20 साल से शोषण झेल रहे स्ववित्तपोषित शिक्षक, विनियमितीकरण या न्यूनतम वेतनमान की मांग पर तीसरे दिन भी आगरा कॊलेज में प्रदर्शन

आगरा। स्ववित्तपोषित शिक्षकों के पिछले 20 वर्षों से लंबित विनियमितीकरण और न्यूनतम वेतनमान की मांग को लेकर आगरा कॉलेज के शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान के आह्वान पर शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर शासन के प्रति अपना विरोध जताया और दोहरी व्यवस्था समाप्त कर समान अधिकार देने की मांग उठाई।

Nov 4, 2026 - 22:06
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20 साल से शोषण झेल रहे स्ववित्तपोषित शिक्षक, विनियमितीकरण या न्यूनतम वेतनमान की मांग पर तीसरे दिन भी आगरा कॊलेज में प्रदर्शन
न्यूनतम वेतनमान की मांग को लेकर बुधवार को प्रदर्शन करते आगरा कॊलेज के स्ववित्तपोषित शिक्षक।

महाविद्यालय के संस्थापक पंडित गंगाधर शास्त्री की प्रतिमा के समक्ष एकत्रित शिक्षकों ने कहा कि अनुदानित महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित व्यवस्था के तहत वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षक लगातार उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। एक ही महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के बीच दोहरी व्यवस्था समाप्त कर स्ववित्तपोषित शिक्षकों को भी सम्मानजनक वेतन और सेवा संबंधी अधिकार दिए जाने चाहिए।

आगरा कॉलेज की स्ववित्तपोषित शिक्षक इकाई के अध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्र निगम और महामंत्री डॉ. अनिल सिंह ने शासन से 20 वर्षों से चली आ रही इस व्यवस्था को समाप्त करने तथा स्ववित्तपोषित शिक्षकों का शीघ्र विनियमितीकरण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को उनके योगदान के अनुरूप अधिकार और आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।

फुफुट्टा कार्यकारिणी के प्रतिनिधि डॉ. शिव कुमार सिंह ने भी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए अथवा उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्धारित न्यूनतम वेतनमान का लाभ दिया जाए।

प्रदर्शन में आगरा कॉलेज स्टाफ क्लब के सचिव डॉ. आनंद प्रताप सिंह, मुख्य प्रानुशासक प्रो. वी.के. सिंह, प्रो. के.पी. तिवारी, मीडिया प्रभारी डॉ. गौरव कौशिक, डॉ. चेतन गौतम, डॉ. अश्वनी शर्मा, डॉ. पुनीत मिश्रा, डॉ. नीरज मनचंदा, डॉ. यशस्विता चौहान, डॉ. संध्या अग्रवाल, डॉ. रमा सिसोदिया, डॉ. प्रीती माहेश्वरी, डॉ. वी.पी. सिंह, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. वसुधा अग्रवाल, डॉ. आनंद शर्मा और डॉ. बृजेश सिंह सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

शिक्षकों ने शासन से अपील की कि वर्षों से लंबित मांगों पर अब और देरी किए बिना सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि स्ववित्तपोषित शिक्षकों को उनका वाजिब हक और सम्मान मिल सके।

SP_Singh AURGURU Editor