ऊपर 500 का नोट-अंदर कोरे कागज, चांदी के सौदे में ठगी का शातिर खेल, दो ठग गिरफ्तार

न्यू आगरा पुलिस ने चांदी व्यापारियों को असली भुगतान का झांसा देकर अप्रचलित नोट और कोरे कागज की गड्डियां थमाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 10.34 लाख रुपये के अप्रचलित नोट, 4 हजार रुपये की प्रचलित करेंसी, कार और दो मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले चांदी का सौदा कर व्यापारियों का भरोसा जीतते थे और माल लेने के बाद 500 रुपये के असली नोट लगी गड्डी देकर फरार हो जाते थे। गिरोह के दो अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

Sep 29, 2026 - 20:13
 0
ऊपर 500 का नोट-अंदर कोरे कागज, चांदी के सौदे में ठगी का शातिर खेल, दो ठग गिरफ्तार
गिरफ्तार शातिर ठगों के बारे में जानकारी देते एसीपी हरीपर्वत।

न्यू आगरा पुलिस ने कार से चार संदिग्ध गड्डियां और मोबाइल किए बरामद, चांदी लेने के बाद व्यापारी को थमाते थे नकली रकम, फरीदाबाद और दिल्ली से जुड़े दो साथियों की तलाश

आगरा। चांदी के व्यापार में बड़ा भुगतान करने का झांसा देकर व्यापारियों को ठगने वाले गिरोह का न्यू आगरा थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अप्रचलित नोटों और कोरे कागज की गड्डियां तैयार कर चांदी व्यापारियों को असली रकम का झांसा देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 लाख 34 हजार 500 रुपये के अप्रचलित नोट, 4 हजार रुपये की प्रचलित करेंसी, एक कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह पहले चांदी का सौदा कर व्यापारियों का भरोसा जीतता था और माल हासिल करने के बाद भुगतान के नाम पर ऐसी गड्डियां थमा देता था, जिनके ऊपर और नीचे असली नोट लगाए जाते थे, जबकि बीच में कोरे कागज या अप्रचलित नोट भरे होते थे।

एक लाख की गड्डी खोलते ही खुला ठगी का राज

एसीपी हरीपर्वत बजरंग प्रसाद ने बताया कि 28 सितंबर को एक चांदी व्यापारी ने थाना न्यू आगरा में तहरीर देकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। व्यापारी का गोविंदपुरम, गाजियाबाद स्थित एक फर्म से चांदी का कारोबार होता था। वर्ष 2026 से उसका व्यापार अमन वर्मा और सचिन वर्मा के माध्यम से होने लगा था। व्यापारी के मुताबिक, कारोबार के दौरान चांदी की सप्लाई होती रही, लेकिन करीब एक साल के व्यापार का भुगतान नहीं किया गया। जब उसने आरोपियों पर भुगतान के लिए दबाव बनाया तो दोनों ने उसे रकम देने के लिए भगवान टॉकीज के पास बुलाया।

व्यापारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने उसे कपड़े में सिली हुई करीब एक लाख रुपये की गड्डी दी। गड्डी एक स्थान से फटी हुई थी और उसके ऊपर 500 रुपये का असली नोट दिखाई दे रहा था। आरोपियों के वहां से चले जाने के बाद व्यापारी ने जब गड्डी को खोलकर देखा तो उसके होश उड़ गए। गड्डी के अंदर केवल एक असली नोट था, जबकि बाकी रकम की जगह सफेद कागज भरे हुए थे। इसके बाद व्यापारी को अपने साथ हुई ठगी का पता चला और उसने पुलिस से शिकायत की।

मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने बिछाया जाल

शिकायत के आधार पर न्यू आगरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। 29 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम बहादुर चौराहे के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन वर्मा पुत्र सरवन वर्मा, निवासी आकाश नगर, गोविंदपुरम, गाजियाबाद और सचिन वर्मा पुत्र विक्कल वर्मा, निवासी शांति नगर, दिल्ली के रूप में हुई है।

पहले भरोसा, फिर चांदी और आखिर में कागज की गड्डी

पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने ठगी करने का तरीका बताया। वे चांदी खरीदने का सौदा करते थे और शुरुआत में कुछ रकम असली देकर व्यापारी का भरोसा जीत लेते थे। जब व्यापारी को उन पर विश्वास हो जाता और चांदी की बड़ी खेप या माल उनके हाथ लग जाता तो भुगतान के समय असली रकम की जगह तैयार की गई गड्डियां थमा देते थे। इन गड्डियों के ऊपर 500 रुपये के असली नोट लगाए जाते थे, जिससे पहली नजर में गड्डी असली रकम जैसी दिखाई देती थी। अंदर अप्रचलित नोट अथवा कोरे कागज भरे रहते थे। गड्डी को कपड़े में सिलकर इस तरह तैयार किया जाता था कि व्यापारी को तत्काल उसकी असलियत का पता न चल सके।

कार से मिलीं चार संदिग्ध गड्डियां

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार भी बरामद की है। तलाशी के दौरान कार से चार ऐसी गड्डियां मिलीं, जिन पर 500 रुपये के असली नोट लगे हुए थे। इसके अलावा 10 लाख 34 हजार 500 रुपये के अप्रचलित नोट, 4 हजार रुपये की प्रचलित करेंसी और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि आरोपियों ने अब तक कितने व्यापारियों को इसी तरीके से अपना शिकार बनाया है और उनसे कितनी रकम अथवा चांदी की ठगी की गई है।

दो अन्य साथी भी गिरोह में शामिल

पूछताछ में दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार हरेंद्र निवासी फरीदाबाद और अनस आरोपियों को पुराने यानी अप्रचलित नोट उपलब्ध कराते थे। पुलिस अब दोनों की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अप्रचलित नोट और ठगी में इस्तेमाल होने वाली गड्डियों की व्यवस्था कहां से की जाती थी। न्यू आगरा पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के पूरे नेटवर्क और अब तक की गई ठगी की घटनाओं के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।