एक मंच, एक विरासत और स्वर्णिम भविष्य का संकल्प, आगरा में कुशवाहा-शाक्य-सैनी समाज का महाकुंभ
आगरा के सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित ‘प्रबुद्ध भारत महासंसद-2026’ में कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज की एकजुटता, शिक्षा, समरसता और सामाजिक विकास पर मंथन हुआ। मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा, विधायक भगवान सिंह कुशवाह और वरिष्ठ आईएएस डॉ. हीरा लाल समेत प्रमुख वक्ताओं ने युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में चार पुस्तकों का विमोचन किया गया और सामाजिक योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया।
शिक्षा, संगठन और समरसता को बताया समाज की तरक्की का आधार, मेयर हेमलता दिवाकर और विधायक भगवान सिंह कुशवाह समेत कई हस्तियों ने रखे विचार
आगरा। समाज की एकजुटता, शिक्षा और संगठन ही विकास की असली बुनियाद हैं। कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज को अपनी साझा विरासत और सामाजिक पहचान के आधार पर एक मंच पर आकर भविष्य की दिशा तय करनी होगी। आपसी समरसता, राजनीतिक जागरूकता और नई पीढ़ी को बेहतर अवसर देकर ही समाज को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। यह संदेश रविवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित ‘नमस्ते आगरा स्वर्णिम भविष्य सम्मेलन’ के अंतर्गत ‘प्रबुद्ध भारत महासंसद-2026’ में उभरकर सामने आया।
राष्ट्रीय महाविमर्श, समालोचन एवं भावी दिशा के महा संकल्प के रूप में आयोजित इस महासंसद में समाज के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समाज की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि समाज की सामूहिक शक्ति को शिक्षा, रोजगार, व्यापार, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की जरूरत है।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ महासंसद का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी चंदन सिंह प्रेमी, मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा, विशिष्ट अतिथि विधायक भगवान सिंह कुशवाह, पूर्व अध्यक्ष सहकारी बैंक लिमिटेड गंगाधर कुशवाहा, अवर अभियंता भगवान दास मौर्य, जीएसटी कमिश्नर पंकज मौर्य, अभियोजन अधिकारी बृजमोहन कुशवाह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजकुमार कुशवाह, अशोक कुशवाह, प्रताप सिंह कुशवाह और राजकुमार कुशवाह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। राष्ट्रीय संयोजक राम सजीवन मौर्य ने समाज वंदना प्रस्तुत की। रूबी शाक्य ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया।
महासंसद का संचालन करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव रत्न मौर्य ने विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज एक साझा सामाजिक विरासत के अंग हैं। समाज को जातीय और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। संगठन और आपसी समरसता के जरिए शिक्षा, व्यापार, राजनीति और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में समाज की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी चंदन सिंह प्रेमी ने कहा कि समाज का उत्थान केवल नारों से संभव नहीं है। इसके लिए शिक्षा, संस्कार, चरित्र निर्माण और सेवा का भाव जरूरी है। महापुरुषों के विचारों को अपने जीवन में उतारकर नई पीढ़ी को सही दिशा देना सभी की जिम्मेदारी है।
बेटियों और युवाओं को नेतृत्व के अवसर देने पर जोर
मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने कहा कि समाज की प्रगति में महिलाओं और युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि संगठित समाज अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य के बल पर नई पहचान बना सकता है। विशिष्ट अतिथि विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने समाज की एकता, शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता को विकास के महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सोशल मीडिया को बदलाव का माध्यम बनाएं युवा : बाबा अंशु मौर्य
प्रसिद्ध यूट्यूबर एवं मोटिवेटर बाबा अंशु मौर्य ने युवाओं को डिजिटल माध्यमों की उपयोगिता समझाई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि ज्ञान, विचारों के प्रसार और सकारात्मक सामाजिक बदलाव का प्रभावी मंच भी है। युवाओं को इसका इस्तेमाल अपनी प्रतिभा निखारने, समाज को जागरूक करने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए करना चाहिए। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. हीरा लाल ने शिक्षा, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच को विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करना चाहिए और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करना चाहिए।
चार पुस्तकों का विमोचन, कवियों ने बांधा समां
महासंसद में गया प्रसाद मौर्य रजत, सदस्य उच्च सदन एवं मौर्य बंधुत्व क्लब की चार पुस्तकों ‘सजल काव्यधारा’, ‘निठल्ला चिंतन’, ‘लोकदंड लहरी’ और ‘कवि बोलेगा खरी-खरी’ का अतिथियों ने विमोचन किया। इस दौरान साहित्य और समाज के आपसी संबंधों पर भी चर्चा हुई। कवि धनंजय कुशवाह, दीपशिखा, रवि कुशवाह और विक्रांत कुशवाह ने काव्य पाठ किया। अपनी रचनाओं के माध्यम से कवियों ने सामाजिक चेतना, विचारों और समरसता के संदेश प्रस्तुत कर श्रोताओं को प्रभावित किया।
समाज के लिए योगदान देने वाली विभूतियों का सम्मान
कार्यक्रम में समाज के उत्थान और मार्गदर्शन में योगदान देने वाले बाबूजी दौलत राम कुशवाह, मुन्नालाल कुशवाह और मेघ सिंह कुशवाह को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। उनके परिजनों ने यह सम्मान ग्रहण किया। इसके अलावा सामाजिक योगदान और उत्कृष्ट कार्यों के लिए खुशहाल सिंह कुशवाह, स्वामी पंडित चंदन सिंह प्रेमी, रामकृष्ण शाक्य, संतोष कुशवाह, जतिन कुशवाह, रीना सिंह कुशवाह, कुशवाह युवा मंच, श्री मोहन कुशवाह, सेठ ताराचंद कुशवाह, डॉ. एलआर मौर्य ‘पल्लव’, सुरेंद्र पाल सिंह, रूबी कुशवाहा, साइकिल गर्ल अर्पण सिंह (बिहार), छोटेलाल सिंह कुशवाह (बिहार), प्रदीप सिंह (बिहार), डॉ. दिनेश पटेल और सनी को सम्मान प्रदान किया गया।
महासंसद का समापन समाज की एकजुटता, शिक्षा के विस्तार, महिला सशक्तीकरण, युवा नेतृत्व और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि ऐसे आयोजन समाज को साझा उद्देश्यों के लिए एकजुट करने और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।