टीटीजेड में हरियाली के लिए किसानों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहन किया जाए, उद्योगों को बिजली सुविधा देने की मांग
आगरा। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर ताज ट्रेपेजियम क्षेत्र (टीटीजेड) में घटते वनावरण और ठहरते औद्योगिक विकास का मुद्दा मंडलायुक्त के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पर्यावरण मित्र के.सी. जैन तथा उद्योगपति पूरन डावर ने मंडलायुक्त नागेन्द्र प्रताप से भेंट कर कहा कि यदि ताज क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाना है तो किसानों और निजी भूमि स्वामियों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करना होगा। वहीं उद्योगों को बिजली कनेक्शन और लोड वृद्धि में आ रही बाधाओं को दूर किए बिना क्षेत्र का औद्योगिक विकास संभव नहीं है।
विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर हुई इस महत्वपूर्ण मुलाकात में पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। पर्यावरण मित्र के.सी. जैन ने कहा कि टीटीजेड क्षेत्र में किसान और निजी भूमि स्वामी वृक्षारोपण से बच रहे हैं। इसका प्रमुख कारण पेड़ों के कटान के लिए भविष्य में सर्वोच्च न्यायालय से अनुमति लेने की जटिल प्रक्रिया तथा एक वृक्ष काटने पर दस वृक्ष लगाने जैसी शर्तें हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था लोगों को वृक्ष लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के बजाय हतोत्साहित कर रही है। यदि ताज ट्रेपेजियम क्षेत्र में वास्तव में हरित आवरण बढ़ाना है तो किसानों और भूमि स्वामियों को सरल प्रक्रियाएं, स्पष्ट नियम और सकारात्मक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। जब तक वृक्षारोपण को लाभकारी और सहज नहीं बनाया जाएगा, तब तक वनावरण बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करना कठिन होगा।
के.सी. जैन ने सुझाव दिया कि सरकार और प्रशासन को विशेष अभियान चलाकर किसानों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों को आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो सकता है।
बैठक में उद्योगपति पूरन डावर ने ताज ट्रेपेजियम क्षेत्र में औद्योगिक विकास की चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लगभग 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैले टीटीजेड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। नए उद्योगों को बिजली कनेक्शन प्राप्त करने और स्थापित इकाइयों को विद्युत भार बढ़ाने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि विद्युत सुविधाओं से जुड़ी इन बाधाओं के कारण अनेक उद्यमी नए निवेश से पीछे हट रहे हैं तथा कई उद्योग अन्य क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर रोजगार, श्रमिकों की आजीविका और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो टीटीजेड क्षेत्र की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और कमजोर हो सकती है।
मंडलायुक्त नागेन्द्र प्रताप ने दोनों पक्षों द्वारा रखे गए सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इन विषयों पर संबंधित विभागों के साथ आवश्यक स्तर पर विचार-विमर्श कर सकारात्मक पहल की जाएगी।
बैठक के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ताज क्षेत्र में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने, किसानों और नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने तथा हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित करने का भी सुझाव दिया गया।
मुलाकात के अंत में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पर्यावरण मित्र के.सी. जैन तथा उद्योगपति पूरन डावर ने मंडलायुक्त नागेन्द्र प्रताप को दुर्लभ और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण अंकोल (अंकोल) का पौधा भेंट कर ताज क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने का संदेश दिया।