एसआईआर विरोध में शामिल होने पर अभिनेता इमरान खान को हाईकोर्ट की फटकार, बिना शर्त मांगी माफी, सात दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नाराजगी का सामना करना पड़ा। अमेरिकी नागरिक और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक इमरान ने अदालत में बिना शर्त माफी मांगी और भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने का आश्वासन दिया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के 'लीव इंडिया नोटिस' पर लगी अंतरिम रोक जारी रखते हुए उन्हें फिलहाल भारत में रहने की राहत दी है। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।

Nov 3, 2026 - 08:43
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एसआईआर विरोध में शामिल होने पर अभिनेता इमरान खान को हाईकोर्ट की फटकार, बिना शर्त मांगी माफी, सात दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

प्रदर्शन में शामिल होने पर जारी हुआ था भारत छोड़ने का नोटिस

इमरान खान 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस दौरान मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। प्रदर्शन से जुड़े मामले में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

इसके बाद विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) ने 14 अक्टूबर को उन्हें 'लीव इंडिया नोटिस' जारी कर दो सप्ताह में भारत छोड़ने का निर्देश दिया था। इमरान ने इस नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। 28 अक्टूबर को अदालत ने नोटिस पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई 2 नवंबर को निर्धारित की थी।

ओसीआई कार्डधारक के अधिकारों पर अदालत ने उठाए सवाल

2 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने सुनवाई के दौरान इमरान के ओसीआई दर्जे पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि ओसीआई कार्डधारक भारतीय नागरिक नहीं होते और उन्हें भारतीय नागरिकों के समान अधिकार प्राप्त नहीं हैं।

पीठ ने पूछा कि जब इमरान का एसआईआर प्रक्रिया से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और वह इससे प्रभावित भी नहीं हैं, तो उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की क्या जरूरत थी? अदालत ने यह भी सवाल किया कि यदि कोई भारतीय नागरिक अमेरिका में जाकर वहां की राजनीतिक गतिविधियों में इसी तरह शामिल हो, तो क्या उसे स्वीकार किया जाएगा?

केंद्र ने बताया सोशल मीडिया पोस्ट को भड़काने वाला

केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने इमरान की याचिका का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि अभिनेता की सोशल मीडिया पोस्ट लोगों को उकसाने वाली थीं। केंद्र ने कहा कि ओसीआई कार्डधारक होने से किसी विदेशी नागरिक को भारत में राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार नहीं मिल जाता। सरकार को विदेशी नागरिक को भारत से बाहर भेजने का अधिकार प्राप्त है।

वहीं, इमरान के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने कहा कि अभिनेता का प्रदर्शन के आयोजकों से कोई संबंध नहीं था। वह केवल उत्सुकतावश वहां पहुंचे थे। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि इमरान दो वर्ष की उम्र से भारत में रह रहे हैं। उन्होंने यहीं शिक्षा प्राप्त की, फिल्म उद्योग में काम किया और उनका परिवार भी भारत में है।

अदालत के निर्देश पर इमरान ने मांगी माफी

सुनवाई के दौरान इमरान की ओर से भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन दिया गया। हालांकि, अदालत ने इसे पर्याप्त नहीं माना और बिना शर्त माफी मांगने को कहा।

इसके बाद इमरान की ओर से अदालत में माफी प्रस्तुत की गई। पीठ ने उनकी माफी और भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों से दूर रहने के आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया।

एपआरआरओ के निर्णय तक जारी रहेगी अंतरिम राहत

हाईकोर्ट ने 'लीव इंडिया नोटिस' पर लगी अंतरिम रोक जारी रखने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इमरान को नोटिस का जवाब देने का अवसर मिलने और एफआरआरओ के निर्णय तक यह राहत प्रभावी रहेगी।

केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का अवसर दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है। इमरान खान की याचिका पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

SP_Singh AURGURU Editor