रामपुर जेल से छूटते ही फिर जेल पहुंचे आजम खान, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना भेजे गए

करीब 11 महीने बाद रामपुर जेल से रिहा हुए सपा नेता आजम खान को ईडी ने बाहर आते ही जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें डासना जेल भेजा गया है। कोर्ट परिसर में मीडिया के सवाल पर आजम खान ने कहा- 'क्या रह गया है बोलने को।' अब ईडी उनसे पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है।

Nov 1, 2026 - 15:54
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रामपुर जेल से छूटते ही फिर जेल पहुंचे आजम खान, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना भेजे गए
कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में डासना जेल जाते हुए आजम खां।

गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए कोर्ट का फैसला, जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने की थी गिरफ्तारी, कोर्ट परिसर में मीडिया के सवाल पर बोले- 'क्या रह गया है बोलने को'

गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की जेल से रिहाई महज कुछ घंटे ही आजादी में बदल सकी। करीब 11 महीने बाद शनिवार शाम रामपुर जेल से बाहर आए आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिहाई के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया। अब रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश के बाद आजम खान को गाजियाबाद की डासना जिला जेल पहुंचा दिया गया।

जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में ईडी की यह कार्रवाई हुई है। अब आजम खान को रामपुर के बजाय डासना जेल में रहना होगा। ईडी आगे उनसे पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में है। 

सुबह 10:30 बजे कड़ी सुरक्षा में कोर्ट पहुंचे आजम खान

रविवार सुबह करीब 10:30 बजे ईडी की टीम आजम खान को गाजियाबाद स्थित विशेष पीएमएलए अदालत लेकर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर सीआरपीएफ और पुलिस के करीब 100 जवान तैनात किए गए थे। कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था रही। आजम खान जब अदालत परिसर पहुंचे तो वह काफी शांत दिखाई दिए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों की तरफ देखा, लेकिन किसी से बातचीत नहीं की। इस दौरान उन्होंने कार की खिड़की का शीशा खोला तो मीडिया कर्मियों ने उनसे सवाल किया कि क्या वह कुछ कहना चाहेंगे? इस पर आजम खान ने बेहद संक्षिप्त जवाब दिया- 'क्या रह गया है बोलने को।'

ईडी की 14 दिन की मांग, बचाव पक्ष ने किया विरोध

विशेष अदालत में आजम खान की पेशी के दौरान ईडी ने जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच का हवाला देते हुए हिरासत की मांग की। एजेंसी का कहना था कि मामले में फंडिंग और पैसों के लेनदेन की कड़ियों की जांच जरूरी है। वहीं, आजम खान की ओर से उनके वकील दानिश अली ने ईडी की दलीलों का विरोध किया। बचाव पक्ष ने एजेंसी की ओर से मोबाइल और ईमेल के माध्यम से परिजनों को सूचना दिए जाने के दावे पर भी सवाल उठाए। वकील के मुताबिक, ईडी यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि किस मोबाइल नंबर और किस ईमेल आईडी पर जानकारी भेजी गई थी। करीब दो से ढाई घंटे तक चली कानूनी बहस के बाद अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

रिहाई के तुरंत बाद ईडी ने किया था गिरफ्तार

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला खान शनिवार शाम करीब 7:15 बजे रामपुर जेल से बाहर आए थे। दोनों करीब 11 महीने से जेल में बंद थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड बनवाने और इस्तेमाल करने के मामले में उनकी सजा निलंबित कर दी थी। इसके बाद रामपुर जेल प्रशासन ने उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की थी। हालांकि, जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही ईडी की टीम ने आजम खान को मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें वाहन से सीधे दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय ले जाया गया। वहां रातभर उनसे पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान ईडी ने आजम खान से 50 से अधिक सवाल किए। मुख्य रूप से जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में इस्तेमाल की गई धनराशि, सरकारी पैसे के कथित दुरुपयोग और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सवाल पूछे गए।

जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के इस्तेमाल का आरोप

पूरा मामला रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और जौहर ट्रस्ट से जुड़ा है। ईडी इस बात की जांच कर रही है कि विश्वविद्यालय के निर्माण और उससे संबंधित गतिविधियों में इस्तेमाल की गई धनराशि कहां से आई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और आम जनता के लिए निर्धारित सरकारी धन का कथित तौर पर निजी शैक्षणिक संस्थान के निर्माण में इस्तेमाल किया गया। ईडी इस मामले में धन के स्रोत, वित्तीय लेनदेन और कथित मनी ट्रेल की पड़ताल कर रही है।

इसी जांच के तहत ईडी ने 28 अक्टूबर को जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को भी कुर्क करने की कार्रवाई की थी। एजेंसी का दावा है कि इन संपत्तियों का संबंध कथित वित्तीय अनियमितताओं से है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत को करना है। 

अब ईडी दोबारा रिमांड पर लेने की तैयारी में

आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब ईडी की अगली रणनीति पर नजर है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसी अगले एक-दो दिनों में अदालत में पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी दाखिल कर सकती है। यदि अदालत से ईडी को कस्टडी रिमांड मिलती है तो एजेंसी आजम खान को लखनऊ ले जाकर भी पूछताछ कर सकती है। फिलहाल अदालत के आदेश के बाद उन्हें डासना जेल भेजा गया है। 

इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। शनिवार शाम तक जिस आजम खान की रामपुर जेल से रिहाई की चर्चा थी, रविवार को वही एक बार फिर जेल पहुंच गए। अब सबकी निगाहें ईडी की अगली कार्रवाई और इस मामले में होने वाली न्यायिक सुनवाई पर टिकी हैं।