क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा, 23 साल के ऐतिहासिक सफर का अंत; पुर्तगाल के लिए बनाए 146 गोल
लिस्बन। दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 41 वर्षीय रोनाल्डो के इस फैसले के साथ पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए उनका 23 साल लंबा सफर समाप्त हो गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी। रोनाल्डो ने कहा कि अब राष्ट्रीय टीम की सात नंबर की जर्सी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। हालांकि, वह क्लब स्तर पर फुटबॉल खेलना जारी रखेंगे।
234 मैच और 146 गोल का विश्व रिकॉर्ड
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अगस्त 2003 में पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार दो दशक से अधिक समय तक विश्व फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बनाई। पुर्तगाल की ओर से उन्होंने कुल 234 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और 146 गोल किए। पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वाधिक मैच खेलने और सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
रोनाल्डो ने अपने करियर में छह फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया। वह छह अलग-अलग विश्व कप में गोल करने वाले दुनिया के पहले पुरुष फुटबॉलर बने। 2026 के विश्व कप में भी उन्होंने तीन गोल किए। इस तरह विश्व कप में उनके गोलों की संख्या 11 हो गई। वह यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप में भी सर्वाधिक 30 मैच खेलने और 14 गोल करने का रिकॉर्ड रखते हैं।
पुर्तगाल को दिलाई पहली यूरोपीय चैंपियनशिप
रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2016 की यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप का खिताब शामिल है। फ्रांस में आयोजित इस टूर्नामेंट के फाइनल में पुर्तगाल ने मेजबान फ्रांस को 1-0 से हराकर पहली बार यूरो कप जीता था। फाइनल मुकाबले में चोट के कारण रोनाल्डो को मैदान छोड़ना पड़ा था, लेकिन कप्तान के रूप में उन्होंने टीम का उत्साह बढ़ाया।
इसके बाद पुर्तगाल ने 2019 और 2025 में यूईएफए नेशंस लीग का खिताब भी अपने नाम किया। इन दोनों सफलताओं में रोनाल्डो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में पुर्तगाल ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी स्थिति मजबूत की।
सोशल मीडिया पर भावुक संदेश
संन्यास की घोषणा करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि पुर्तगाल की सात नंबर की जर्सी लौटाने का समय आ गया है। 23 वर्षों तक इस जर्सी को पहनना, उसका बचाव करना और दुनिया के विभिन्न स्टेडियमों में देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान और जिम्मेदारी की बात रही।
उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था। कुछ फैसले केवल दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से भी लिए जाते हैं। उन्होंने अपने परिवार, साथी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, सहयोगियों और पुर्तगाल के समर्थकों का आभार जताया।
रोनाल्डो ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान हासिल करना रहा। उन्होंने कहा कि पुर्तगाल हमेशा उनके व्यक्तित्व और जीवन का हिस्सा रहेगा।
कोच से मतभेद के बाद संन्यास की घोषणा
रोनाल्डो के संन्यास की घोषणा से पहले पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम में उनके और मुख्य कोच जॉर्ज जीसस के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं। सितंबर 2026 में नेशंस लीग के मुकाबलों के दौरान टीम प्रबंधन के साथ उनका विवाद हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक, एक मैच में टीम की शुरुआती एकादश में शामिल नहीं किए जाने और कोच के साथ मतभेद के बाद रोनाल्डो टीम का प्रशिक्षण शिविर छोड़कर चले गए थे।
बाद में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और राष्ट्रीय टीम के लिए उपलब्ध रहने की बात कही थी। पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ ने इस मामले में उन पर 30 दिन का निलंबन भी लगाया था। हालांकि, कोच ने उनकी वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया था।
अल नासर के लिए खेलना जारी रखेंगे
राष्ट्रीय टीम से संन्यास लेने के बावजूद रोनाल्डो का क्लब फुटबॉल करियर जारी रहेगा। वह सऊदी अरब के अल नासर क्लब से जुड़े हैं। उनके क्लब के साथ जून 2027 तक अनुबंध होने की जानकारी एएफपी ने दी है।
रोनाल्डो अपने करियर में 1000 गोल का आंकड़ा छूने के लक्ष्य के भी करीब हैं। एसोसिएटेड प्रेस की 5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, उनके कुल करियर गोलों की संख्या 985 थी, जिनमें पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए किए गए 146 गोल भी शामिल हैं।
पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ करेगा सम्मान समारोह
रोनाल्डो के संन्यास की घोषणा के बाद पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ ने उनके योगदान के प्रति आभार जताया। महासंघ ने उन्हें असाधारण खिलाड़ी, प्रेरणादायक कप्तान और राष्ट्रीय टीम की पहचान बताया। महासंघ ने यह भी कहा है कि उनके सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के प्रशंसकों को एक बार फिर अपने महान खिलाड़ी का अभिनंदन करने का अवसर मिलेगा।
रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने पुर्तगाल को यूरोपीय फुटबॉल की शीर्ष टीमों में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। अब उनकी सात नंबर की जर्सी किसी नए खिलाड़ी के कंधों पर होगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में बनाए गए उनके रिकॉर्ड और उपलब्धियां लंबे समय तक याद की जाएंगी।