राधाष्टमी पर आगरा हुआ राधामय, श्रीजगन्नाथ मंदिर में पालकी यात्रा तो गौशाला में गूंजा ‘राधे-राधे’
राधाष्टमी पर आगरा में भक्ति की अनूठी छटा देखने को मिली। श्रीजगन्नाथ मंदिर को फूलों और पत्तियों से भव्य रूप से सजाया गया और श्रीराधा-कृष्ण की पालकी यात्रा निकाली गई। महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में 27 नदियों के जल और 27 पुष्पों से राधारानी का अभिषेक कर महाआरती की गई। वहीं बल्केश्वर गौशाला में सर्व सहाय सेवा समिति ने गौसेवा, 56 भोग और संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। दोनों धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु भक्ति में डूबे रहे और राधा-कृष्ण, जय श्रीराम व जय हनुमान के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
आगरा। राधाष्टमी के पावन अवसर पर शनिवार को ताजनगरी में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया। शहर के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर राधारानी के जन्मोत्सव को लेकर विशेष आयोजन किए गए। कहीं फूलों और पत्तियों से मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया तो कहीं पालकी यात्रा, अभिषेक, महाआरती, गौसेवा, 56 भोग और सुंदरकांड पाठ के माध्यम से श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की आराधना की। श्रीजगन्नाथ मंदिर में राधारानी की भव्य पालकी यात्रा और 27 नदियों के जल से अभिषेक आकर्षण का केंद्र रहा, वहीं बल्केश्वर स्थित गौशाला में सर्व सहाय सेवा समिति की ओर से गौसेवा, 56 भोग और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। दोनों आयोजनों में श्रद्धालु देर तक भक्ति में डूबे रहे।
श्रीजगन्नाथ मंदिर में राधे-राधे के जयकारों से गूंजा परिसर
राधाष्टमी पर श्रीजगन्नाथ मंदिर को केले, आम, अशोक और पीपल के पत्तों के साथ गुलाब, गेंदा और रजनीगंधा के देसी फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। पारिजात, गेंदा और गुलाब के पुष्पों से ‘राधे-राधे’ लिखकर मंदिर की सजावट की गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही राधारानी की महिमा के भजन और जयकारे गूंजते रहे। शाम पांच बजे श्रीराधा-कृष्ण की पुष्पों से सजी भव्य पालकी कीर्तन करते हुए महाराजा अग्रसेन सेवा सदन पहुंची। यहां राधारानी के अभिषेक का विशेष आयोजन किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार 27 मूलों में जन्मी राधारानी के प्रतीक स्वरूप 27 नदियों के जल से भरे कलश और 27 प्रकार के पुष्पों से अभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती हुई। नीले रंग के परिधान में श्रृंगारित राधारानी की अलौकिक छवि के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मंदिर परिसर में चारों ओर ‘श्रीराधे’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारे गूंजते रहे।
राधारानी की कथा सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
वृंदावन इस्कॉन मंदिर के वरिष्ठ संन्यासी एवं दीक्षा गुरु प्रबोधानंद सरस्वती स्वामी महाराज तथा आगरा इस्कॉन के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने श्रद्धालुओं को राधारानी की महिमा से जुड़े प्रसंग सुनाए। उन्होंने रावल गांव में कमल पुष्प पर राधारानी के प्राकट्य तथा श्रीकृष्ण के दर्शन के साथ उन्हें दृष्टि प्राप्त होने की कथा का वर्णन किया। इस दौरान राधारानी के लिए श्रीकृष्ण द्वारा की गई मोतियों की खेती से जुड़ी कथा भी सुनाई गई। मृदंग और मंजीरों की मधुर धुनों के बीच श्रीराधा-कृष्ण की पालकी मंदिर परिसर में निकाली गई। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर पालकी का स्वागत किया। कमल पुष्प पर विराजमान राधारानी की अलौकिक झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बच्चों ने भी राधा-कृष्ण के प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर भक्तिमय वातावरण को और आकर्षक बना दिया।
आयोजन में संजीव मित्तल, नितेश अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, राजेश गर्ग, संजीव बंसल, कमता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, राजीव मल्होत्रा, अदिति गौरांगी, विपिन अग्रवाल और देव केशव सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
बल्केश्वर गौशाला में गौसेवा के साथ 56 भोग और सुंदरकांड
राधाष्टमी के अवसर पर सर्व सहाय सेवा समिति की ओर से बल्केश्वर स्थित गौशाला में भी धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गौसेवा, 56 भोग, संगीतमय सुंदरकांड पाठ और प्रसादी वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने गौ माता की सेवा कर धर्मलाभ लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गौ माता को संस्था की ओर से 56 भोग अर्पित कर किया गया। इसके बाद रामनिवास गुप्ता ने संगीतमय सुंदरकांड पाठ किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सुंदरकांड केवल धार्मिक पाठ नहीं, बल्कि भक्ति, साहस, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देने वाला प्रसंग है।
उन्होंने हनुमान जी के चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु के प्रति अटूट विश्वास और निस्वार्थ सेवा से कठिन से कठिन कार्य भी सरल हो जाता है। सुंदरकांड की चौपाइयों का भावपूर्ण वाचन करते हुए उन्होंने हनुमान जी के पराक्रम, विनम्रता और श्रीराम के प्रति उनकी अनन्य भक्ति की व्याख्या की।
रामनिवास गुप्ता ने कहा कि हनुमान जी ने अपनी शक्ति का उपयोग लोककल्याण और प्रभु सेवा के लिए किया। सुंदरकांड के प्रसंग विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, सत्य के मार्ग पर चलने और समाज सेवा की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौसेवा के साथ जरूरतमंदों की सहायता और धार्मिक संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
संगीत की धुनों के बीच सुंदरकांड की चौपाइयों और उनके भावार्थ से गौशाला परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर होकर ‘जय श्रीराम’ और ‘जय हनुमान’ के जयकारे लगाते रहे। सुंदरकांड पाठ के बाद प्रसादी का वितरण किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष दिलीप कुमार अग्रवाल, महामंत्री आशीष अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सुनील गर्ग, विनीत अग्रवाल, नवीन गुप्ता, सचिन अग्रवाल, आदर्श मैनी, दुर्गेश गर्ग, मोहित अग्रवाल, श्याम मोहन गुप्ता, लक्की सिंघल और श्याम कुमार सिंघल सहित अन्य सदस्य व श्रद्धालु मौजूद रहे।