रामनगरी में दीपोत्सव का आगाज, सरयू तट पर शुरू हुआ रोशनी और रंगों का उत्सव, आज परखी जाएंगी मुख्य आयोजन की तैयारियां
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में पांच दिवसीय दीपोत्सव का गुरुवार को शुभारंभ हो गया। भगवान श्रीराम की नगरी में धार्मिक उल्लास के बीच सांस्कृतिक गतिविधियों और आधुनिक तकनीक से जुड़े आयोजनों ने उत्सव का माहौल बना दिया। सरयू तट की राम की पैड़ी पर मल्टीमीडिया और लेजर शो के दो ट्रायल आयोजित किए गए। इसके साथ ही दीपोत्सव की मुख्य संध्या के लिए तैयार की जा रही विशेष प्रस्तुतियों का परीक्षण भी शुरू हो गया।
इस बार अयोध्या का दीपोत्सव केवल दीपों की रोशनी तक सीमित नहीं रहने वाला है। रामायण के प्रसंगों को आधुनिक दृश्य तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की तैयारियों के तहत राम की पैड़ी पर पानी के बीच विशेष मंच तैयार किया गया है। यहां कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ प्रकाश, ध्वनि और डिजिटल दृश्यों के जरिए भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी की कथा दिखाई जाएगी।
56 घाटों पर दीप सजाने का काम जारी
दीपोत्सव की सबसे बड़ी तस्वीर सरयू के तट पर दिखाई देगी। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर दीप सजाने का काम चल रहा है। हजारों स्वयंसेवक और आयोजन से जुड़े कर्मचारी घाटों पर निर्धारित स्थानों पर दीपों को व्यवस्थित करने में जुटे हैं। इस वर्ष आयोजन में लगभग 30 लाख दीपों के प्रज्ज्वलन की तैयारी की गई है। मुख्य दीपोत्सव 7 नवंबर को होगा।
घाटों की सजावट के साथ अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों और मार्गों को भी रोशनी तथा फूलों से सजाया जा रहा है। रामकथा से जुड़े प्रसंगों को दर्शाने वाली सजावट के जरिए श्रद्धालुओं को त्रेतायुग की अयोध्या का अनुभव कराने का प्रयास किया जा रहा है।
100 से अधिक कलाकार प्रस्तुत करेंगे रामकथा
इस वर्ष राम की पैड़ी पर आयोजित होने वाली विशेष प्रस्तुति में 100 से अधिक लोक और शास्त्रीय कलाकार हिस्सा लेंगे। करीब 28 मिनट के कार्यक्रम में नृत्य, संगीत, हिंदी कथावाचन, लेजर प्रभाव और 2डी-3डी प्रोजेक्शन का इस्तेमाल किया जाएगा। पानी के बीच बने फ्लोटिंग मंच और एरियल एक्ट के जरिए रामायण के प्रसंगों को अलग अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।
आयोजन में तकनीक का एक और नया प्रयोग देखने को मिलेगा। ऑगमेंटेड रियलिटी यानी एआर सुविधा के माध्यम से श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन पर रामायण के पांच प्रमुख प्रसंगों के त्रिआयामी दृश्य देख सकेंगे। इसके लिए राम की पैड़ी क्षेत्र में विशेष व्यवस्था की जा रही है।
आज होगी मुख्य प्रस्तुति की अंतिम तैयारी
शुक्रवार, 6 नवंबर को राम की पैड़ी पर मुख्य कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। इसमें कलाकारों की प्रस्तुति, मंच संचालन, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि और प्रोजेक्शन तकनीक को एक साथ परखा जाएगा। गुरुवार को हुए दोनों ट्रायल शो के अनुभव के आधार पर तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
राम की पैड़ी पर आठ मिनट का अलग लेजर शो और 20 मिनट का प्रोजेक्शन मैपिंग कार्यक्रम भी तैयार किया गया है। मुख्य प्रस्तुति के दौरान दर्शकों तक कार्यक्रम का दृश्य और ध्वनि प्रभाव पहुंचाने के लिए बड़ी एलईडी स्क्रीन और साउंड सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
7 नवंबर को होगा दीपोत्सव का मुख्य आयोजन
शनिवार, 7 नवंबर को दीपोत्सव की मुख्य संध्या आयोजित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम का राजतिलक कार्यक्रम होगा। इसके बाद राम की पैड़ी और सरयू के विभिन्न घाटों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। सरयू तट पर सामूहिक महाआरती भी आयोजित होगी।
मुख्य आयोजन में 2100 स्वदेशी ड्रोन के माध्यम से आसमान में रामायण के प्रसंगों को प्रदर्शित करने की भी तैयारी है। इसके अतिरिक्त 8 नवंबर को दीपावली के दिन चार विशेष मल्टीमीडिया शो होंगे। 9 नवंबर को अयोध्या के निवासियों और पर्यटकों के लिए विशेष ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा।
पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल हैं। रामलीला और लोक कलाओं के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों की रामकथा परंपराओं को मंच मिलेगा। इस तरह अयोध्या का दीपोत्सव इस बार आस्था, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक तकनीक को एक साथ जोड़ने वाला आयोजन बन रहा है।