यूपी में 2027 का रण जीतने को शाह का मास्टर प्लान, योगी मॉडल पर भरोसा और 20 हजार बूथों पर नजर
लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने भाजपा को उत्तर प्रदेश में अंगद का पैर बताते हुए तीसरी बार सरकार बनाने का दावा किया और सरकार बनने पर UCC लागू करने की घोषणा की। शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों के लिए तारीफ की तथा सपा-कांग्रेस पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री योगी ने SIR के बाद मतदाता सूची में नामों की कमी और 94 विधानसभा सीटों पर संभावित चुनौती को लेकर कार्यकर्ताओं को आगाह किया। भाजपा ने 20 हजार फोकस बूथों पर 100 से 200 वोट बढ़ाने, पांच नवंबर के बाद ज्वाइनिंग अभियान चलाने और बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की रणनीति बनाई।
अमित शाह बोले- भाजपा अंगद का पैर, कोई नहीं हिला सकता; तीसरी बार सरकार बनी तो लागू होगा यूसीसी , योगी ने 94 विधानसभा सीटों को लेकर किया आगाह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। भाजपा ने चुनाव से करीब पांच-छह माह पहले ही अपनी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी के 2500 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी विजय का मंत्र दिया। शाह के संबोधन में जहां योगी सरकार के कामकाज की खुलकर सराहना हुई, वहीं समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और उनके शीर्ष नेताओं पर तीखे राजनीतिक हमले भी किए गए।
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा अंगद का पैर है, जिसे कोई हिला नहीं सकता। अब कार्यकर्ताओं को कमर कसकर अर्जुन की तरह केवल चुनावी लक्ष्य पर नजर रखनी है। 2027 में फिर भाजपा की सरकार बनानी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहुल गांधी की निरर्थक बकवास का जवाब विपक्ष को 2027 में भाजपा की सरकार बनाकर दिया जाएगा।
शाह का संदेश केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं था। उन्होंने संगठन के भीतर नाराजगी, मनमुटाव और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को खत्म करने की नसीहत भी दी। कार्यकर्ताओं से कहा कि सभी अपनी नाराजगी गोमती नदी में छोड़कर जाएं। चुनाव के दौरान उनसे बार-बार मुलाकात होगी और वे कार्यकर्ताओं के काम का हिसाब भी पूछेंगे। इसलिए बही-खाता अच्छा रहना चाहिए।
तीसरी बार सरकार बनी तो यूपी में लागू होगा यूसीसी
अमित शाह ने प्रदेश कार्यसमिति के मंच से बड़ा राजनीतिक और वैचारिक संदेश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर यहां भी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अनुच्छेद 370 समाप्त किया, लेकिन कहीं एक कंकड़ तक नहीं चला। अब नशामुक्ति का लक्ष्य दिसंबर 2029 तक पूरा करना है। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश में दंगों में 70 प्रतिशत की गिरावट आई है। कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर बताना होगा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में क्या बदलाव किए हैं और यदि सरकार बदलती है तो उत्तर प्रदेश को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
राम मंदिर और 30 अक्टूबर के बहाने सपा पर हमला
अमित शाह ने 30 अक्टूबर 1990 की अयोध्या की घटना का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इसी दिन अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग किस मुंह से फिर सरकार बनाने की बात करते हैं।
शाह ने कहा कि एक तरफ रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं, दूसरी तरफ भाजपा ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने सरकार की चिंता किए बिना विवादित ढांचे को गिरवाने का निर्णय लिया था। जनता इस इतिहास को नहीं भूलेगी और विपक्ष की तीसरी पीढ़ी को भी माफ नहीं करेगी। इस मुद्दे के जरिए शाह ने भाजपा के हिंदुत्व और राम मंदिर के एजेंडे को 2027 के चुनाव से जोड़ने की कोशिश की। उनका संदेश साफ था कि भाजपा अपने वैचारिक मुद्दों और सरकार के विकास कार्यों को एक साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी।
योगी सरकार की खुलकर तारीफ, माफिया राज खत्म करने का श्रेय दिया
अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश से माफिया का सफाया किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं। कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बना और निवेश से रोजगार के अवसर पैदा हुए। शाह ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश को धन उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं की और योगी सरकार ने उन योजनाओं को जमीन पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
उन्होंने एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, जेवर एयरपोर्ट और प्रदेश में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे नेटवर्क वाला राज्य है। केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपये की सहायता से प्रदेश के विकास को गति दी है। शाह ने सपा सरकार पर परिवारवाद और तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव और उनके पिता की सरकारों ने गरीबों का हक अपने परिवार और कार्यकर्ताओं को दिया। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने लाभार्थियों को चुन-चुनकर योजनाओं का लाभ पहुंचाया। केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है।
2014 के 44 विधायकों से 312 सीटों तक का सफर याद दिलाया
अमित शाह ने भाजपा के पुराने चुनावी संघर्ष का उल्लेख कर कार्यकर्ताओं को संगठन की ताकत समझाई। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तर प्रदेश में भाजपा के केवल 44 विधायक थे और पार्टी के सामने निराशा की स्थिति थी। उन्होंने स्वयं तहसील स्तर तक जाकर संगठन को मजबूत करने का काम किया। शाह ने कहा कि संगठन की ताकत के दम पर भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 41 प्रतिशत वोट हासिल कर 73 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में करीब 40 प्रतिशत वोट के साथ 312 सीटें हासिल कीं।
उन्होंने नोटबंदी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर तंज कसा और कहा कि नोटबंदी के बाद अखिलेश को रातभर नींद नहीं आई थी। शाह का यह बयान कार्यकर्ताओं को भाजपा के पुराने चुनावी प्रदर्शन की याद दिलाने और 2027 में उसी तरह की जीत दोहराने का राजनीतिक संदेश था।
वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष को चुनौती
विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर भी अमित शाह ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में मैच हारने के बाद अब अंपायर पर आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष विशेष सत्र बुलाने की बात करे, सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। शाह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष चुनावी हार के बाद आरोप लगाने की राजनीति कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विपक्ष के आरोपों का जवाब तथ्यों और सरकार के कामकाज के आधार पर देने को कहा।
योगी ने बताया 28 शहरी सीटों पर खतरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी करीब 25 करोड़ है और जनगणना के आंकड़े आने पर यह 25.70 करोड़ तक पहुंच सकती है। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 16 करोड़ मतदाता होने चाहिए, जबकि SIR के बाद मतदाता सूची में केवल 13.39 करोड़ नाम दर्ज हैं। योगी ने दावा किया कि करीब 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 28 शहरी विधानसभा सीटें खतरे में हैं, जबकि 66 अन्य सीटों पर भी स्थिति चिंताजनक है।
मुख्यमंत्री ने जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को मतदाता सूची में छूटे हुए नाम जुड़वाने के लिए पूरी सक्रियता से काम करने की हिदायत दी। उन्होंने साफ कहा कि इस काम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। योगी का यह बयान भाजपा की चुनावी रणनीति के एक महत्वपूर्ण पहलू को सामने लाता है। पार्टी अब बूथ स्तर पर मतदाता सूची की समीक्षा, नए मतदाताओं को जोड़ने और छूटे हुए नामों को शामिल कराने पर विशेष जोर देने जा रही है।
20 हजार फोकस बूथों पर भाजपा की नजर
प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने संगठनात्मक रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि भाजपा ने प्रदेश में 20 हजार फोकस बूथ चिह्नित किए हैं। ये वे बूथ हैं जहां भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा।
ये बूथ करीब 100 विधानसभा क्षेत्रों में फैले हैं। पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर 100 से 200 वोट बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को अभी से सक्रिय किया जा रहा है। धर्मपाल सिंह ने बताया कि पांच नवंबर के बाद भाजपा का ज्वाइनिंग अभियान शुरू होगा। पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में प्रभावशाली और पार्टी में शामिल होने के इच्छुक लोगों की सूची तैयार कर ज्वाइनिंग कमेटी को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यह रणनीति बताती है कि भाजपा 2027 के चुनाव को केवल बड़े नेताओं की सभाओं के भरोसे नहीं छोड़ना चाहती, बल्कि बूथ प्रबंधन और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है।
तावड़े का संकेत-अमित शाह के मार्गदर्शन में लड़ा जाएगा चुनाव
उत्तर प्रदेश भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव अमित शाह के मार्गदर्शन में होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अमित शाह ने बैठक में कई बार योगी की तारीफ की है। समझदार को इशारा काफी है।
तावड़े का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व के बीच चुनावी समन्वय का संकेत मिला है। उन्होंने UGC के मुद्दे पर भी कहा कि पार्टी अपने मतदाताओं से संवाद कर उन्हें समझाएगी। तावड़े ने यह भी कहा कि इस बार भाजपा यूपी चुनाव में '400 पार' जैसे नारे वाली गलती नहीं करेगी। यानी पार्टी इस बार चुनावी लक्ष्य को लेकर अधिक व्यावहारिक और जमीनी रणनीति पर काम करना चाहती है।
योगी बोले-विपक्ष के दुष्प्रचार का जनता के बीच जाकर दें जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को विपक्ष के नैरेटिव का मुकाबला करने की सलाह दी। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के दौरान फैलाई गई कथित गलतफहमियों का उदाहरण दिया। योगी ने बताया कि कॉरिडोर निर्माण के दौरान कुछ संतों को यह गलत जानकारी दी गई थी कि मंदिर तोड़ने की साजिश हो रही है। उन्होंने संतों को बुलाकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। बाद में मूर्तियों के निर्माण के दौरान बचे अवशेषों को लेकर भी सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष भी इसी तरह गलत नैरेटिव स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर सरकार के सकारात्मक कामों और उपलब्धियों को बताना चाहिए। उन्होंने भाजपा की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी की पहचान उसके आदर्श, मूल्य और सिद्धांत हैं। भाजपा का कार्यकर्ता अपने मान-सम्मान की चिंता किए बिना संगठन के लिए काम करता है।
पंकज चौधरी ने संगठन को बताया भाजपा की असली ताकत
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्वागत संबोधन में कहा कि यह केवल औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि संगठन की शक्ति का मूल्यांकन करने और प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने की रणनीति तैयार करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल चुनाव लड़ने वाली पार्टी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का विचार है। पार्टी का लक्ष्य सत्ता प्राप्त करना मात्र नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। पंकज चौधरी ने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से जनता के बीच नियमित संवाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर संगठन को प्राथमिकता देनी होगी। भाजपा की असली पूंजी सत्ता नहीं, बल्कि उसका कार्यकर्ता है।
उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने 278 सीटें जीती थीं, जबकि विपक्ष 128 सीटों पर सिमट गया था। कार्यकर्ताओं को मतदाताओं के बीच रहकर उन्हें विपक्ष के भ्रम से बचाना होगा।
केशव मौर्य ने पेश किया राजनीतिक प्रस्ताव
बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2022 में भाजपा की सरकार बनी थी। अब 2027 में भी जनता भाजपा को अभूतपूर्व जनादेश देने जा रही है। उन्होंने भाजपा सरकार और संगठन की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का राजनीतिक इतिहास बताता है कि लंबे समय तक राजनीतिक समीकरण केवल वर्चस्व के आधार पर कायम नहीं रहते। जनता के दिलों में जगह बनाने से ही राजनीतिक आधार मजबूत होता है। भाजपा इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
2027 के लिए भाजपा का चुनावी रोडमैप साफ
करीब नौ महीने बाद लखनऊ पहुंचे अमित शाह ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सभागार में हुई बैठक के जरिए उत्तर प्रदेश भाजपा को स्पष्ट चुनावी संदेश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई। अमित शाह ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यसमिति की बैठक का शुभारंभ किया। इससे पहले योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने उनका स्वागत किया। बैठक में पिछले ढाई वर्षों के दौरान दिवंगत हुए भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
राजनीतिक रूप से इस बैठक के तीन प्रमुख संदेश सामने आए। पहला, भाजपा 2027 के चुनाव में योगी सरकार के कानून-व्यवस्था और विकास के मॉडल को प्रमुखता देगी। दूसरा, राम मंदिर, UCC और वैचारिक मुद्दों को चुनावी विमर्श में बनाए रखेगी। तीसरा, बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची और संगठनात्मक एकजुटता को जीत का आधार बनाएगी। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को यह भी याद दिलाया कि सरकार के काम अपनी जगह हैं, लेकिन कार्यकर्ता का पराक्रम सबसे बड़ा है। उनका पूरा जोर इस बात पर रहा कि 2027 का चुनाव केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर कार्यकर्ता का चुनाव होना चाहिए।
कुल मिलाकर लखनऊ की प्रदेश कार्यसमिति बैठक भाजपा के लिए 2027 के चुनावी अभियान का शुरुआती बिगुल साबित हुई। शाह ने जीत का भरोसा जताया, योगी ने संभावित चुनावी चुनौतियों का आईना दिखाया और संगठन ने बूथ स्तर पर तैयारी तेज करने का संकल्प लिया। अब देखना होगा कि भाजपा का यह चुनावी रोडमैप जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है।