा है। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर और कई संगठनों के विरोध के चलते इसकी काफी चर्चा है।

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार को कहा था कि वह मेडिसन स्क्वेयर गार्डन में होने वाले 29 अगस्त के प्रस्तावित कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं इस रैली का समर्थन नहीं करता हूं। हालांकि मुझे नहीं पता कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर के पास है या नहीं।

यूएससीआरएफ के चेयरमैन आसिफ महमूद ने भी भागवत का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को RSS सदस्यों और धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में कथित तौर पर शामिल भारतीय अधिकारियों के खिलाफ टारगेटेड सैंक्शंस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मोहन भागवत का वीजा रद्द करने और उन्हें भविष्य में अमेरिका में प्रवेश के लिए अयोग्य घोषित करने पर विचार करने की अपील की।