ईरान का नया दांव: दो दिन में होर्मुज खोलने की पेशकश, अमेरिका से नाकेबंदी और प्रतिबंध हटाने की मांग
तेहरान। ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहाल करने का नया प्रस्ताव रखा है। तेहरान का कहना है कि यदि अमेरिका उसकी प्रमुख शर्तें स्वीकार कर ले तो दो दिन के भीतर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके साथ ही परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता भी निकल सकता है। हालांकि, अमेरिकी सहमति के अभाव में इस प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
ईरान की शर्तों में उसके बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना, तेल निर्यात पर प्रतिबंध समाप्त करना और लेबनान को भी शामिल करते हुए व्यापक युद्धविराम लागू करना शामिल है। ईरान का मानना है कि इन शर्तों पर सहमति बनने के बाद ही क्षेत्र में तनाव कम करने और आगे की बातचीत का रास्ता खुलेगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ संपर्क बना हुआ है। ईरान ने पहले इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए सात दिन की अवधि की बात कही थी, लेकिन अब इसे दो दिन में पूरा करने की पेशकश की गई है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा कम करने का अर्थ उसकी मूल शर्तों में बदलाव नहीं है।
प्रस्ताव के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए ईरान और ओमान के बीच सहमति से समुद्री मार्ग तय किया जा सकता है। इस व्यवस्था में जहाजों की आवाजाही पर ईरान की निगरानी रहने की बात भी सामने आई है। यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
इस बीच, कतर की राजधानी दोहा में मध्यस्थों के साथ हुई बातचीत के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल वापस लौट चुका है। बातचीत से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल की वापसी का मतलब वार्ता का टूटना नहीं है। समझौते से संबंधित मसौदे पर विचार-विमर्श जारी है और मध्यस्थों के माध्यम से आगे की बातचीत की संभावना बनी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया है, लेकिन साथ ही सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि समझौता नहीं होने की स्थिति में अमेरिका दूसरे विकल्पों पर विचार कर सकता है। दूसरी ओर, चीन और रूस ने क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह समुद्री रास्ता दुनिया की तेल और गैस आपूर्ति के लिए प्रमुख मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों और समुद्री व्यापार पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल ईरान की दो दिन में जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश एक कूटनीतिक प्रस्ताव है, कोई सुनिश्चित फैसला नहीं। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका ईरान की शर्तों पर क्या रुख अपनाता है और मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने में कितने सफल होते हैं।