चुनाव से पहले शिक्षकों की 30 मांगें पूरी करे योगी सरकार, आगरा में औटा ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

आगरा। उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर योगी सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के आह्वान पर गुरुवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आगरा में आगरा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) के नेतृत्व में शिक्षकों ने 30 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा। शिक्षकों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले वर्षों से लंबित मांगों का समाधान कराने की अपील करते हुए चेतावनी भरे अंदाज में शासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

Nov 5, 2026 - 21:31
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चुनाव से पहले शिक्षकों की 30 मांगें पूरी करे योगी सरकार, आगरा में औटा ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन देने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचे शिक्षकगण।

प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत पांच नवंबर को दोपहर 12 बजे प्रदेश के सभी जनपदों में जिलाधिकारी कार्यालयों पर ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। इसी क्रम में आगरा में शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। शासन स्तर पर इनका समाधान नहीं होने से शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने 30 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका शीघ्र निस्तारण कराने की मांग उठाई।

उपजिलाधिकारी ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वासन दिया कि इसे मुख्यमंत्री तक प्रेषित किया जाएगा। शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मांगों को पूरा कराने की दिशा में प्रभावी निर्णय लेंगे।

शिक्षकों का कहना था कि उनकी मांगों का समाधान केवल शिक्षक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत होगी तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने शासन से शिक्षकों की जायज मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में औटा अध्यक्ष प्रो. पुष्पेंद्र सिंह, महामंत्री प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. गौरव कौशिक, प्रो. विक्रम सिंह, डॉ. दिग्विजय पाल सिंह, फुपुक्टा के जोनल सचिव प्रो. शिवकुमार सिंह, प्रो. अनुराग पालीवाल, प्रो. उमेश कुमार, प्रो. रिजु निगम, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. पी.के. दीक्षित, डॉ. अचिंत वर्मा, प्रो. सुरेखा तोमर, डॉ. शैलेंद्र कुमार, प्रो. मधु चौधरी, डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. केशव सिंह, डॉ. अविनाश जैन, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. चेतन गौतम तथा डॉ. रवींद्र प्रताप सिंह सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे।

शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि सरकार को 30 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को राहत और न्याय देना चाहिए।

SP_Singh AURGURU Editor