आईएमए अध्यक्ष बनने पर डॉ. हरेंद्र गुप्ता को यमुना भक्तों ने सराहा, संरक्षण अभियान में चिकित्सकों की भागीदारी की उम्मीद
आगरा। यमुना संरक्षण की मुहिम को चिकित्सा जगत से जोड़ने की पहल के तहत रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), आगरा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र गुप्ता का यमुना आरती स्थल पर सम्मान किया। यमुना भक्तों ने उनके पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में आगरा का चिकित्सक समुदाय यमुना की अविरल धारा और पुनर्जीवन के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
सम्मान समारोह में चतुर्भुज तिवारी ने माल्यार्पण कर डॉ. हरेंद्र गुप्ता का अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने उन्हें गुलाब के फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. गुप्ता का आईएमए अध्यक्ष निर्वाचित होना चिकित्सा जगत के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े लोगों के लिए भी खुशी का अवसर है।
वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सकों की सामाजिक जिम्मेदारी केवल मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं है। नदी, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की रक्षा में भी चिकित्सा समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। यमुना का प्रदूषण सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। ऐसे में चिकित्सकों की भागीदारी नदी संरक्षण के अभियान को व्यापक आधार दे सकती है।
इस अवसर पर डॉ. मुकुल पंड्या, पद्मिनी अय्यर, राहुल, दीपक राजपूत, शहतोष गौतम, निधि पाठक, रंजन शर्मा, मुकेश चौधरी और गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने भी डॉ. गुप्ता को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह के दौरान भेजे गए शुभकामना संदेश में डॉ. हरेंद्र गुप्ता के यमुना संरक्षण के प्रति समर्पण और उनके संघर्ष को याद किया गया। संदेश में कहा गया कि मां यमुना की सेवा के लिए उन्होंने रेत समाधि से लेकर नंगे पांव रहकर जो त्याग और तपस्या की है, उसके लिए यमुना भक्त सदैव उनके ऋणी रहेंगे।
संदेश में यह भी कहा गया कि आईएमए अध्यक्ष का दायित्व मिलने से डॉ. गुप्ता ने पूरी यमुना रिवर टीम का मान बढ़ाया है और सभी को गौरवान्वित किया है।
रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने विश्वास जताया कि डॉ. गुप्ता अपने नए दायित्व के साथ यमुना संरक्षण की मुहिम को भी नई ऊर्जा देंगे। उन्होंने कामना की कि मां यमुना की कृपा उन पर सदैव बनी रहे और उनके नेतृत्व में चिकित्सक समुदाय नदी को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के प्रयासों में सहयोगी बने।