ब्रजरज उत्सव में कृष्ण-सुदामा की मित्रता ने मोहा मन, पद्मश्री रामदयाल की नौटंकी ने बांधा समां; लोककला, भक्ति और स्वच्छता के संदेश से सजी सांस्कृतिक संध्या

मथुरा। ब्रजरज उत्सव की सांस्कृतिक संध्या में शनिवार को भारतीय लोकनाट्य, भक्ति संगीत और सामाजिक सरोकारों का अनूठा संगम देखने को मिला। पद्मश्री रामदयाल शर्मा के निर्देशन में 30 सदस्यीय कलाकारों के दल ने पारंपरिक हाथरस नौटंकी शैली में कृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता को जीवंत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं हार्टफुलनेस की नाट्य प्रस्तुति ने ब्रज की पवित्रता बनाए रखने के लिए स्वच्छता को भक्ति से जोड़ते हुए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को जिम्मेदारी का संदेश दिया। उत्सव में सांझी कला, चित्रांकन और हस्तनिर्मित उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने रहे।

Oct 31, 2026 - 21:38
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ब्रजरज उत्सव में कृष्ण-सुदामा की मित्रता ने मोहा मन, पद्मश्री रामदयाल की नौटंकी ने बांधा समां; लोककला, भक्ति और स्वच्छता के संदेश से सजी सांस्कृतिक संध्या
ब्रजरज उत्सव में शनिवार को प्रस्तुत नौटंकी का एक दृश्य।

ब्रजरज उत्सव में शनिवार को हुई अन्य प्रस्तुतियों की एक झलक।

धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से आयोजित ब्रजरज उत्सव में पद्मश्री रामदयाल शर्मा ने नौटंकी के माध्यम से हाथरस की समृद्ध लोकनाट्य परंपरा की झलक प्रस्तुत की। नाटक में गुरुकुल के दिनों में कृष्ण और सुदामा की मित्रता, समय के साथ दोनों के जीवन में आए अंतर और सुदामा की दरिद्रता के प्रसंगों को संगीत, लोकगायन, प्रभावशाली संवाद और सजीव अभिनय के साथ मंचित किया गया।

पत्नी के आग्रह पर मुट्ठीभर चावल की पोटली लेकर द्वारिका पहुंचे सुदामा और अपने बालसखा को देखते ही कृष्ण के भावुक हो उठने का प्रसंग विशेष आकर्षण रहा। कृष्ण द्वारा सुदामा को गले लगाने और उनके चरण पखारकर सम्मान देने के दृश्य ने मित्रता, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया। सुदामा की संकोच भरी मुद्रा और कृष्ण के आत्मीय व्यवहार ने कथा को मार्मिक बना दिया। पारंपरिक चौबोला, लावनी, लोकगायन और नाटकीय संवादों से सजी इस प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

इससे पूर्व इसी मंच पर हकीम सिंह ने लोकगीत गायन, एकता जैन ने लोकगायन एवं नृत्य, शरद अग्रवाल और कीर्तिदेव बल्लभ पाठक ने भजन प्रस्तुत किए। स्पार्क ग्रुप ने नाटक का मंचन किया। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एसीईओ राजीव पाण्डेय, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, सहायक अभियंता जेके जैन, चंद्रिका राय, चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार और अनूप शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

कन्हैया के धाम को स्वच्छ रखना भी भक्ति

ब्रजवैभव अभियान के तहत हार्टफुलनेस की ओर से 'हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है' विषय पर नाटक प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने सवाल उठाया कि जिस धाम में श्रद्धालु अपने आराध्य श्रीराधा-कृष्ण के सामने शीश झुकाने आते हैं, उसी भूमि पर कूड़ा-कचरा फैलाकर कैसी भक्ति की जा सकती है? मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और गोकुल में आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से सड़कों और नालियों में फेंकी जाने वाली पानी की खाली बोतलें, प्लास्टिक और खाद्य पदार्थों के रैपर तथा यमुना घाटों पर पसरी गंदगी ब्रज की पवित्रता पर सवाल खड़े करती है।

नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया कि श्रीराधा-कृष्ण के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल मंदिरों में दर्शन, पूजा और भजन तक सीमित नहीं है। उनकी लीलाभूमि, यमुना, कुंडों, सरोवरों और घाटों को स्वच्छ रखना भी भक्ति का अभिन्न अंग है। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि ब्रज यात्रा के दौरान सड़कों, नालियों और यमुना के घाटों पर कूड़ा न फेंकें। स्थानीय लोगों और दुकानदारों से भी आग्रह किया गया कि वे अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों का कचरा सार्वजनिक स्थलों पर न डालें, प्लास्टिक का उपयोग कम करें और श्रद्धालुओं को स्वच्छता के लिए प्रेरित करें। संदेश दिया गया कि ब्रजवासी अपने आचरण से स्वच्छता की मिसाल पेश करें। ब्रजभूमि केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की अमूल्य धरोहर है। इसकी पवित्रता और सुंदरता बनाए रखना सभी का धर्म है।

सांझी कला, चित्रांकन और हस्तनिर्मित उत्पादों की धूम

ब्रजरज उत्सव-2026 के रेलवे ग्राउंड स्थित गोकुल ग्राम में ब्रज की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प भी दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। यहां सांझी कला तैयार करने की विधि का प्रदर्शन किया जा रहा है। बलदेव पब्लिक स्कूल की कला शिक्षिका कु. प्रीति चौहान कैनवास पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के सुंदर चित्र उकेर रही हैं। उनके चित्रों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। वहीं चित्रकार विपिन कुमार उत्सव में आने वाले लोगों के लाइव पोर्ट्रेट बना रहे हैं। लोग भी अपने चेहरे का चित्र बनवाने में रुचि दिखा रहे हैं।

खजानी इंस्टीट्यूट तथा दक्ष एजुकेशन की प्रशिक्षित छात्राओं ने श्रीमती शिप्रा राठी की देखरेख में हस्तनिर्मित उत्पादों की स्टॉल लगाई है। इन स्टॉलों पर छात्राओं के हाथों से तैयार गाय के गोबर के दीपक, सजावटी झालर, खिलौने, ज्वेलरी, पगड़ी और बंदनवार सहित विभिन्न आकर्षक उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

रविवार को भजन, खादी फैशन शो और राधा-कृष्ण की दिव्य लीला

ब्रजरज उत्सव में रविवार को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी। दोपहर 3:30 बजे मानसी सिंह भजन गायन प्रस्तुत करेंगी। शाम 4:30 बजे खादी फैशन शो आयोजित होगा। शाम 5:30 बजे गीतांजलि शर्मा की ओर से 'राधाकृष्णमयी दिव्य लीला' की प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 7 बजे मधुरम डिवोशनल बैंड भक्ति संगीत की प्रस्तुति देगा।

SP_Singh AURGURU Editor