ग्रीन गैस पाइपलाइन के नाम पर साइबर ठगी, खाते से उड़ाए 7.99 लाख रुपये

आगरा में ग्रीन गैस पाइपलाइन का काम कराने के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने 10 सितंबर को परिवार को फोन कर संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड कराई। आरोप है कि 15 सितंबर को ICICI बैंक खाते से चार ट्रांजेक्शन में 7,99,544 रुपये निकाल लिए गए। ठगी की रकम पीड़ित अमन लालवानी के पिता की एफडी से संबंधित थी। साइबर क्राइम थाना आगरा में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

Nov 2, 2026 - 00:27
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ग्रीन गैस पाइपलाइन के नाम पर साइबर ठगी, खाते से उड़ाए 7.99 लाख रुपये

आगरा। ग्रीन गैस पाइपलाइन का काम कराने के नाम पर साइबर ठगों ने एक परिवार को अपना शिकार बना लिया। ठगों ने पहले परिवार के लोगों को फोन कर पाइपलाइन से संबंधित काम का झांसा दिया और फिर मोबाइल पर एक संदिग्ध APK फाइल भेजकर उसे डाउनलोड करा लिया। आरोप है कि फाइल डाउनलोड करते ही साइबर अपराधियों ने पीड़ित के बैंक खाते तक पहुंच बना ली और चार बार में 7,99,544 रुपये निकाल लिए। ठगी की रकम पीड़ित के पिता की एफडी से संबंधित थी। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

ग्रीन गैस पाइपलाइन के काम का दिया झांसा

मामला आगरा का है। पीड़ित अमन लालवानी के मुताबिक, 10 सितंबर को उनके परिवार के पास ग्रीन गैस पाइपलाइन से संबंधित काम के नाम पर फोन आया था। फोन करने वाले ने पाइपलाइन के काम का हवाला देकर परिवार को अपने विश्वास में लिया। इसी दौरान मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी गई और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा गया। पीड़ित के अनुसार, परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि भेजी गई फाइल साइबर ठगी का माध्यम हो सकती है। फाइल डाउनलोड होने के बाद साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बना ली।

15 सितंबर को चार बार में निकाले 7.99 लाख रुपये

आरोप है कि 15 सितंबर को पीड़ित के ICICI बैंक खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 7,99,544 रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर परिवार के होश उड़ गए। जांच करने पर पता चला कि बैंक खाते से बड़ी रकम साइबर अपराधियों ने निकाल ली है। पीड़ित ने बताया कि ठगी गई रकम उनके पिता की एफडी से संबंधित थी। परिवार ने इस रकम को सुरक्षित रखने के लिए बैंक में जमा किया था, लेकिन साइबर ठगों ने कथित तौर पर तकनीकी धोखाधड़ी के जरिए पूरी रकम पर हाथ साफ कर दिया।

APK फाइल के जरिए मोबाइल में सेंध लगाने का आरोप

साइबर अपराध के इस तरीके में ठग किसी सेवा, बिल भुगतान, सरकारी काम या तकनीकी अपडेट के नाम पर मोबाइल पर APK फाइल भेजते हैं। यूजर के इसे डाउनलोड और इंस्टॉल करने पर मोबाइल की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। कुछ संदिग्ध ऐप संवेदनशील जानकारियां हासिल करने या डिवाइस पर नियंत्रण पाने में सक्षम होते हैं। इसी तरह की आशंका इस मामले में भी जताई गई है।

साइबर क्राइम थाने में एफआईआर, जांच शुरू

अमन लालवानी ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाना आगरा में की। शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, संदिग्ध मोबाइल नंबर और भेजी गई APK फाइल के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि 7,99,544 रुपये किन बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि ठगों ने APK फाइल के जरिए मोबाइल में किस तरह सेंध लगाई और इस वारदात में कितने लोग शामिल थे।