आगरा में 2151 कुंडीय महामृत्युंजय महायज्ञ का शंखनाद, वेद यात्रा से गूंजा शहर

आगरा में 12 से 22 दिसंबर तक शास्त्रीपुरम में आयोजित होने जा रहे चतुर्वेद विश्व कल्याणात्मक 2151 कुंडीय महामृत्युंजय मां पीतांबरा महायज्ञ की तैयारियां तेज हो गई हैं। महायज्ञ के प्रचार-प्रसार के लिए आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-6 से स्वामी रामदास जी महाराज के सानिध्य में भव्य वेद यात्रा निकाली गई। शास्त्रीपुरम में लगभग 300 बीघा भूमि पर विशाल यज्ञनगरी तैयार की जा रही है। यहां 2151 हवन कुंडों में नौ दिनों तक पांच करोड़ आहुतियां अर्पित करने का संकल्प है। आयोजन के लिए अब तक 10 हजार कलश वितरित किए जा चुके हैं, जबकि एक लाख कलश वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

Nov 2, 2026 - 20:31
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आगरा में 2151 कुंडीय महामृत्युंजय महायज्ञ का शंखनाद, वेद यात्रा से गूंजा शहर
आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-6 में भव्य वेद यात्रा निकालते साधु-संत व अन्य।

शास्त्रीपुरम में 300 बीघा भूमि पर आकार ले रही भव्य यज्ञनगरी, नौ दिन में पांच करोड़ आहुतियां देने का संकल्प; 12 से 22 दिसंबर तक होंगे धार्मिक अनुष्ठान

आगरा। मां पीतांबरा की भक्ति और वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच 2151 कुंडीय महामृत्युंजय मां पीतांबरा महायज्ञ की तैयारियां अब जन-जन तक पहुंचने लगी हैं। महायज्ञ के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरण के उद्देश्य से आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-6 में भव्य वेद यात्रा का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। यज्ञाधीश पूज्य गुरुदेव स्वामी रामदास जी महाराज के सानिध्य में निकली यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय भक्तों ने वेद भगवान की आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। वेद भगवान के जयकारों और भक्ति भाव से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।

वेद यात्रा के माध्यम से शहरवासियों को आगामी 12 से 22 दिसंबर तक शास्त्रीपुरम में आयोजित होने जा रहे चतुर्वेद विश्व कल्याणात्मक 2151 कुंडीय महामृत्युंजय मां पीतांबरा महायज्ञ के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया गया। श्रद्धालुओं से इस विराट धार्मिक अनुष्ठान में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया गया। यात्रा के संयोजक राजेश चतुर्वेदी एवं उनकी टीम रही।

पूज्य स्वामी रामदास जी महाराज के मार्गदर्शन में होने वाले इस महायज्ञ का उद्देश्य धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने के साथ आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और विश्व कल्याण की भावना को प्रोत्साहित करना है। महायज्ञ के प्रचार-प्रसार के लिए आगामी दिनों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भी वेद यात्राएं निकाली जाएंगी।

300 बीघा में आकार ले रही भव्य यज्ञनगरी

शास्त्रीपुरम में प्रेम जेसीबी के पास लगभग 300 बीघा भूमि पर महायज्ञ के लिए विशाल यज्ञनगरी तैयार की जा रही है। लगभग 3.60 लाख वर्गफीट में यज्ञशाला का निर्माण हो रहा है। यहां 2151 हवन कुंडों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नौ दिनों तक आहुतियां अर्पित की जाएंगी। आयोजन में प्रतिदिन 151 मुख्य यजमान बैठेंगे। प्रत्येक कुंड पर पांच लोगों के बैठने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। नौ दिनों में पांच करोड़ आहुतियां देने का संकल्प लिया गया है।

यज्ञस्थल पर 60 आचार्य छप्पर की कुटियाओं में रहकर प्रतिदिन वेदपाठ और साधना कर रहे हैं। परिसर में अखंड रामनाम संकीर्तन भी जारी है। आयोजन को घर-घर तक पहुंचाने के लिए अब तक करीब 10 हजार कलश वितरित किए जा चुके हैं। एक लाख कलश वितरण का लक्ष्य रखा गया है। श्रद्धालु इन अभिमंत्रित कलशों को अपने घरों में स्थापित करेंगे और बाद में कलश यात्रा के माध्यम से यज्ञस्थल तक पहुंचाएंगे।

12 दिसंबर से शुरू होंगे अनुष्ठान

महायज्ञ के कार्यक्रमों के अंतर्गत 12 दिसंबर को सामूहिक उपनयन संस्कार, 13 दिसंबर को मातृशक्ति की विशाल कलश शोभायात्रा और 14 दिसंबर को पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश, वेदी पूजन एवं अरणी मंथन से अग्नि प्राकट्य होगा। 15 से 20 दिसंबर तक प्रतिदिन महाहवन होगा। 21 दिसंबर को पूर्णाहुति और 22 दिसंबर को विशाल भंडारे के साथ आचार्य विदाई होगी।

ये रहे उपस्थित

वेद यात्रा में आचार्य अनूप, आचार्य सुमित कृष्ण चतुर्वेदी, डॉ. रजनीश त्यागी, प्रमोद शिवहरे, संतोष पाण्डेय, डॉ. हरेंद्र सिंह चौहान, गोविंद चौधरी, संतोष सिकरवार, महेंद्र रघुवंशी, अरविंद गुप्ता, मनोज जादौन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।