केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग पर जाट समाज का ‘आर-पार’ का ऐलान, आगरा में बनी आंदोलन की रणनीति
आगरा में जाट महासभा की वृहद बैठक में केंद्रीय सेवाओं में जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला लिया गया। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद अकोला व किरावली में बड़ी जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। आंदोलन के संचालन के लिए 51 सदस्यीय केंद्रीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति गठित करने की तैयारी है।
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन से होगी शुरुआत, अकोला और किरावली में होंगी बड़ी जनसभाएं; 51 सदस्यीय केंद्रीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के गठन का फैसला
आगरा, 17 सितंबर। केंद्रीय सेवाओं में जाट समुदाय को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर आगरा में जाट समाज ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। होटल उदय राज पैलेस में अखिल भारतीय जाट महासभा की ओर से आयोजित वृहद बैठक में समाज के पदाधिकारियों और प्रमुख लोगों ने आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार से अपना वादा पूरा करने की मांग उठाई। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग को लेकर चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जाट महासभा के जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2000 में लंबे आंदोलन के बाद जाट समुदाय को राज्य की प्रांतीय सेवाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में शामिल किया गया था। हालांकि, केंद्रीय सेवाओं में जाट समुदाय को आरक्षण दिए जाने का मुद्दा अभी भी लंबित है। महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन वर्ष 2015 से लगातार केंद्रीय सेवाओं में जाट आरक्षण की मांग उठाता आ रहा है।
2014 में मिला था केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण
बैठक में जाट महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि मार्च 2014 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह के प्रयासों के बाद केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने देशभर के जाट समुदाय को केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया था। हालांकि, वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इस आरक्षण को निरस्त कर दिया। जाट महासभा का आरोप है कि इसके बाद केंद्र की एनडीए सरकार से लगातार आरक्षण बहाल करने की मांग की जाती रही, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। महासभा के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं से जाट समाज के प्रतिनिधिमंडल कई बार मुलाकात कर चुके हैं और आरक्षण बहाल करने का आश्वासन भी मिला, लेकिन समाज के युवाओं को अब तक इसका लाभ नहीं मिल सका।
‘वादा पूरा कराने के लिए होगा बड़ा आंदोलन’
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग को अब केवल ज्ञापन और मुलाकातों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। जाट समाज ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की है। सबसे पहले आगरा कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया। इसके बाद अकोला और किरावली क्षेत्र में बड़ी जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इन सभाओं में देश के प्रमुख जाट नेताओं के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के उन नेताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा, जो जाट आरक्षण की मांग का समर्थन करते हैं। महासभा के पदाधिकारियों के अनुसार, आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने के लिए 51 सदस्यीय केंद्रीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा। समिति आंदोलन की आगामी रणनीति और कार्यक्रमों का संचालन करेगी।
‘इस बार आर-पार की लड़ाई होगी’
जाट महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुंवर शैलराज सिंह एडवोकेट ने कहा कि इस बार आरक्षण के मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही 51 सदस्यीय केंद्रीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का गठन कर आंदोलन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज लंबे समय से केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग कर रहा है। समाज के युवाओं में इस मुद्दे को लेकर लगातार असंतोष है और अब आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने की तैयारी की जा रही है।
न्याय पंचायत स्तर तक आंदोलन पहुंचाने की तैयारी
पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशपाल राणा, किसान नेता मोहन सिंह चाहर, बीरपाल सिंह प्रधान और राजवीर सिंह पूर्व प्रधान ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने जाट समाज के लोगों से आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की। साथ ही कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर छोटी-छोटी सभाएं आयोजित कर आरक्षण के मुद्दे पर समाज को एकजुट किया जाएगा और आगामी आंदोलन के लिए माहौल तैयार किया जाएगा। जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग जाट समाज के युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों और संगठनों को एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया। बैठक का संचालन महासभा के महामंत्री वीरेंद्र सिंह छोंकर ने किया।
वृहद बैठक में जाट महासभा के मंडल अध्यक्ष मेघराज सोलंकी, किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह, युवा जाट महासभा के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह वर्मा एडवोकेट, युवा जाट महासभा के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, पूर्व उप प्रमुख भूदेव सिंह सोगरवाल, जाट महासभा के उपाध्यक्ष चौधरी नवल सिंह, प्रमेन्द्र फौजदार, निर्मल चाहर, तोरन सिंह चाहर, कुशल पाल सिंह नादऊ, आलोक चौधरी, सतपाल सिंह जूरैल, भरत सिंह चाहर, राहुल जूरैल, सतवीर रावत, सुखवीर सिंह राणा, विनीत छोंकर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।