आगरा एमएलसी चुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, पंकज चौधरी बोले-‘पहला चुनाव, मेरी प्रतिष्ठा भी दांव पर’
आगरा खंड शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा ने शनिवार को शक्ति प्रदर्शन के साथ दोनों प्रत्याशियों का नामांकन कराया। प्रतापपुरा के मैरिज होम में 12 जिलों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि जुटे, जहां प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं से दोनों सीटों पर पूरी ताकत लगाने को कहा। शिक्षक सीट पर भाजपा ने पूर्व PWD इंजीनियर और कर्मचारी नेता हरि किशोर तिवारी को मैदान में उतारा है, जबकि स्नातक सीट पर मौजूदा एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह को दोबारा टिकट दिया है। 2020 में हरि किशोर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में स्नातक चुनाव लड़कर तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि मानवेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव जीता था।
12 जिलों के पदाधिकारी-सांसद-विधायक जुटे, शिक्षक सीट पर हरि किशोर तिवारी तो स्नातक में मानवेंद्र प्रताप सिंह पर भरोसा, 2027 को लेकर पंकज चौधरी ने सपा पर साधा निशाना
आगरा। आगरा खंड शिक्षक और स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में प्रत्याशियों के नामांकन से पहले भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। प्रतापपुरा स्थित मैरिज होम में आयोजित कार्यक्रम में आगरा खंड के अंतर्गत आने वाले 12 जिलों के भाजपा पदाधिकारी, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि जुटे। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति और बूथ स्तर तक सक्रियता का मंत्र दिया।
इसके बाद भाजपा के शिक्षक सीट के प्रत्याशी इंजी. हरि किशोर तिवारी और स्नातक सीट के प्रत्याशी डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं का लंबा काफिला नजर आया। वाहनों की लंबी कतार और जुलूस के रूप में कार्यकर्ता करीब दो किलोमीटर तक नजर आए।
‘मेरे प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहला चुनाव’
प्रतापपुरा के मैरिज होम में कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे हॉल को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि यह चुनाव संगठन के लिए महत्वपूर्ण है और सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर दोनों सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं की ताकत के दम पर आगे बढ़ी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जिस तरह पार्टी ने देश में लगातार सरकार बनाने में सफलता हासिल की है, उसके पीछे कार्यकर्ताओं की मेहनत है। पंकज चौधरी ने कहा, “मेरे प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला चुनाव होने जा रहा है। इसलिए इस चुनाव में मेरी मान-प्रतिष्ठा भी लगी हुई है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से दोनों प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्नातक सीट भाजपा जीतती रही है और इस बार शिक्षक सीट पर भी पार्टी को सफलता हासिल करने के लिए संगठन को एकजुट होकर काम करना है।
‘चुनाव छोटा है, लेकिन हार-जीत के मायने बड़े’
प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क करने को कहा। उन्होंने कहा कि चुनाव भले ही आकार में छोटा दिखाई दे, लेकिन राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से इसके मायने बड़े हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान में भी कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही निर्देश दिया कि कार्यकर्ता मतदाताओं के घर-घर जाएं और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए संगठन की नीतियों और प्रत्याशियों की बात पहुंचाएं।
2027 को लेकर पंकज चौधरी का अखिलेश पर पलटवार
कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद प्रेसवार्ता में पंकज चौधरी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भाजपा 2027 में एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के 2027 में सरकार बनाने के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए पंकज चौधरी ने कहा, “मुंगेरीलाल के सपने तो कोई भी देख सकता है।”
हरि किशोर तिवारी: कर्मचारी राजनीति से भाजपा के एमएलसी उम्मीदवार तक
भाजपा ने आगरा खंड शिक्षक सीट से इंजी. हरि किशोर तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। मूल रूप से इटावा के रहने वाले तिवारी लोक निर्माण विभाग (PWD) में इंजीनियर रहे हैं। उन्होंने 2020 के चुनाव से पहले सरकारी सेवा से वीआरएस लिया था। कर्मचारी संगठनों की राजनीति में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है और वे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। ताजा रिपोर्टों में भी उन्हें पीडब्ल्यूडी से सेवानिवृत्त इंजीनियर और भाजपा के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी के रूप में दर्ज किया गया है।
2020 में निर्दलीय लड़ चुके हैं स्नातक एमएलसी का चुनाव
हरि किशोर तिवारी का आगरा खंड के एमएलसी चुनाव से पुराना जुड़ाव रहा है। वर्ष 2020 में उन्होंने आगरा खंड स्नातक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में प्रथम वरीयता के मतों में उन्हें 19,020 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह आगे रहे और सपा के डॉ. असीम यादव दूसरे स्थान पर थे। बाद की मतगणना में दूसरी वरीयता के मतों के हस्तांतरण के बाद मानवेंद्र प्रताप सिंह विजयी हुए। अंतिम परिणाम में उन्हें 40,070 मत मिले, जबकि असीम यादव को 33,975 मत मिले।
इसके बाद हरि किशोर तिवारी के राजनीतिक सफर में भी बदलाव आया। वे 2021 में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे और 2024 में भाजपा में आ गए। इसके बाद वे भाजपा में सक्रिय रहे। अब पार्टी ने उन्हें शिक्षक एमएलसी सीट से उम्मीदवार बनाया है। 2026 की रिपोर्टों में भी उनके 2020 में भाजपा प्रत्याशी को चुनौती देने और अब भाजपा के टिकट पर शिक्षक सीट से मैदान में उतरने का उल्लेख है।
मानवेंद्र प्रताप सिंह पर फिर जताया भरोसा
भाजपा ने आगरा खंड स्नातक सीट पर अपने मौजूदा एमएलसी डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह को ही दोबारा प्रत्याशी बनाया है। मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले मानवेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 2020 में पहली बार इस सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। 2020 के चुनाव में उन्होंने सपा के डॉ. असीम यादव को हराकर स्नातक सीट पर कब्जा किया था। लंबी चली मतगणना और वरीयता मतों के हस्तांतरण के बाद उन्हें कुल 40,070 मत मिले थे, जबकि असीम यादव को 33,975 मत मिले थे। इस बार भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए स्नातक सीट से उम्मीदवार बनाया है। यानी पार्टी ने इस सीट पर मौजूदा चेहरे को ही आगे बढ़ाया है, जबकि शिक्षक सीट पर हरि किशोर तिवारी के जरिए नया समीकरण बनाया है।
नामांकन के दौरान दिखा संगठन का दम
प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम के बाद भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता दोनों प्रत्याशियों के नामांकन के लिए मंडलायुक्त कार्यालय की ओर रवाना हुए। वाहनों का लंबा काफिला नजर आया। पार्टी कार्यकर्ता जुलूस के रूप में नामांकन स्थल तक पहुंचे। आगरा खंड के दोनों एमएलसी चुनावों में भाजपा ने इस बार संगठन की पूरी ताकत झोंकने के संकेत दिए हैं। एक ओर स्नातक सीट पर मौजूदा एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह को दोबारा मैदान में उतारा गया है, वहीं शिक्षक सीट पर कर्मचारी राजनीति से जुड़े रहे हरि किशोर तिवारी को टिकट दिया गया है।
नामांकन के दौरान हुआ यह शक्ति प्रदर्शन अब आने वाले दिनों में दोनों सीटों पर चुनावी अभियान की दिशा तय करेगा। प्रदेश अध्यक्ष के सीधे कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क के आह्वान से साफ है कि भाजपा इस चुनाव को केवल औपचारिक चुनाव के तौर पर नहीं, बल्कि संगठन की सक्रियता और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी तैयारी के लिहाज से भी देख रही है।