नंदगांव में 310 स्वयंसेवकों ने संभाली ब्रज की विरासत संवारने की जिम्मेदारी, मंदिरों-सरोवरों पर किया श्रमदान; स्वच्छता के साथ ध्यान और सामूहिक उत्तरदायित्व का दिया संदेश
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी ब्रजभूमि के नंदगांव में रविवार को स्वच्छता और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा अभियान चला। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, नगर निगम और हार्टफुलनेस संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ब्रज वैभव अभियान’ के तहत 310 अभ्यासी और स्वयंसेवकों ने ‘ब्रज रज सेवा’ अभियान में श्रमदान किया। पावन सरोवर, नंद भवन सहित विभिन्न मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाकर ब्रज की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया गया।
अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने पावन सरोवर, श्री कृष्ण चैतन्य इंटर कॉलेज, नंद भवन सहित विभिन्न मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर सफाई की। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे अभ्यासी और स्वयंसेवक पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्य में जुटे। स्वच्छता अभियान के साथ ध्यान सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों और स्थानीय जिज्ञासुओं ने हार्टफुलनेस ध्यान का अनुभव किया।
इस अभियान में देश के 23 स्थानों से अभ्यासी और स्वयंसेवक नंदगांव पहुंचे। इनमें बहज, भरतपुर, आगरा, इगलास, अलीगढ़, गाजियाबाद, नोएडा, धामपुर, बरेली, बहेड़ी, बदायूं, हाथरस, एटा, कोसी, सहार, वाराणसी, मेरठ, कासगंज, देहरादून, नौहझील, रौझौली, दिल्ली एवं चंदौसी शामिल रहे। विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की सहभागिता ने अभियान को व्यापक सामुदायिक स्वरूप प्रदान किया।
‘ब्रज वैभव अभियान’ का उद्देश्य ब्रज की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए स्वच्छता, पर्यावरण जागरूकता तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि ब्रज की बाहरी स्वच्छता के साथ मन की शांति, सेवा भावना और सामूहिक उत्तरदायित्व भी जरूरी हैं। आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सेवा को जोड़कर लोगों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
आयोजन में स्थानीय प्रशासन के साथ नंदगांव के चेयरमैन चौधरी भीम सिंह, वार्ड सदस्यों, श्री कृष्ण चैतन्य इंटर कॉलेज के प्रबंधक मंतोष कृष्ण दास, प्रधानाचार्य श्री राम जी, विद्यालय के छात्र-छात्राओं और स्थानीय निवासियों का सराहनीय सहयोग रहा।
आयोजकों ने कहा कि ब्रज की स्वच्छता और संरक्षण केवल किसी एक संस्था या अभियान की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि ब्रजवासियों और यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का सामूहिक दायित्व है। सभी के सहयोग और सहभागिता से ही ब्रज की पवित्रता, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखा जा सकता है।