आगरा के जूता उद्योग को मिलेगी नई उड़ान, सिडबी और एफमेक ने मिलाया हाथ
आगरा के फुटवियर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सिडबी और एफमेक के बीच एमओयू हुआ है। फेयरफील्ड बाय मैरियट में आयोजित इंडस्ट्री कनेक्ट कार्यक्रम में हुई इस साझेदारी का उद्देश्य फुटवियर क्षेत्र की एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय मार्गदर्शन, तकनीकी उन्नयन और कारोबार विस्तार में सहयोग देना है। इससे आगरा फुटवियर क्लस्टर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय मदद, तकनीकी उन्नयन और कारोबार विस्तार में मिलेगी सहायता, वैश्विक बाजार में आगरा के फुटवियर क्लस्टर को मजबूत बनाने की पहल
आगरा। आगरा के फुटवियर उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को आर्थिक एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) और आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर (AFMEC) के बीच शुक्रवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी से फुटवियर कारोबारियों को वित्तीय मार्गदर्शन, तकनीकी उन्नयन और कारोबार विस्तार के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
फेयरफील्ड बाय मैरियट में आयोजित 'सिडबी–एफमेक इंडस्ट्री कनेक्ट' कार्यक्रम में उद्योग और बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आगरा फुटवियर क्लस्टर की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा की। सिडबी के डेवलपमेंट ऑफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (DIA) कार्यक्रम के अंतर्गत हुई यह पहल आगरा के फुटवियर उद्योग को संस्थागत सहयोग से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है। एमओयू का मुख्य उद्देश्य फुटवियर क्षेत्र की छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयों की जरूरतों को समझना, उन्हें सिडबी की योजनाओं से जोड़ना और उद्योग के विकास के लिए बैंक तथा उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि आगरा के फुटवियर उद्यमियों में अपार क्षमता है। वित्तीय संसाधनों तक आसान पहुंच, तकनीकी उन्नयन और कारोबार विस्तार के लिए उचित मार्गदर्शन मिलने से उद्योग को नई गति मिल सकती है। सिडबी के साथ यह समझौता सदस्य इकाइयों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से सामने रखने तथा उनके समाधान का रास्ता तैयार करेगा।
सिडबी की आगरा शाखा के सहायक महाप्रबंधक जितेंद्र जैन ने कहा कि बैंक का प्रयास है कि फुटवियर क्षेत्र की एमएसएमई इकाइयों को उनकी जरूरतों के अनुरूप वित्तीय मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग मिले। एफमेक के साथ साझेदारी से उद्यमियों तक सिडबी की विभिन्न योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और उनके विकास की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एफमेक कन्वीनर एवं फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा के फुटवियर क्लस्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने के लिए केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उद्योग को गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और उत्पादकता पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि सिडबी और एफमेक का यह सहयोग छोटे उद्यमों को सशक्त बनाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहयोग बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में एफमेक के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन एएस राणा, उपाध्यक्ष राजेश सहगल, महासचिव प्रदीप वासन, कोषाध्यक्ष चंद्र मोहन सचदेवा, ललित अरोरा, सुनील मनचंदा, रोमी लूथरा और शशांक बंसल सहित उद्योग जगत के अनेक प्रतिनिधि मौजूद रहे।