आगरा मंडल में पांच से ज्यादा चालान वाले वाहन मालिकों पर होगी कार्रवाई, लाइसेंस निलंबित करने के निर्देश
आगरा मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती का फैसला लिया गया। एक साल में पांच से अधिक चालान वाले वाहन स्वामियों को नोटिस देकर लाइसेंस निलंबित करने के निर्देश दिए गए। ई-रिक्शा किराये पर चलवाने वाले मालिकों पर भी कार्रवाई होगी। सर्दियों में यमुना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गति सीमा घटाने, एंबुलेंस-क्रेन बढ़ाने और सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए। आगरा मंडल में 134 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं, जबकि फिरोजाबाद में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में बढ़ोतरी पर विशेष चिंता जताई गई।
मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
एक्सप्रेसवे पर सर्दियों में घटेगी वाहनों की रफ्तार, 134 ब्लैक स्पॉट सुधारने की तैयारी
अवैध तरीके से ई-रिक्शा चलवाने वालों पर भी कसेगा शिकंजा
आगरा। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आगरा मंडल में अब नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक साल में पांच से अधिक चालान होने पर वाहन स्वामियों को नोटिस देकर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कई बैटरी चालित ऑटो और ई-रिक्शा खरीदकर उन्हें किराये पर चलवाने वाले मालिक भी प्रशासन के निशाने पर होंगे।
शुक्रवार को मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय सहित परिवहन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं, यातायात नियमों के उल्लंघन, एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट सुधारने के कार्यों की समीक्षा की।
पांच से ज्यादा चालान पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई
बैठक में हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल फोन और ईयरफोन का इस्तेमाल, गलत दिशा में वाहन चलाने, नशे की हालत में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और स्टंटबाजी के खिलाफ की गई कार्रवाई की तुलनात्मक समीक्षा की गई। समीक्षा में सामने आया कि वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में आगरा और फिरोजाबाद में हेलमेट नहीं पहनने, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने और नशे की हालत में वाहन चलाने के मामलों में चालान की संख्या कम हुई है। हालांकि, सीट बेल्ट नहीं लगाने और गलत दिशा में वाहन चलाने के मामलों में चालान बढ़े हैं।
मंडल में अप्रैल से सितंबर तक विभिन्न यातायात अपराधों में कुल 520 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि पिछले एक वर्ष में जिन वाहन स्वामियों के पांच से अधिक चालान हुए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाए। मथुरा में लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई कम होने पर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
ई-रिक्शा के जाम से मिलेगी राहत
शहरों में तेजी से बढ़ रहे बैटरी चालित ऑटो और ई-रिक्शा के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी शैलेश कुमार पाण्डेय ने ऐसे वाहन स्वामियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए, जो कई ई-रिक्शा और बैटरी चालित ऑटो खरीदकर अलग-अलग मार्गों पर किराये पर चलवा रहे हैं। निर्देश दिए गए कि केवल वैध लाइसेंस रखने वाले चालक ही इन वाहनों का संचालन करें। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया जाए। इसके लिए पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करेंगे और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
सर्दियों में एक्सप्रेसवे पर कम होगी वाहनों की रफ्तार
शीत ऋतु में कोहरे और कम दृश्यता के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। मंडलायुक्त ने यीडा और यूपीडा के अधिकारियों को एक्सप्रेसवे पर सुरक्षात्मक और सुधारात्मक कार्य कराने के निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देशों में शामिल हैं:
कोहरे के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गति सीमा कम कर स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएं।
एक्सप्रेसवे के किनारे पेड़ों की छंटाई कराई जाए, ताकि यातायात संकेतक साफ दिखाई दें।
सड़क पर सफेद और पीली रोड मार्किंग कराई जाए।
दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए एंबुलेंस और क्रेन की संख्या बढ़ाई जाए।
चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्य कराए जाएं।
मथुरा क्षेत्र के बाद-बरेली एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
प्रत्येक टोल प्लाजा पर आधुनिक सुविधाओं से लैस फायर टेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
आगरा मंडल के राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रति किलोमीटर सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का भी अनुपालन कराने को कहा गया।
फिरोजाबाद में बढ़ीं दुर्घटनाएं और मौतें
बैठक में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में सड़क दुर्घटनाओं तथा उनमें हुई मौतों के आंकड़ों की समीक्षा की गई। इसमें सामने आया कि पिछले वर्ष की तुलना में सितंबर 2026 तक फिरोजाबाद में सड़क दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस पर मंडलायुक्त ने फिरोजाबाद की सड़क सुरक्षा समिति को विशेष प्रयास करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएं। मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं के आने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाने के संबंध में संबंधित विभागों से पत्राचार करने के निर्देश भी दिए गए।
मंडल में 134 ब्लैक स्पॉट, सुधार कार्यों की मांगी समयसीमा
समीक्षा में बताया गया कि आगरा मंडल के चारों जिलों में कुल 134 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार कार्यों की योजना तैयार की गई है। मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि सभी ब्लैक स्पॉट पर चल रहे सुधार कार्यों की प्रगति निर्धारित समयसीमा के साथ प्रस्तुत की जाए। संबंधित विभाग सड़क सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करना सुनिश्चित करें।
टोल प्लाजा पर ओवरलोड और ओवरस्पीड वाहनों पर कार्रवाई
बैठक में वे-इन-मोशन ब्रिज और टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की निगरानी की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने बताया कि आगरा के जाजऊ और कौरई टोल प्लाजा सहित मथुरा के टोल प्लाजा से ओवरस्पीड और ओवरलोड वाहनों का अपेक्षित डाटा प्राप्त नहीं हो रहा है। इस पर संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। ट्रांसपोर्टरों के ओवरलोड वाहनों और अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। सभी टोल प्लाजा पर एंबुलेंस और क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्कूल वाहनों की सुरक्षा जांच होगी
स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए गठित विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। बताया गया कि प्रत्येक जनपद में इन समितियों का गठन किया जा चुका है। समितियों को स्कूलों से जुड़े वाहनों के दस्तावेज, चालकों के प्रपत्र और वाहनों की तकनीकी स्थिति की जांच करनी है। स्कूलों में समिति की बैठक कराने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को दी गई है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि समितियों की बैठकों का आयोजन नियमित रूप से कराया जाए और जारी निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट के साथ बैठक की कार्यवाही का विवरण भी उपलब्ध कराया जाए।
दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा बढ़ेगी
बैठक में हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ितों के मुआवजा योजना की भी समीक्षा की गई। फिरोजाबाद और मैनपुरी में इस योजना के तहत कोई प्रकरण सामने नहीं आने पर अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। कैशलेस उपचार योजना के तहत आगरा और मैनपुरी में अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जिले के प्रमुख मार्गों पर अस्पतालों का चयन किया जाए और चयनित अस्पतालों की सूची संबंधित क्षेत्र के पुलिस थानों और चौकियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि दुर्घटना होने पर घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
इसके अलावा पुलिस और परिवहन विभाग को आपसी समन्वय से गूगल शीट पर सड़क दुर्घटनाओं का पूरा विवरण दर्ज कराने तथा आई-रेड एप में दुर्घटनाओं की फीडिंग से जुड़े आंकड़ों के अंतर को दूर करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल चालान करना पर्याप्त नहीं है। यातायात नियमों का पालन, ब्लैक स्पॉट का सुधार, एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा इंतजाम और दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता होगी।