इंदौर में आरएसएस का तीन दिवसीय महामंथन शुरू, शाखा विस्तार, महिला भागीदारी और युवा शक्ति पर फोकस

इंदौर में RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक शुरू हो गई है। डॉ. मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में देशभर के करीब 400 पदाधिकारी शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे हैं। संघ के मुताबिक, देश में दैनिक शाखाओं की संख्या 1,01,151 और कार्य विस्तार 1,10,849 स्थानों तक पहुंच गया है। बैठक में 65,660 हिंदू सम्मेलनों के अनुभव, पंच परिवर्तन, महिला और युवा सहभागिता, नशामुक्ति अभियान तथा संगठनात्मक ढांचे में संभावित बदलावों पर मंथन होगा। 4 नवंबर को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले बैठक के निष्कर्ष साझा करेंगे।

Nov 2, 2026 - 19:49
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इंदौर में आरएसएस का तीन दिवसीय महामंथन शुरू, शाखा विस्तार, महिला भागीदारी और युवा शक्ति पर फोकस
आरएसएस की इंदौर में शुरू हुई तीन दिवसीय बैठक में मौजूद संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले व देशभर से जुटे प्रतिनिधि।

 

इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक सोमवार को इंदौर के डेली कॉलेज स्थित संत श्री रविदास जी महाराज सभागार में शुरू हो गई। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर बैठक का शुभारंभ किया। 4 नवंबर की शाम तक चलने वाली इस बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा, संगठन के विस्तार, शाखाओं को मजबूत करने और आने वाले वर्षों की कार्ययोजना पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।

बैठक में देशभर से करीब 400 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इनमें सभी छह सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय पदाधिकारी, 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक तथा उनके सहयोगी शामिल हैं। इसके अलावा संघ से प्रेरित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। बैठक के लिए डेली कॉलेज परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

13 हजार से अधिक नई शाखाएं जुड़ीं, देश में संख्या एक लाख के पार

संघ की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में दैनिक शाखाओं की संख्या बढ़कर 1,01,151 हो गई है। पिछले वर्ष अक्टूबर की तुलना में शताब्दी वर्ष के दौरान 13 हजार से अधिक नई दैनिक शाखाएं शुरू हुई हैं। साप्ताहिक मिलन और मासिक मिलन की गतिविधियों को शामिल करने पर संघ का काम देशभर में 1,10,849 स्थानों तक पहुंच चुका है। बैठक में शाखा विस्तार के लिए बनाई गई तीन वर्षीय योजना के परिणामों की समीक्षा की जाएगी। खास तौर पर नई शुरू हुई शाखाओं को नियमित, प्रभावी और स्थायी बनाने पर चर्चा होगी। जिन क्षेत्रों में संघ का काम अभी सीमित है, वहां गतिविधियों को बढ़ाने की रणनीति भी बनाई जाएगी।

65,660 हिंदू सम्मेलन, समाज से मिले समर्थन की होगी समीक्षा

शताब्दी वर्ष के दौरान संघ ने देशभर में 65,660 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया। अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के मुताबिक, शहरों में बस्ती स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से दस गांवों को मिलाकर मंडल स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए गए। कुछ स्थानों पर दो-तीन मंडलों को मिलाकर भी कार्यक्रम हुए। संघ के अनुसार, इन सम्मेलनों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। कई लोगों ने शाखाओं से जुड़ने की इच्छा जताई, जबकि सामाजिक संस्थाओं और संगठनों ने भी स्वयंसेवकों के अनुभवों का लाभ लेने की रुचि दिखाई। बैठक में इन आयोजनों से मिले अनुभवों और समाज की सहभागिता को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होगी।

पंच परिवर्तन को समाज के व्यवहार में उतारने की तैयारी

संघ ने शताब्दी वर्ष के दौरान पंच परिवर्तन के पांच विषयों को प्रमुखता से समाज के सामने रखा है। इनमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन, स्व का भाव और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं। इन पांच विषयों को लेकर गृह संपर्क अभियान, हिंदू सम्मेलन और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अब बैठक में इन अभियानों के प्रभाव का आकलन कर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। संघ का जोर इन विचारों को केवल कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक व्यवहार में उतारने पर रहेगा।

महिलाओं और युवाओं को जोड़ने के लिए नए कार्यक्रमों पर विचार

शताब्दी वर्ष के आयोजनों में महिलाओं की भागीदारी भी रही। गृह संपर्क अभियान और सम्मेलनों में महिलाओं की सहभागिता को देखते हुए बैठक में उनके लिए नए कार्यक्रम और उपक्रम तैयार करने पर विचार किया जाएगा। युवाओं को जोड़ने के लिए शहरों, गांवों और कॉलेज परिसरों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें विद्यार्थियों और अन्य युवाओं ने हिस्सा लिया। बैठक में युवाओं की रुचि, उनकी अपेक्षाओं और सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी।

शैक्षणिक संस्थाओं के साथ अभियान की तैयारी

युवाओं में नशीली दवाओं के बढ़ते चलन को लेकर संघ की पिछली बैठकों में भी चिंता जताई गई थी। इस बार भी यह मुद्दा प्रमुख एजेंडे में शामिल है। सुनील आंबेकर के अनुसार, नशे की समस्या से निपटने के लिए सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर प्रयास जरूरी हैं। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं और शैक्षणिक संगठनों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने पर विचार होगा। संघ से प्रेरित विभिन्न संगठनों ने पिछली समन्वय बैठक में अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के खिलाफ अभियान शुरू करने की जानकारी भी दी थी।

संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और समसामयिक मुद्दों पर भी नजर

बैठक में संगठनात्मक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके साथ ही सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के विजयादशमी उद्बोधन में उठाए गए राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श होगा। समसामयिक मुद्दों में युवाओं के बीच बढ़ती बेचैनी, नए मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली सामग्री, देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप और वैश्विक परिस्थितियों जैसे विषय भी चर्चा के दायरे में हैं। इन मुद्दों पर समाज में तथ्यात्मक जानकारी और सही परिप्रेक्ष्य पहुंचाने के तरीकों पर विचार किया जाएगा।

भागवत के विदेश प्रवास के अनुभव भी चर्चा में

शताब्दी वर्ष के दौरान अगस्त और सितंबर में डॉ. मोहन भागवत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने विभिन्न प्रमुख लोगों से संवाद किया और सम्मेलनों में विचार रखे। संघ के मुताबिक, इन संवादों में हिंदुत्व की अवधारणा, भारत की सांस्कृतिक दृष्टि और विश्व कल्याण में भारत की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रहे। बैठक में विदेश प्रवास के अनुभवों और वहां हुए संवादों पर भी चर्चा होगी।

तीन ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर जारी होंगे वक्तव्य

बैठक के दौरान सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से तीन ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों पर विशेष वक्तव्य जारी किए जाएंगे।

राजनारायण बोस: उनकी 200वीं जयंती के अवसर पर जीवन और राष्ट्रीय चेतना में योगदान पर वक्तव्य।

स्वामी श्रद्धानंद: उनके बलिदान के 100 वर्ष पूरे होने पर जीवन, कार्य और योगदान पर वक्तव्य।

स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती: उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर जनजातीय क्षेत्रों में किए गए सामाजिक और धार्मिक कार्यों पर वक्तव्य।

बैठक के पहले दिन दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि

बैठक के प्रारंभ में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पिछले कुछ महीनों में दिवंगत हुईं समाज की प्रमुख हस्तियों और संघ के कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें नाना पाटेकर, आशा भोंसले, संत रमेश बाबा, विवेकानंद केंद्र के पूर्व अध्यक्ष बालकृष्णन, बलवीर पुंज, एस. वेदांतम, एस. जानकी और सुमन कल्याणपुरीकर सहित अन्य नाम शामिल रहे।

संघ की 100 साल की यात्रा पर विशेष प्रदर्शनी

बैठक स्थल पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा और मालवा क्षेत्र में संगठन के विकास को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसका उद्घाटन सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने 31 अक्टूबर को किया था। बैठक के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को भी इस प्रदर्शनी का अवलोकन कराया जा रहा है।

4 नवंबर को होसबाले करेंगे बैठक के निष्कर्ष साझा

तीन दिवसीय बैठक के अंतिम दिन 4 नवंबर को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मीडिया से संवाद करेंगे। इस दौरान बैठक में हुई चर्चा, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा, संगठन विस्तार और आगामी योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। संघ के मुताबिक, बैठक का उद्देश्य शताब्दी वर्ष में बने सामाजिक संपर्क और संगठनात्मक विस्तार को आगे की गतिविधियों में बदलना है।