महज 20 साल की उम्र में किमी एंटोनेली ने रचा इतिहास, बने फॉर्मूला-1 के सबसे युवा विश्व चैंपियन; वेटेल का 16 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
मेक्सिको सिटी। इटली के 20 वर्षीय रेसिंग ड्राइवर किमी एंटोनेली ने फॉर्मूला-1 की दुनिया में नया इतिहास रच दिया है। मर्सिडीज के इस युवा ड्राइवर ने मेक्सिको सिटी ग्रां प्री में तीसरा स्थान हासिल करके 2026 का ड्राइवर्स वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब अपने नाम कर लिया। 20 साल और 68 दिन की उम्र में विश्व चैंपियन बनने के साथ ही वह फॉर्मूला-1 के इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के ड्राइवर बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी के सेबेस्टियन वेटेल का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
मेक्सिको सिटी के ऑटोड्रोमो हरमनोस रोड्रिगेज सर्किट पर आयोजित 71 लैप की इस रेस में एंटोनेली को खिताब पक्का करने के लिए नौवें स्थान पर रहना भी पर्याप्त था। वह चौथे स्थान से रेस में उतरे और शानदार ड्राइविंग करते हुए तीसरे स्थान तक पहुंचे। इस तरह उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों लुईस हैमिल्टन और टीम के साथी जॉर्ज रसेल के प्रदर्शन पर निर्भर हुए बिना चैंपियनशिप जीत ली। मौजूदा सत्र में चार रेस बाकी रहते ही खिताब का फैसला हो गया।
इस रेस में रेड बुल के मैक्स वेरस्टैपेन ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि फेरारी के लुईस हैमिल्टन दूसरे स्थान पर रहे। वेरस्टैपेन ने हैमिल्टन को महज 0.799 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़कर रेस जीती। एंटोनेली ने विजेता से 4.006 सेकंड पीछे रहते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।
मुकाबला कई बार दुर्घटनाओं और रुकावटों के कारण प्रभावित हुआ। कैडिलैक के वाल्टेरी बोटास की कार का सस्पेंशन फेल होने से वह दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इसके बाद रेस को रेड फ्लैग दिखाकर रोकना पड़ा और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के बाद दोबारा शुरू किया गया। अंतिम चरण में एक अन्य दुर्घटना के कारण सेफ्टी कार भी मैदान में आई। इन परिस्थितियों के बावजूद एंटोनेली ने अपना संयम बनाए रखा और पोडियम फिनिश के साथ खिताब सुनिश्चित किया।
इस उपलब्धि के साथ एंटोनेली ने फॉर्मूला-1 में सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड सेबेस्टियन वेटेल के नाम था, जिन्होंने 2010 में 23 साल और 134 दिन की उम्र में पहला खिताब जीता था। एंटोनेली इस खिताब को जीतने वाले इटली के पहले ड्राइवर भी हैं, जिन्होंने अल्बर्टो अस्कारी के 1953 के बाद देश को यह गौरव दिलाया है।
मर्सिडीज के लिए भी यह जीत खास है। एंटोनेली ने अपने फॉर्मूला-1 करियर के दूसरे ही सत्र में विश्व चैंपियनशिप जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। खिताब पक्का होने के बाद उन्होंने टीम, परिवार और समर्थकों का आभार जताया। उनके लिए यह जीत बचपन से देखे गए सपने के सच होने जैसी है।
अब फॉर्मूला-1 का अगला पड़ाव ब्राजील होगा, जहां 6 से 8 नवंबर के बीच साओ पाउलो ग्रां प्री आयोजित की जाएगी। एंटोनेली व्यक्तिगत चैंपियनशिप जीत चुके हैं, जबकि कंस्ट्रक्टर्स चैंपियनशिप की दौड़ में मर्सिडीज और फेरारी के बीच मुकाबला जारी है।