यूपी के 18 मंडलों में पीएम मोदी की रैलियों की तैयारी, योगी आज गाजियाबाद में निकाल रहे पदयात्रा, अमित शाह संभालेंगे संगठन की कमान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों में रैलियों के जरिए उतारने की योजना बनाई गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह क्षेत्रवार बैठकों और बूथ सम्मेलनों के माध्यम से संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पदयात्राओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए चुनावी माहौल बनाने में जुटे हैं।

Nov 5, 2026 - 08:23
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यूपी के 18 मंडलों में पीएम मोदी की रैलियों की तैयारी, योगी आज गाजियाबाद में निकाल रहे पदयात्रा, अमित शाह संभालेंगे संगठन की कमान
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भाजपा की योजना प्रधानमंत्री मोदी की मंडल मुख्यालयों पर रैलियां कराने की है, ताकि प्रदेश के सभी क्षेत्रों तक पार्टी का संदेश पहुंचाया जा सके। इन रैलियों का विस्तृत कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है। पार्टी की व्यापक चुनावी गतिविधियां 20 नवंबर के बाद तेज होने की संभावना जताई गई है।

तीन स्तरों पर चुनावी तैयारी

भाजपा की रणनीति में शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक जिम्मेदारियां बांटने की तैयारी है। प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों के जरिए प्रदेशव्यापी राजनीतिक संदेश देने की योजना है। अमित शाह क्षेत्रवार बैठकें और बूथ स्तर के सम्मेलन करेंगे। वहीं, पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दूसरे वरिष्ठ नेता विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाएंगे।

इस रणनीति का एक उद्देश्य उन क्षेत्रों और सीटों पर विशेष ध्यान देना भी है, जहां भाजपा को 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। पार्टी की शुरुआती योजना में ऐसे कमजोर क्षेत्रों और जिलों में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने पर जोर है।

आज गाजियाबाद में योगी की पदयात्रा

भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आज पांच नवंबर को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं। कार्यक्रम के लिए दिल्ली-6 मॉल के पास कार्यकर्ताओं के जुटने और पूर्वाह्न 11 बजे के आसपास पदयात्रा शुरू होने का कार्यक्रम तय किया गया है। पार्टी की ओर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की तैयारी की गई है।

इसी दिन कानपुर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की अगुवाई में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की पदयात्रा भी प्रस्तावित है। इससे पहले तीन नवंबर को लखनऊ और बरेली तथा चार नवंबर को गोरखपुर, प्रयागराज और कानपुर क्षेत्र में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी वाले कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन पदयात्राओं के जरिए भाजपा छह संगठनात्मक क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की कोशिश कर रही है।

विपक्ष के ‘वोट चोरी’ आरोपों के जवाब में लोकतंत्र का मुद्दा

‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का राजनीतिक संदर्भ भी महत्वपूर्ण है। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा इन आरोपों के जवाब में अपने अभियान के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के सवाल राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। इस तरह पार्टी विपक्ष के ‘संविधान बचाओ’ और ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दों के मुकाबले लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया पर अपना पक्ष जनता के बीच रखने की तैयारी में है।

इस तरह भाजपा की तैयारी केवल बड़े नेताओं की रैलियों तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री का प्रदेशव्यापी संपर्क, अमित शाह की संगठनात्मक बैठकें और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, इन तीनों को जोड़कर पार्टी 2027 के चुनाव से पहले लंबी राजनीतिक तैयारी करना चाहती है।

SP_Singh AURGURU Editor