अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा, नियमित सेना में शामिल होने का भी मिलेगा अवसर; मोदी कैबिनेट ने लिए पांच बड़े फैसले
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश की रक्षा व्यवस्था से लेकर ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू प्रसंस्करण, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की त्वरित सुनवाई तथा सरकारी आंकड़ों की व्यवस्था को आधुनिक बनाने तक कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक का सबसे बड़ा फैसला अग्निवीरों को चार साल की निर्धारित सेवा पूरी करने के बाद दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर देना रहा। इसके साथ ही उन्हें नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का एक और रास्ता उपलब्ध कराया गया है।
अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा
केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए दो साल के दूसरे सेवा कार्यकाल को मंजूरी दी है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। मौजूदा व्यवस्था में 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल किया जाना था, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा से बाहर होना था।
नए फैसले के तहत इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अब दो साल का अतिरिक्त सेवा कार्यकाल दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक भी मिलेगा। दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी होने के बाद नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों को मौका मिलेगा। इसके लिए निर्धारित चयन मानदंड, शारीरिक फिटनेस, प्रदर्शन और अन्य आवश्यक शर्तें लागू होंगी।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पहले बैच के 18,300 से अधिक अग्निवीरों को दिसंबर 2026 तक चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होना था। नई व्यवस्था से उन्हें सैन्य सेवा में बने रहने और नियमित सैनिक बनने की दिशा में अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
सीडीएस के अनुसार, पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है और सेना को उनके कामकाज के बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इसी अनुभव के आधार पर सेवा व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
92 गीगावॉट ऊर्जा भंडारण के लिए 14,500 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने देश में बिजली की उपलब्धता और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल के लिए 14,500 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना को मंजूरी दी। इसके माध्यम से वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच कुल 92 गीगावॉट घंटे (GWh) की ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य सौर और पवन ऊर्जा से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को संग्रहित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल करना है। इससे बिजली की मांग बढ़ने पर आपूर्ति बनाए रखने, ग्रिड को स्थिर रखने और नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
लिथियम और निकेल के घरेलू प्रसंस्करण के लिए 2,814 करोड़ रुपये
भारत की महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 2,814 करोड़ रुपये की पूंजीगत सहायता योजना को मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू होगी।
इसके तहत लिथियम और निकेल के प्रसंस्करण की घरेलू क्षमता विकसित की जाएगी। लिथियम के दो और निकेल के दो प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की योजना है।
दुष्कर्म और पॉक्सो मामलों के लिए 850 फास्ट ट्रैक अदालतें जारी रहेंगी
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना को पांच साल और जारी रखने की मंजूरी दी है।
यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी। इनमें दुष्कर्म के लंबित मामलों और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की सुनवाई की जाएगी।
प्रत्येक अदालत में न्यायिक अधिकारी, विशेष लोक अभियोजक और छह सहायक कर्मचारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। योजना का उद्देश्य मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाना और पीड़ित महिलाओं तथा बच्चों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना है। इस योजना में केंद्र सरकार का हिस्सा निर्भया फंड से उपलब्ध कराया जाएगा।
विकसित भारत के लिए सांख्यिकी व्यवस्था होगी आधुनिक, 4,371 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट ने विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च (VISTAR) योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर 2026-27 से 2030-31 तक 4,371.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य देश की सरकारी सांख्यिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाना, आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ाना तथा नीतिगत फैसलों के लिए समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है।