आगरा में बिजली चोरी पर अब और कसेगा शिकंजा, 34% घटा लाइन लॉस
आगरा में बिजली चोरी और लाइन लॉस रोकने के लिए प्रशासन और विद्युत विभाग संयुक्त अभियान चलाएगा। यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष अगस्त की तुलना में लाइन लॉस में 34% और एटी एंड सी लॉस में 47% कमी आई है। हाई लॉस फीडरों को चिह्नित कर कटिया, मीटर छेड़छाड़ और बाईपास के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
कटिया-मीटर बाईपास करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा
आगरा। जिले में बिजली चोरी रोकने और विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और विद्युत विभाग अब संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाएगा। शनिवार को आयुक्त सभागार में यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में विद्युत व्यवस्था की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में लाइन लॉस कम करने, बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने, राजस्व वसूली बढ़ाने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में मनोज कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली सुधार को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप गांव से लेकर शहर तक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना, ट्रांसमिशन एवं वितरण व्यवस्था को मजबूत करना और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
पिछले साल के मुकाबले लाइन लॉस में 34 फीसदी कमी
समीक्षा के दौरान जिले में लाइन लॉस कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों और विद्युत राजस्व की स्थिति की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के बीच बेहतर समन्वय के चलते पिछले वर्ष अगस्त की तुलना में लाइन लॉस में 34 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं एटी एंड सी (Aggregate Technical and Commercial) लॉस में 47 प्रतिशत की कमी आई है। अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए प्रशासन स्तर से भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए दो एसडीएम के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर लगातार बिजली चोरी और अनियमित विद्युत उपयोग के मामलों की जांच कर रही हैं।
कटिया और मीटर बाईपास करने वालों पर कार्रवाई
बैठक में बिजली चोरी के तरीकों पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अवैध कटिया डालकर बिजली का उपयोग करने, मीटर से छेड़छाड़ करने अथवा मीटर को बाईपास कर विद्युत चोरी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाए। मनोज कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की संयुक्त प्रवर्तन टीमें लगातार सघन अभियान चलाएं। बिजली चोरी पाए जाने पर संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 135 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ नियमानुसार जुर्माने और अन्य कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हाई लॉस फीडरों को चिह्नित कर बनेगी कार्ययोजना
सीईओ ने अधिकारियों को जिले में ऐसे हाई लॉस फीडरों को चिह्नित करने के निर्देश दिए, जहां विद्युत हानि अपेक्षाकृत अधिक है। उन्होंने कहा कि केवल अभियान चलाने के बजाय प्रत्येक हाई लॉस फीडर के लिए प्रभावी और क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग रणनीति तैयार कर लाइन लॉस को और कम करने पर जोर दिया। संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी, बिजली चोरी की पहचान और राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
बिजली चोरी रोकने में प्रशासन और विभाग का संयुक्त अभियान
बैठक में स्पष्ट किया गया कि बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन और विद्युत विभाग के बीच समन्वय और मजबूत किया जाएगा। क्षेत्रवार कार्रवाई के साथ-साथ ऐसे स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां बिजली चोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। विद्युत विभाग की ओर से उपभोक्ताओं से अपील की गई कि वे बिजली का उपयोग केवल नियमानुसार और वैध कनेक्शन के माध्यम से ही करें। विभाग ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और चोरी के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बैठक में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल, मुख्य अभियंता विद्युत कपिल सिंधवानी सहित विद्युत विभाग और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।