रिश्तेदारी की आड़ में 90 लाख का खेल, प्लॉट के फर्जी कागजात बनाकर बैंक में रखा गिरवी

आगरा में प्लॉट के मूल बैनामे की कॉपी लेकर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर 90 लाख रुपये का बैंक लोन लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि रिश्तेदारी का हवाला देकर वर्ष 2017 में दस्तावेज लिए गए थे। वर्ष 2021 में बैंक ने प्लॉट पर कब्जे और नीलामी का नोटिस चस्पा किया। सितंबर 2026 में मूल कागजात मांगने पर विवाद और धमकी का आरोप लगा। एकता थाने में प्रशांत शर्मा, दिनेश शर्मा और प्रियंका शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

Nov 2, 2026 - 00:17
 0
रिश्तेदारी की आड़ में 90 लाख का खेल, प्लॉट के फर्जी कागजात बनाकर बैंक में रखा गिरवी

आगरा। रिश्तेदारी का भरोसा कर जमीन के प्लॉट के मूल बैनामे की कॉपी देना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। आरोप है कि रिश्तेदारों ने इसी दस्तावेज का दुरुपयोग करते हुए फर्जी कागजात तैयार कर लिए और संबंधित प्लॉट को बैंक में गिरवी रखकर 90 लाख रुपये का लोन हासिल कर लिया। काफी समय बाद जब बैंक की ओर से प्लॉट पर कब्जे और नीलामी की कार्रवाई के लिए नोटिस चस्पा किया गया तो पीड़ित को कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई। अब इस मामले में एकता थाने में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, मामले में प्रशांत शर्मा, दिनेश शर्मा और प्रियंका शर्मा को नामजद किया गया है। आरोप है कि तीनों ने आपसी मिलीभगत से प्लॉट के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक से करीब 90 लाख रुपये का कर्ज लिया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन को बैंक के पास बंधक रख दिया गया।

रिश्तेदारी का हवाला देकर लिए थे बैनामे के दस्तावेज

पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2017 में आरोपियों ने रिश्तेदारी का हवाला देकर उससे प्लॉट के मूल बैनामे की कॉपी हासिल की थी। उस समय उसे भरोसा था कि दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी गलत काम में नहीं किया जाएगा। इसी भरोसे में उसने कागजात उपलब्ध करा दिए। आरोप है कि बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कागजात तैयार कर बैंक में प्लॉट को गिरवी रख दिया गया और 90 लाख रुपये का लोन ले लिया गया।

बैंक ने कब्जे और नीलामी के लिए चस्पा किया नोटिस

मामले में वर्ष 2021 में उस समय नया मोड़ आया, जब बैंक की ओर से संबंधित प्लॉट पर कब्जे और नीलामी की कार्रवाई के संबंध में नोटिस जारी किया गया। बैंक का नोटिस प्लॉट पर चस्पा होने के बाद पीड़ित की चिंता बढ़ गई। उसे आशंका हुई कि उसकी जमीन के दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति ने बैंक से कर्ज लेने के लिए किया है। इसके बाद उसने मामले की जानकारी जुटाने और दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया।

सितंबर 2026 में मूल कागजात मांगने पर विवाद

पीड़ित के मुताबिक, सितंबर 2026 में उसने आरोपियों से अपने प्लॉट से संबंधित मूल दस्तावेज वापस मांगे। इस पर आरोपियों के साथ विवाद हो गया। आरोप है कि कागजात लौटाने के बजाय उसे धमकियां दी गईं। पीड़ित का कहना है कि उसके प्लॉट को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक में बंधक रखकर उसे आर्थिक और कानूनी संकट में डाल दिया गया है।

तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर

पीड़ित की शिकायत पर एकता थाने में प्रशांत शर्मा, दिनेश शर्मा और प्रियंका शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, कूटरचना और धमकी समेत विभिन्न आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि बैंक से लोन लेने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, दस्तावेजों की सत्यता क्या है और इस पूरी प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका रही। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।